क्रिकेट के वो 10 रिकॉर्ड जो पुरुषों से पहले महिलाओं ने बनाए

भारत की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, भारत की ऑलराउंडर खिलाड़ी दीप्ति शर्मा
    • Author, जान्हवी मुले
    • पदनाम, बीबीसी मराठी

कई लोगों को यह ग़लतफ़हमी है कि महिला क्रिकेट की शुरुआत हाल ही में हुई है. कई लोगों को यह भी लगता है कि महिला क्रिकेट पुरुष क्रिकेट की तुलना में बहुत पीछे है.

लेकिन महिलाएं 18वीं सदी में भी क्रिकेट खेलती थीं.

महिलाओं का पहला मैच जुलाई 1745 में इंग्लैंड में खेला गया था. हालांकि महिला क्रिकेट का पहला आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय मैच 1934 में खेला गया.

महिला क्रिकेट की ग्रोथ पुरुष क्रिकेट की तुलना में थोड़ी धीमी रही है, लेकिन क्रिकेट में कई चीज़ें महिला क्रिकेट से ही शुरू हुई हैं.

बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

ख़ासकर वनडे इंटरनेशनल्स में, ऐसे कई रिकॉर्ड हैं जो महिलाओं ने पुरुषों से पहले बनाए हैं. इनमें से कुछ रिकॉर्ड भारतीय महिलाओं के नाम हैं.

आइए कुछ प्रमुख रिकॉर्ड्स पर नज़र डालते हैं.

1. वनडे क्रिकेट की पहली डबल सेंचुरी

जब वनडे क्रिकेट में दोहरे शतक की बात आती है, तो कई लोग सचिन तेंदुलकर, वीरेंदर सहवाग, रोहित शर्मा का नाम लेते हैं.

लेकिन पहले दोहरे शतक का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया की बेलिंडा क्लार्क के नाम है.

बेलिंडा क्लार्क, 1997 विश्व कप के दौरान बल्लेबाजी करते हुए

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, ऑस्ट्रेलिया की बेलिंडा क्लार्क ने अंतरराष्ट्रीय मैच में पहला दोहरा शतक लगाया था

सचिन तेंदुलकर ने 2010 में ग्वालियर में दोहरा शतक लगाया था, जबकि उनसे 13 साल पहले 1997 में ऑस्ट्रेलिया की बेलिंडा क्लार्क ने अंतरराष्ट्रीय मैच में दोहरा शतक लगाया था.

महिला विश्व कप 1997 के दौरान बेलिंडा क्लार्क ने 16 दिसंबर को डेनमार्क के ख़िलाफ़ मैच में 155 गेंदों में 229 रन बनाए, जिसमें 22 चौके शामिल थे. ये मैच मुंबई के एमआईजी क्लब ग्राउंड पर खेला गया था.

2. वनडे में 400 रन

डेनमार्क के ख़िलाफ़ 1997 के मैच में ही बेलिंडा क्लार्क के दोहरे शतक की मदद से ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम ने 50 ओवर में तीन विकेट पर 412 रन बनाकर रिकॉर्ड बनाया.

उनकी टीम पुरुष या महिला क्रिकेट में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 400 रन पार करने वाली पहली टीम बनी थी.

1997 विश्व कप के दौरान ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम ने 50 ओवर में तीन विकेट पर 412 रन बनाए थे

वहीं मेन्स टीम इसके 9 साल बाद इस रिकॉर्ड तक पहुंची, जब ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका की पुरुष टीम ने 2006 में जोहान्सबर्ग में खेले गए वनडे इंटरनेशनल में 400 रन पार किए थे.

3. एक मैच में पांच विकेट

एकदिवसीय क्रिकेट में एक मैच में पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड भी एक महिला के नाम है.

1973 के महिला विश्व कप में, ऑस्ट्रेलिया की टीना मैकफ़र्सन ने यंग इंग्लैंड महिला टीम के ख़िलाफ़ 12 ओवर में सिर्फ़ 14 रन देकर पांच विकेट लिए थे.

टीना के इस रिकॉर्ड के दो साल बाद, ऑस्ट्रेलिया के डेनिस लिली ने पुरुष क्रिकेट में 1975 के विश्व कप के दौरान यह उपलब्धि हासिल की.

19वीं सदी में भी इंग्लैंड में महिलाएं क्रिकेट खेलती थीं (1850 का चित्र)

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, 19वीं सदी में भी इंग्लैंड में महिलाएं क्रिकेट खेलती थीं

4. वनडे मैच में छह विकेटकीपिंग डिसमिसल

मेन्स क्रिकेट में एक मैच में छह विकेटकीपिंग डिसमिसल का रिकॉर्ड साल 2000 में एडम गिलक्रिस्ट ने बनाया था. गिलक्रिस्ट ने छह बल्लेबाज़ों को कैच या स्टंप आउट किया था.

हालांकि, उनसे 7 साल पहले दो महिला विकेटकीपरों ने यह उपलब्धि हासिल की थी. भारत की कल्पना वेंकटाचार और न्यूज़ीलैंड की सारा इलिंगवर्थ.

दोनों ने छह डिसमिसल का रिकॉर्ड बनाया था.

कल्पना ने डेनमार्क के ख़िलाफ़ पांच स्टंपिंग और एक कैच लिया था, जबकि सारा ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ चार कैच और दो स्टम्पिंग का रिकॉर्ड बनाया था.

5. टेस्ट मैच में शतक और दस विकेट

इयान बॉथम और एलन डेविडसन को एक टेस्ट मैच में शतक बनाने और दस विकेट लेने के लिए जाना जाता है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की बेट्टी विल्सन ने 1958 में ही यह रिकॉर्ड बनाया था.

बेट्टी विल्सन

इमेज स्रोत, Cricket Australia/Twitter

इमेज कैप्शन, बेट्टी विल्सन ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ एक टेस्ट मैच में 11 विकेट लिए थे

मेलबर्न टेस्ट में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ खेलते हुए उन्होंने पहली पारी में 7 और दूसरी पारी में 4 विकेट लिए और शतक भी लगाया.

6. पहला वनडे मैच जो टाई हुआ

वनडे क्रिकेट में पहला टाई मैच महिला क्रिकेट में हुआ था.

ये मैच 1982 में इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड के बीच हुआ था, जिसमें दोनों टीमों ने 147 रन बनाए थे.

7. सबसे युवा इंटरनेशनल क्रिकेटर

सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी के तौर पर अक्सर सचिन तेंदुलकर और हसन रज़ा का नाम लिया जाता है.

लेकिन यह रिकॉर्ड पाकिस्तान की साजिदा शाह के नाम है, जिन्होंने 2000 में 13 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था.

पाकिस्तान की साजिदा शाह

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, साजिदा शाह

शेफाली वर्मा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में खेलने वाली सबसे कम उम्र की क्रिकेटर होने का रिकॉर्ड बनाया है.

8. पहला विश्व कप और टी20 मैच

पहला क्रिकेट विश्व कप महिलाओं के लिए 1973 में आयोजित किया गया था, जो 1975 में पुरुषों के विश्व कप से दो साल पहले हुआ था.

1973 में पहले महिला क्रिकेट विश्व कप में हिस्सा लेने वाली यंग इंग्लैंड टीम की खिलाड़ी प्रैक्टिस करते हुए

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, पहले महिला क्रिकेट विश्व कप के दौरान प्रैक्टिस करती एक खिलाड़ी

विश्व का पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच भी महिला क्रिकेट में खेला गया था. यह मैच 5 अगस्त 2004 को इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड के बीच खेला गया था.

पुरुषों का टी20 इंटरनेशनल मैच फरवरी 2005 से शुरू हुआ था.

9. पिंक बॉल क्रिकेट

टेस्ट क्रिकेट में दिलचस्पी बढ़ाने के लिए डे-नाइट टेस्ट मैच में पिंक बॉल का इस्तेमाल शुरू किया गया.

लेकिन पहला पिंक बॉल मैच पुरुष क्रिकेट में नहीं बल्कि महिला क्रिकेट में खेला गया था.

इंग्लैंड की कैथरीन ब्रंट 5 जुलाई 2009 को गेंदबाजी के दौरान

इमेज स्रोत, Richard Heathcote/Getty Images

इमेज कैप्शन, इंग्लैंड की कैथरीन ब्रंट

2008 में, क्वींसलैंड और वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की महिला टीमों के बीच एक टी-20 एग्ज़िबिशन मैच में पिंक बॉल का इस्तेमाल किया गया था.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पिंक बॉल का इस्तेमाल 2009 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की महिला टीमों के बीच खेले गए मैच में किया गया था.

पुरुष क्रिकेट ने पिंक बॉल का इस्तेमाल 2015 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के बीच एडिलेड टेस्ट के दौरान किया था.

10. ओवरआर्म गेंदबाज़ी

यहां तक ​​कि ओवरआर्म गेंदबाजी शुरू करने का श्रेय भी एक महिला को दिया जाता है - क्रिस्टियाना विल्स, जो 19वीं सदी की एक क्रिकेटर थीं.

उन्होंने 1805 में, अपनी स्कर्ट की समस्या से बचने के लिए ओवरआर्म गेंदबाज़ी शुरू की थी, जिससे मॉर्डन बॉलिंग स्टाइल का विकास हुआ.

ओवरआर्म बॉलिंग के दौर को आधुनिक क्रिकेट की शुरुआत माना जाता है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.