दिल्ली मर्डर: आफ़ताब के हाथ में जख़्म से लेकर अब तक मिले सबूतों तक, 10 नई बातें

आफ़ताब पूनावाला को पकड़कर ले जाती पुलिस

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सारांश
  • राजधानी दिल्ली के महरौली में एक लड़की श्रद्धा वालकर की हत्या का मामला सामने आया. 
  • श्रद्धा के लिव इन पार्टनर आफ़ताब पूनावाला ने उनकी हत्या की और शव के टुकड़े करके अलग-अलग जगह फेंक दिए. 
  • श्रद्धा की हत्या मई में हुई और छह महीनों तक अभियुक्त सबूत मिटाता रहा. 
  • पुलिस को श्रद्धा की आखिरी लोकेशन महरौली में मिली जिससे आफ़ताब पर शक हुआ. 
  • श्रद्धा और आफ़ताब डेटिंग ऐप पर मिले थे और फिर वो लिव इन में रहने लगे.
  • श्रद्धा के दोस्त को उनके गायब होने का पता चला और उनके पिता को जानकारी दी गई. इसके बाद शिकायत की.

महरौली हत्या मामले में जांच बढ़ने के साथ-साथ कई नई जानकारियां सामने आ रही हैं. दिल्ली पुलिस आफ़ताब पूनावाला की निशानदेही पर श्रद्धा वालकर के शव के टुकड़े ढूंढ रही है. आफ़ताब पूनावाला ने इस साल 18 मई को अपनी प्रेमिका श्रद्धा की गला दबाकर हत्या कर दी थी.

श्रद्धा और आफ़ताब लिव-इन-रिलेशनशिप में थे और मुंबई से दिल्ली आकर रह रहे थे. पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद आफ़ताब ने श्रद्धा के टुकड़े-टुकड़े करके उन्हें जंगल में अलग-अलग जगह फेंक दिया था.

अब पुलिस श्रद्धा की पहचान स्थापित के लिए इन टुकड़ों की तलाश कर रही है. आफ़ताब की उम्र 28 साल और श्रद्धा की उम्र 27 साल बताई जा रही है. दोनों हत्या से कुछ दिन पहले ही महरौली के छत्तरपुर इलाक़े में एक फ्लैट में किराए पर रहने आए थे.

इस मामले को लेकर पुलिस के हावले से और मीडिया में सामने आई नई जानकारियों पर एक नज़र-

महरौली के जंगल में सबूत तलाशती पुलिस

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क्या-क्या सबूत ढूंढ रही है पुलिस

दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है लेकिन फिलहाल कई तरह के सबूत जुटाने बाकी हैं जिनमें बहुत ज़्यादा सफलता नहीं मिल पाई है.

पुलिस को हत्या में इस्तेमाल हुए हथियार, शव के सभी टुकड़े और सीसीटीवी फुटेज की तलाश है. फिलहाल उनके पास सिर्फ़ आफ़ताब का बयान ही है.

अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस को दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सबूत खोजने के लिए कई टीम बनाई गई हैं ताकि जांच आगे बढ़ सके. जांच अधिकारियों का कहना है कि उन्हें चुनौतियों का सामने करना पड़ रहा है क्योंकि श्रद्धा की हत्या छह महीने पहले हुई थी. जंगल में शव के टुकड़े ढूंढना आसान काम नहीं है. मंगलवार को दो पुलिस टीमें आफ़ताब, श्रद्धा के पिता और भाई के साथ शव के टुकड़े ढूंढने जंगल में गई थीं. हालांकि, उन्हें सिर्फ़ एक टुकड़ा मिला जिसकी फॉरेंसिक जांच से पुष्टि की जाएगी. 

अतिरिक्त डीसीपी (दक्षिण) अंकित चौहान ने बताया कि पुलिस टीम को पिछले कुछ दिनों में शव के संदेहास्पद टुकड़े मिले हैं. अब उनकी डीएनए जांच की जाएगी.

श्रद्धा वालकर को श्रद्धांजलि

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डेटिंग एप से मांगी जा रही जानकारी

आफ़ताब और श्रद्धा एक डेटिंग एप पर मिले थे. दोनों मुंबई में काम करते थे लेकिन इस समय दिल्ली में रह रहे थे.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक पुलिस डेटिंग एप से भी आफ़ताब के प्रोफाइल की जानकारी मांग सकती है ताकि ये पता लगाया जा सके कि श्रद्धा को मारने के बाद क्या वो और भी लड़कियों को अपने फ्लैट पर लाए थे. क्या उस समय शव के टुकड़े फ्लैट पर ही थे.

समाचार वेबसाइट एनडीटीवी पड़ोसियों के हवाले से लिखता है कि आफ़ताब हत्या के बाद अन्य महिलाओं को भी अपने फ्लैट पर लाते थे.

पड़ोसियों का ये भी कहना है कि आफ़ताब और मृतका आसपास लोगों से ज़्यादा घुलते-मिलते नहीं थे.

आफ़ताब पूनावाला को पुलिस उस दुकान पर भी लेकर गई जहां से उन्होंने शव काटने के लिए हथियार खरीदे थे.

उस दिन की सीसीटीवी फुटेज फिलहाल उपलब्ध नहीं है.

आफ़ताब ने बताया कि उन्होंने दुकान से चाकू और कचरे की थैलियां खरीदे थे.

पुलिस ये भी पता लगा रही है कि हत्या से पहले दिल्ली के छत्तरपुर इलाक़े में फ्लैट लेने का फ़ैसला किया हत्या की साजिश से ही जुड़ा हुआ है.

आफ़ताब पूनावाला

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फॉरेंसिक जांच में क्या मिला

पुलिस को सोमवार को छत्तरपुर पहाड़ी श्मशान में शव के 13 टुकड़े मिले थे.

आफ़ताब ने कथित तौर पर टुकड़ों की जगह के बारे में बताया था.

अंग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स के पुलिस के हवाले से लिखा है कि मंगलवार को शव का कोई टुकड़ा बरामद नहीं हुआ है. डॉक्टर ने उन टुकड़ों के मानव शरीर के होने की पुष्टि कर दी है.

उन्हें फॉरेंसिक साइंस लाइब्रेरी (एफ़एसएल) में भेजा जाएगा.

एफ़एसएल अधिकारी ने अख़बार को बताया कि आफ़ताब के छत्तरपुर के फ्लैट में रसोई में कुछ खून के निशान मिले हैं. सैंपल ले लिए गए हैं.

जब हमारे अधिकारी सैंपल लेने गए तो फ्रिज पूरी तरह साफ़ था. वहां से कोई सबूत नहीं मिला है.

अधिकारी ने कहा हम पिता के डीएनए से श्रद्धा के डीएनए का मिलान करेंगे लेकिन इसमें एक हफ़्ते का समय लग सकता है.

बताया जा रहा है कि आफ़ताब पूनावाला ने शव के करीब 35 टुकड़े किए थे. उन्होंने 18 दिनों तक शव के टुकड़े फ़्रिज में रखे और धीरे-धीरे उन्हें जंगल में फेंकते रहे.

पूछताछ के दौरान कैसे कबूला गुनाह

आफ़ताब पुलिस पूछताछ के दौरान टूट गए. पुलिस ने उनसे गहन पूछताछ की तो आफ़ताब ने स्वीकार कर लिया, ''हां, मैंने उसे मारा है.'' आफ़ताब सिर्फ़ अंग्रेज़ी में बात करते हैं.

एएनआई ने पुलिस सूत्रों के हवाले से ये ख़बर लिखी है.

पुलिस सूत्रों का ये भी कहना है कि श्रद्धा को मई में मारने के बाद भी आफ़ताब जून तक उनका इंस्टाग्राम अकाउंट इस्तेमाल करते रहे ताकि श्रद्धा के गायब होने का पता ना चले.

आफ़ताब ने श्रद्धा का फोन फेंक दिया ताकि उनकी आखिरी लोकेशन का पता ना चल सके. साथ ही गूगल पर शव के टुकड़े करने के तरीक़े भी खोजे.

हालांकि, मुंबई पुलिस की जांच में श्रद्धा की आख़िरी लोकेशन दिल्ली के मेहरौली इलाके में मिली.

आफ़ताब पूनावाला

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इलाज के लिए डॉक्टर के पास गए आफ़ताब

आफ़ताब पूनावाला मई में महरौली में एक डॉक्टर के पास गए थे.

उनके हाथ में जख़्म के कटे हुए निशान थे.

उन्होंने डॉक्टर को बताया था कि फल काटते हुए उनका हाथ कट गया था.

डॉक्टर का कहना है कि आफ़ताब श्रद्धा को मारने के कुछ दिनों बाद डॉक्टर के पास गए थे. छत्तरपुर मंडी में क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टर अनिल कुमार ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ''करीब दो दिन पहले पुलिस उसी शख़्स के साथ मेरे क्लीनिक में आई थी. मैंने अपना बयान दे दिया."

"जब आफ़ताब मई आखिर में क्लीनिक में आए तो वो बेचैन थे और थोड़े गुस्से में भी थे. उन्होंने बताया कि वो आईटी सेक्टर में काम करते हैं. उनके हाथ पर चाकू या ब्लेड से काटने के निशान थे. लेकिन, मैंने ज़्यादा सवाल नहीं पूछे.''

गिरफ़्तारी के दौरान ही नौकरी से निकाला

आफ़ताब पूनावाला को जब दिल्ली पुलिस ने गिरफ़्तार किया था तभी उन्हें अपने दफ़्तर से ईमेल पर नौकरी से निकाले जाने का नोटिस भी मिला था.

इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि आफ़ताब गुड़गांव में एक निजी कंपनी में एक क्लाइंट सर्विसिंग वर्टिकल में एक एसोसिएट के तौर पर काम करते थे. उन्होंने हत्या के करीब एक-दो हफ़्तों बाद कॉल सेंटर में काम करना शुरू किया था.

उनका काम कंपनी के उत्पादों और सेवाओं को बेचना था. लेकिन, पिछले आठ-नौ दिनों से काम पर मौजूद ना होने के कराण उन्हें टर्मिनेशन नोटिस भेज गया था.

आफ़ताब पूनावाला

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पहले भी की हत्या की कोशिश

पुलिस का कहना है कि आफ़ताब ने 18 मई से पहले भी अपनी प्रेमिका को मारने की कोशिश की थी. उनकी शादी को लेकर बहस हुई थी. आफ़ताब और उनकी प्रेमिका की हत्या वाले दिन भी लड़ाई हुई थी.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक आफ़ताब ने पुलिस को बताया, ''मैं उसे मारना ही चाहता था. लेकिन, जब वो भावुक हो गई और रोने लगी तो मैंने रुक गया था.'' आफ़ताब ने ये भी बताया कि जब वो किसी भी फोन पर बात करता था तो मृतका गुस्सा हो जाती थीं और उन पर शक करने लगती थीं.

दोस्त को पूछताछ के लिए बुलाया

एएनआई के मुताबिक सूत्रों ने बताया है कि पुलिस जल्द ही आफ़ताब और श्रद्धा दोनों से जुड़े किसी दोस्त को पूछताछ के लिए बुला सकती है. ये वही दोस्त हैं जिन्होंने श्रद्धा के गुम होने की जानकारी उनके पिता विकास वालकर को दी थी.

श्रद्धा अपने पिता और भाई के साथ नहीं रहती थीं. इसके चलते उनके पिता को उनके गुम होने का पता ही नहीं चला. श्रद्धा के दोस्तों ने उनके पिता को बेटी के गायब होने की जानकारी दी जिसके बाद पुलिस शिकायत दर्ज कराई गई.

आफ़ताब पूनावाला

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मामले पर राजनीति

श्रद्धा के पिता ने मंगलवार को आफ़ताब पूनावाला के लिए मौत की सजा की मांग की है. उन्होंने इस मामले में कथित 'लव जिहाद' का मसला भी उठाया है.

इस हत्या पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू होने लगी है. बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया कि लव जिहाद असल में होता है, हमारी, न्यायपालिका, राजनीति और मीडिया हमारी बेटियों के ख़िलाफ़ है. बीजेपी नेता गिरीराज सिंह ने कहा, ''देश के अंदर लव जिहाद एक तरह से मिशन चल गया है. हिंदू लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपने साथ जोड़ना और उसके बाद उसे छोड़ देना या मार देना... ये दुर्भाग्यपूर्ण है.''

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श्रद्धा के बारे में क्या पता है

2018 में श्रद्धा मुंबई में कॉल सेंटर में नौकरी करती थीं. श्रद्धा अपनी मां के साथ मुंबई के वसई में रहती थीं और उनके पिता अलग रहते थे.

ख़बरों के मुताबिक 2019 में श्रद्धा ने अपनी मां को आफ़ताब के बारे में बताया और साथ रहने की इच्छा जताई थी. लेकिन मां ने अलग मज़हब होने की वजह से इनकार कर दिया.

उनकी मां की साल 2020 में मौत हो गई थी. इसके बाद श्रद्धा आफ़ताब के साथ रहने लगी थीं. उनकी लंबे समय से अपने पिता से बात नहीं हुई थी.

दोनों इसी साल मई में दिल्ली के महरौली में रहने आए थे.

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