नीतीश कुमार फिर से बीजेपी के साथ, क्या कह रहे हैं कांग्रेस, आरजेडी और बीजेपी नेता?

जयराम रमेश, नीतीश कुमार

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बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार सायं मुख्यमंत्री पद की नए सिरे से शपथ ली है. सवेरे राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाक़ात कर उन्होंने अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया था.

उन्होंने मीडिया से कहा कि पार्टी की राय के आधार पर उन्होंने आरजेडी के साथ बने सत्ताधारी गठबंधन से अलग होने का फ़ैसला किया है.

बिहार राजभवन ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "माननीय राज्यपाल ने माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का त्यागपत्र स्वीकार किया तथा वैकल्पिक व्यवस्था होने तक उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करने को कहा."

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जदयू ने क्या कहा?

नीतीश के इस्तीफ़े के बाद जदयू नेता केसी त्यागी ने इंडिया गठबंधन के नेतृत्व को लेकर चल रहे विवाद और उससे नाराज़गी की तरफ इशारा किया.

उन्होंने कहा, "दरअसल कांग्रेस का एक भाग इंडिया गठबंधन के नेतृत्व को हड़पना चाहता है."

"19 दिसंबर को गठबंधन की जो बैठक हुई थी उसमें एक साजिश के तहत गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम सुझाया गया. इस पहले मुंबई में हुई बैठक में सर्वसम्मति से ये तय हुआ था कि बिना किसी का चेहरा आगे किए बगैर गठबंधन काम करेगा."

"पहली शाम को केजरीवाल के आवास पर गई ममता बनर्जी ने कहा था कि बैठक में किसी का नाम नहीं सुझाया जाएगा. लेकिन कांग्रेस के उस भाग ने एक साजिश के तहत ममता के द्वारा उनका नाम सुझाया गया. खड़गे जी ने बाद में इसे अस्वीकार कर दिया."

"जितनी भी गैर कांग्रेसी दल हैं, इन सब दलों ने कांग्रेस से लड़कर राजनीति में अपनी जगह बनाई है."

"कांग्रेस पार्टी अपने सर्वाइवल के दौर से गुज़र रही है, पिछले दो आम चुनावों में नेता प्रतिपक्ष के लायक भी उनके पास नेता नहीं थे. लिहाज़ा वो इन दलों का नेतृत्व ख़त्म करना चाहती हैं, वो इनके विकास में रोड़ा हैं. उन्होंने टिकट बंटवारे के काम को लंबा खींचने का काम किया."

क्या बोली बीजेपी?

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जिस समय नीतीश कुमार राज्यपाल को इस्तीफ़ा सौंप रहे थे, उसी समय भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल की बैठक हो रही थी.

इस बैठक के बाद भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने कहा, "विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें बिहार में बीजेपी, जेडीयू और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर एनडीए की सरकार बनाने का प्रस्ताव पारित हुआ."

उन्होंने बताया कि इस बैठक में सम्राट चौधरी को बीजेपी विधायक दल का नेता और विजय सिन्हा को उपनेता चुना गया है.

वहीं बीजेपी नेता शाहनवाज़ हुसैन ने बीबीसी को बताया है कि जो नई सरकार बनेगी उसमें नीतीश कुमार मुख्यमंत्री होंगे और उनके अलावा दो उपमुख्यमंत्री होंगे.

बीजेपी विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी होंगे जबकि उपनेता विजय सिन्हा को बनाया जाएगा.

हालांकि उन्होंने शपथ ग्रहण के बारे में कुछ भी नहीं कहा है.

इस बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक्स पर सम्राट चौधरी और विजय सिंह को बधाई देते कहा, "हमें यक़ीन है कि पीएम नरेंद्र मोदी और अध्यक्ष जेपी नड्डा जी के कुशल मार्गदर्शन में दोनों बिहार की बेहतरी के लिए काम करेंगे."

"हम सभी का पूरा प्रयास होगा कि बिहार को जंगलराज बनने से रोकें और विकास के पथ पर वापस लाएं."

नीतीश कुमार के इस्तीफ़े के एलान के साथ ही बीजेपी के विधायकों का सीएम आवास पहुंचना शुरू हो गया था. यहां एनडीए की बैठक होगी.

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बीजेपी नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रहे सुशील कुमार मोदी ने कहा "बीजेपी सरकार में नीतीश कुमार के फ़ैसले का हम स्वागत करते हैं. हमें ये पता था कि आरजेडी और जेडीयू के गठबंधन अप्राकृतिक है और लंबा नहीं चलेगा."

"हमें इस बात की खुशी है कि जदयू और बीजेपी एक साथ मिलकर सरकार बनाएंगी."

'इंडिया' गठबंधन के भविष्य को लेकर चर्चा तेज़

बीजेपी ने विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ पर निशाना साधना शुरू कर दिया है.

बीजेपी सांसद रवि शंकर प्रसाद ने बिहार की स्थिति और इस गठबंधन के भविष्य पर कहा, "जब उसका सूत्रधार (नीतीश कुमार) यह बोल रहा है तो उसका कुछ भविष्य था क्या?"

उन्होंने एक तरह से ये भी साफ कर दिया कि अगले चुनाव में बीजेपी और जदयू साथ होंगी.

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री के पद की कोई वेकेंसी नहीं है. लोकसभा चुनावों में बीजेपी और एनडीए की ऐतिहासिक जीत होगी और बिहार में 40 की 40 सीटें जीती जाएंगी."

रवि शंकर प्रसाद

आरजेडी ने जताई नाराज़गी

जेडीयू के साथ गठबंधन वाली सरकार में शामिल रहे राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने नीतीश कुमार के क़दम को स्वार्थ भरा क़दम बताया है.

आरजेडी प्रवक्ता एजाज़ अहमद ने कहा, "नीतीश कुमार ने अपने स्वार्थ में युवाओं की नौकरी के मामले को झटका देने और नफ़रत की राजनीति को बढ़ावा देने का काम किया है."

उन्होंने कहा, "नौकरी मिलने के बाद बिहार के युवाओं के चेहरों पर जो मुस्कुराहट थी, नीतीश ने उसे छीनने की कोशिश की है. उन्हें ये बताना चाहिए था कि वो किस कारण, किस स्वार्थ से भारतीय जनता पार्टी के साथ जा रहे हैं."

एजाज़ अहमद ने नीतीश कुमार पर अपने रुख़ से पलटने का आरोप लगाते हुए कहा, "बिहार में ठगी और लोभ का गठबंधन तैयार हो रहा है. पहले नीतीश ने ख़ुद कहा था कि बीजेपी हमारी पार्टी को ख़त्म करना चाहती और हम सब समाजवादी विचारधारा के लोग उससे मुक़ाबला कर सकते हैं. लेकिन आज वो अपने स्वार्थ में बीजेपी में शामिल हो रहे हैं."

एजाज़ अहमद

कांग्रेस ने भी कस तंज

कांग्रेस नेताओं ने भी नीतीश कुमार को निशाने पर लिया है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उन्हें पहले से ही आशंका थी कि ऐसा कुछ हो सकता है.

उन्होंने कहा, "ये सूचना तो हमें बिहार के उप मुख्यमंत्री (तेजस्वी यादव) और लालू प्रसाद यादव ने पहले ही दे दी थी. यह सच हुई है. देश में ऐसे बहुत से लोग हैं आया राम, गया राम जैसे."

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने नीतीश कुमार को विश्वासघात का विशेषज्ञ कहा है.

उन्होंने एक्स पर लिखा है, "बार-बार राजनीतिक साझेदार बदलने वाले नीतीश कुमार रंग बदलने में गिरगिटों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं. इस विश्वासघात के विशेषज्ञ और उन्हें इशारों पर नचाने वालों को बिहार की जनता माफ़ नहीं करेगी."

जयराम रमेश

जयराम रमेश ने कहा कि बीजेपी ने लोगों का ध्यान बंटाने के लिए 'ये सब ड्रामा रचा है.'

उन्होंने लिखा, "बिलकुल साफ़ है कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा से प्रधानमंत्री और भाजपा घबराए हुए हैं और उससे ध्यान हटाने के लिए यह राजनीतिक ड्रामा रचा गया है."

डीएमके की प्रतिक्रिया

डीएमके नेता टी.के.एस. एलंगोवन ने नीतीश कुमार के इस्तीफ़े पर कहा, "मुझे नहीं पता बीजेपी का उनपर कैसा दबाव है."

उन्होंने कहा, "बीजेपी 'इंडिया' गठबंधन को तोड़ना चाहती है क्योंकि उसे चुनावों में हार की डर है."

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