दानिश अली ने किया महुआ मोइत्रा का ज़िक्र, पूछा- एक तरह की शिकायतों के लिए अलग पैमाने क्यों - प्रेस रिव्यू

बहुजन समाज पार्टी के सांसद कुंवर दानिश अली ने लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला पर संसदीय प्रक्रियाओं का सही तरीके से पालन नहीं करने का आरोप लगाया है.

द इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार उन्होंने ओम बिड़ला को लिखे पत्र में कहा कि बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी के ख़िलाफ़ उनकी शिकायत की सुनवाई कर रही प्रिविलेज कमिटी ने उन्हें पहले नहीं बुलाकर संसदीय प्रक्रिया का पालन नहीं किया है.

रमेश बिधूड़ी ने संसद में दानिश अली का नाम लिए बिना उन पर अमर्यादित टिप्पणियाँ की थीं, जिसके बाद अमरोहा से बीएसपी सांसद दानिश अली ने बीबीसी से कहा था कि "उनके साथ जो हुआ वो वर्बल लिंचिंग से कम नहीं है."

उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर रमेश बिधूड़ी पर कार्रवाई की मांग की थी.

दानिश अली एथिक्स कमिटी के सदस्य भी हैं. उन्होंने संसद की एथिकल कमिटी के पास मौजूद तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की कथित शिकायत के बारे में पैनल चेयरपर्सन के मीडिया से बात करने को लेकर भी सवाल उठाए.

अख़बार के अनुसार उन्होंने कहा, "मीडिया से ये जानना दुखद है कि कमिटी के चेयरमैन खुले तौर पर मीडिया से बात कर रहे हैं. मेरा मानना है कि ये लोकसभा के नियम 275 का उल्लंघन है और खुद एथिक्स कमिटी के चेयरमैन ऐसा कर रहे हैं."

शुक्रवार को एथिक्स कमिटी के अध्यक्ष विनोद सोनकर ने टीवी चैनल एनडीटीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में इस बात की पुष्टि की कि उन्हें "दर्शन हीरानंदानी का एक हलफ़नामा मिला है और ज़रूरत पड़ने पर महुआ मोइत्रा को तलब किया जा सकता है."

दानिश अली ने कहा कि जहां महुआ मोइत्रा मामले की सुनवाई कर रही एथिक्स कमिटी ने पहले शिकायतकर्ता को तलब किया वहीं मेरे मामले की सुनवाई कर रही प्रिविलेज कमिटी ने पहले आरोपी को तलब किया है.

अख़बार लिखता है कि संसद की एथिक्स कमिटी और प्रिविलेज कमिटी का नेतृत्व बीजेपी नेता कर रहे हैं और दोनों कमिटियों ने जिन लोगों को पहले तलब किया उनका संबंध पार्टी से है.

दानिश अली ने ओम बिड़ला से प्रक्रिया के उल्लंघन पर विचार करने की गुज़ारिश की है और कहा है कि वो संबंधित अधिकारियों से कहें कि कमिटी उन्हें सबूत पेश करने के लिए तलब करे.

उन्होंने कहा, "आश्चर्य है कि एक ही तरह के दो मामलों या शिकायतों में प्रक्रिया का पालन अलग-अलग तरीके से किया जा रहा है."

डेटिंग ऐप पर मुलाक़ात, फिर विदेशी महिला की हत्या

दिल्ली पुलिस ने कहा है कि एक विदेशी महिला की हत्या के आरोप में उन्होंने गुरप्रीत सिंह नाम के 30 साल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.

द हिंदू में छपी एक ख़बर के अनुसार शुक्रवार सवेरे दिल्ली के तिलक नगर इलाक़े में एक म्यूनिसिपल स्कूल के पास महिला का शव प्लास्टिक शीट में लिपटा हुआ मिला था. महिला के हाथों और पैरों को लोहे की जंजीरों से बांधा गया था.

पुलिस अब तक हत्या के कारण का पता नहीं लगा पाई है. साथ ही अभी महिला की पहचान की पुष्टि भी नहीं हो पाई है.

पुलिस ने इस मामले में गुरप्रीत सिंह को जनकपुरी के उनके घर से गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार उनके घर से दो करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं.

पुलिस का कहना है कि सिंह के परिवार की कई जगहों पर संपत्ति है, हालांकि घर से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद किए जाने के बार पुलिस इस मामले की जांच भी कर रही है.

डेटिंग ऐप की भूमिका

अख़बार के अनुसार गुरप्रीत सिंह ने बताया है कि चार साल पहले एक डेटिंग ऐप के ज़रिए स्विट्ज़रलैंड की इस महिला से उनकी मुलाक़ात हुई थी. दोनों अक्सर फ़ोन पर बातें करते थे.

11 अक्तूबर को महिला भारत आई थी जिसके बाद वो गुरप्रीत सिंह के साथ रह रही थी. गुरुवार को दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई जिसके बाद गुरप्रीत सिंह ने महिला का गला घोंटकर उसे मार दिया.

पुलिस सूत्रों के हवाले से अख़बार लिखता है कि गुरप्रीत ने महिला का शव अपनी कार में रखा था, लेकिन जब इससे दुर्गंध आने लगी तो उसे सरकारी स्कूल के पास फेंक दिया.

गुरप्रीत को पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया है जिसमें वो एक कार में बैठे दिखे थे.

अख़बार लिखता है कि गुरप्रीत ने जिस कार का इस्तेमाल किया वो उन्होंने एक अन्य महिला के नाम पर सेकंडहैंड खरीदी थी. महिला ने इस घटना में बारे में जानकारी होने से इनकार किया है.

अख़बार लिखता है कि पुलिस को शक है कि जांच को भटकाने के इरादे से गुरप्रीत ने जानबूझकर किसी और के नाम से कार खरीदी थी. पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले की जांच कर रही है.

मोदी बोले- ज्योतिरादित्य गुजरात के दामाद

अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ग्वालियर में मौजूद सिंधिया स्कूल पहुंचे जहां उन्होंने सिंधिया परिवार के बारे में जमकर तारीफ की.

सिंधिया राजपरिवार के इस स्कूल के 125वें स्थापना दिवस पर पहुंचे मोदी ने अपनी सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता माधवराव सिंधिया के बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया को गुजरात का दामाद कहा.

अख़बार के अनुसार मोदी ने कहा कि दो कारणों से ग्वालियर के साथ उनका ख़ास रिश्ता है.

उन्होंने कहा, "पहला, मैं काशी से सांसद हूं और काशी के विकास में और हमारी संस्कृति को बचाने में सिंधिया परिवार की बड़ी भूमिका है. परिवार ने यहां गंगा नदी के किनारे घाट बनाए और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी बनाने में भी मदद की."

"ग्लावियर के साथ मेरा एक और नाता है. ज्योतिरादित्य सिंधिया गुजरात के दामाद हैं. इस कारण भी ग्वालियर से मेरा ख़ास नाता है."

मोदी ने माधवराव सिंधिया की भी तारीफ की और कहा कि "ये स्कूल उनकी विज़नरी सोच का नतीजा है, वो मानव संसाधनों का सही इस्तेमाल जानते थे. कुछ ही लोग जानते हैं कि यातायात के लिए जो कंपनी उन्होंने बनाई थी वो आज भी डीटीसी के नाम से दिल्ली में काम कर रही है."

कुछ साल पहले तक मध्य प्रदेश से कांग्रेस के नेता रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी ही पार्टी के ख़िलाफ़ विद्रोह छेड़ दिया था.

उनके विद्रोह के कारण प्रदेश की कमलनाथ सरकार गिर गई थी. ज्योतिरादित्य अपने सहयोगी विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए थे.

नमाज़ की इजाज़त देने के लिए प्रिंसिपल निलंबित

हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक ख़बर के अनुसार उत्तर प्रदेश के लखनऊ में शनिवार को एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल को कथित तौर पर स्कूल परिसर में छात्रों को नमाज़ पढ़ने देने के लिए निलंबित कर दिया गया.

अख़बार ने मामले की जानकरी रखने वाले सूत्रों के हवाले से लिखा है कि एक सरकारी प्राथमिक स्कूल के प्रिंसिपल को छात्रों को स्कूल परिसर में जुमे की नमाज़ पढ़ने देने के लिए निलंबित किया गया है.

अख़बार लिखता है कि नैपियर रोड के एक प्राथमिक विद्यालय का वीडियो सोशल मडिया पर वायरल हो रहा था जिसमें छात्र नमाज़ पढ़ते दिख रहे हैं.

इस वीडियो को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार ने कहा, "स्कूल परिसर में नमाज़ पढ़ना विभाग के दिशानिर्देशों के ख़िलाफ़ है."

मामले की जांच करने के बाद स्कूल प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

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