ग़ज़ा में अस्पताल में धमाके को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसराइल के 'दावों' का किया समर्थन

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- Author, गैरेथ इवांस
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि ग़ज़ा के एक अस्पताल में हुए धमाके के पीछे फ़लस्तीनी चरमपंथियों का हाथ हो सकता है.
बुधवार को इसराइल के दौरे पर पहुंचे बाइडन ने इस घटना पर इसराइल के बयान का समर्थन किया.
इसराइल पहुंचने के बाद बाइडन ने कहा कि वो इस धमाके से काफी दुखी हैं और क्रोधित हैं.
इसराइली सेना का कहना है कि यह एक फ़लस्तीनी रॉकेट था जो निशाने पर गिरने में नाकाम रहा और अस्पताल पर गिरा, धमाका इसी कारण हुआ.
वहीं फ़लस्तीनी अधिकारियों ने कहा है कि इसराइल ने हवाई हमले में अस्पताल को निशाना बनाया है.
ग़ज़ा के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इस हमले में क़रीब 500 लोगों मारे गए हैं. हालांकि अब तक हताहतों की कुल संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
अस्पताल पर हमले का असर
कल ग़ज़ा के अस्पताल में हुए विस्फोट से मैं बहुत दुखी और क्रोधित हूं
बुधवार को जो बाइडन पहले इसराइल और फिर जॉर्डन का दौरा करने वाले थे. जॉर्डन में अरब देशों के राष्ट्राध्यक्षों से उनकी मुलाक़ात पहले से तय थी. बैठक में फ़लस्तीनी प्राधिकरण के अध्यक्ष महमूद अब्बास भी शामिल होने वाले थे.
मंगलवार शाम ग़ज़ा शहर में मौजूद अल-अहली अरब अस्पताल में हुए विस्फोट के बाद बाइडन की इस महत्वपूर्ण यात्रा पर ग्रहण लग गया. इस धमाके के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है. दुनिया के कई हिस्सों में इसके विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.
बाइडन जब बुधवार को तेल अवीव पहुंचे तो हवाई अड्डे पर इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. बाइडन और नेतन्याहू ने एक साझा संवाददाता सम्मेलन को भी संबोधित किया.
बाइडन ने कहा, "कल ग़ज़ा के अस्पताल में हुए विस्फोट से मैं बहुत दुखी हूं और क्रोधित हूं."
संवाददाता सम्मेलन में बाइडन ने इसराइल के लिए अपना समर्थन दोहराया और फ़लस्तीनी आतंकवादी समूह हमास की निंदा की. उन्होंने नेतन्याहू से कहा, "मैंने जो देखा है, उसके आधार पर ऐसा लगता है, जैसे यह दूसरी टीम द्वारा किया गया था, आपने नहीं किया."
उन्होंने कहा, "लेकिन वहाँ बहुत सारे लोग हैं जो इसको लेकर निश्चित नहीं हैं, इसलिए हमें बहुत-सी चीज़ों पर काबू पाना होगा."
बाइडन से बाद में पत्रकारों ने पूछा कि आपने किस आधार पर यह निष्कर्ष निकाला कि हमले के लिए इसराइल ज़िम्मेदार नहीं था. इस सवाल पर उन्होंने कहा, "मुझे मेरे रक्षा विभाग ने डेटा दिखाया था."
हमास ने सात अक्तूबर को ग़ज़ा से इसराइल पर अभूतपूर्व हमला किया था. हमास के इस हमले में 14 सौ लोगों की मौत हो गई थी.
वहीं फ़लस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक़ ग़ज़ा पर इसराइल के जवाबी हमलों में अब तक क़रीब तीन हज़ार लोगों की मौत हुई है.
ग़ज़ा में मानवीय सहायता पर सहमति बनी

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बाइडन की जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला, फ़लस्तीनी प्राधिकरण के अध्यक्ष महमूद अब्बास और मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल-सीसी से मिलने की योजना थी. इसके लिए वो इसराइल से जॉर्डन जाने वाले थे. लेकिन मंगलवार को अस्पताल में हुए विस्फोट के बाद उनकी जार्डन यात्रा रद्द कर दी गई.
जॉर्डन ने अस्पताल में विस्फोट की निंदा की और बाइडन के साथ होने वाली बैठक को रद्द कर दी. जॉर्डन ने अस्पताल पर हमले को एक बड़ी आपदा और जघन्य युद्ध अपराध बताया.
वहीं व्हाइट हाउस ने कहा कि बैठक रद्द करने का फ़ैसला आपसी सहमति से किया गया. इसमें यह भी कहा गया है कि बाइडन अमेरिका वापस जाते समय अब्बास और सीसी से फ़ोन पर बात करेंगे.
बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ इसराइली वार कैबिनेट की बैठक भी हुई.
बैठक के बाद उन्होंने घोषणा की कि मिस्र के रास्ते ग़ज़ा में मानवीय सहायता पहुंचाने की इजाज़त देने के लिए सहमति बन गई है. यह सहमति इस आधार पर बनी है कि जो सामान आ रहा है, उसकी जांच-पड़ताल होगी और यह सहायता नागरिकों को मिलेगी, न की हमास को.
इसराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस समझौते की पुष्टि की है. उसका कहना कि यह राष्ट्रपति बाइडन की अपील पर हुआ है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ग़ज़ा में सहायता सामग्री कब से जानी शुरू होगी.
राष्ट्रपति बाइडन ने फ़लस्तीनी नागरिकों की सहायता के लिए 10 करोड़ डॉलर की सहायता की भी घोषणा की. इसराइल की घेराबंदी के बाद हाल के दिनों में ग़ज़ा में खाने, पानी के सामान और दवाओं की भारी किल्लत हो गई है.
इसराइली सेना का दावा

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हमास के कब्ज़े वाले ग़ज़ा के अधिकारियों ने कहा है कि मंगलवार को अस्पताल में हुए विस्फोट में क़रीब 500 लोग मारे गए हैं. इस घटना को एक डॉक्टर ने नरसंहार बताया है.
हमास ने इसे युद्ध अपराध बताते हुए इसराइल पर आरोप लगाया है. वहीं वेस्ट बैंक में रहने वाले महमूद अब्बास के प्रवक्ता ने इसराइल पर जघन्य अपराध का आरोप लगाया है.
वहीं इसराइली सेना ने कहा है कि उसके पास इस बात के सबूत हैं कि इस विस्फोट के पीछे उसकी सेना नहीं थी. उसका कहना है कि विस्फोट फ़लिस्तीनी इस्लामिक जिहाद की ओर से छोड़े गए रॉकेटों के असफल हो जाने के कारण हुआ था.
यह बात इसराइली सेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने मंगलवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में कही.
उन्होंने कहा, "हमारी ख़ुफ़िया जानकारी के मुताबिक़ हमास ने रिपोर्टों की जांच की, उसे समझ में आया कि यह फ़लस्तीनी इस्लामिक जिहाद का रॉकेट था जो असफल हो गया था. उसने इसे छिपाने के लिए एक वैश्विक मीडिया कैंपेन शुरू करने का फ़ैसला किया."
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