एमेलिया के कमाल से न्यूज़ीलैंड का महिला टी-20 वर्ल्ड कप पर कब्ज़ा, दक्षिण अफ्रीका को फिर करना पड़ा मलाल

    • Author, मनोज चतुर्वेदी
    • पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

आख़िरकार न्यूजीलैंड का आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप को जीतने का सपना साकार हो गया.

उन्होंने फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 32 रनों से हराया दिया. न्यूजीलैंड को तीसरे प्रयास में यह सफलता मिली है. इससे पहले वह साल 2009 और 2010 में फाइनल में चुनौती पेश कर चुकी थी.

दक्षिण अफ्रीका दुर्भाग्यशाली रही, जो कि लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचकर भी ख़िताब पर कब्जा नहीं जमा सकी. दक्षिण अफ्रीका ने पिछले विश्व कप में खेली टीम के 10 खिलाड़ियों को इस टूर्नामेंट के सभी मैचों में खिलाया पर इस अनुभव का भी वह फायदा नहीं उठा सकी.

न्यूजीलैंड टीम के चैंपियन बनते ही सारी टीम कप्तान सोफी डिवाइन से लिपटकर खुशी का इज़हार करने लगी और सभी खिलाड़ियों की आंखें खुशी में नम हो गई थीं.

सोफी डिवाइन ने क्या कहा

न्यूजीलैंड की कप्तान सोफी डिवाइन ने फ़ाइनल मुक़ाबला जीतने के बाद कहा, "ट्रॉफी पर हाथ रखने के बाद एक बार मैं पीछे हट गई. मैंने एक रात पहले सपना देखा कि मैं अपनी टीम के साथ ट्रॉफी उठाए हुई हूं. हमने लगातार दस हार के बाद यह ट्रॉफी जीती है. हम लगातार सही दिशा में बढ़ रहे थे और यह उसी का नतीजा है.

वहीं दक्षिण अफ्रीका की कप्तान वोलवार्ड के मुताबिक़, "हम फाइनल में अपनी सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट नहीं खेल सके. मेरे विचार में सात से 11वें ओवर के बीच हमारा प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा. पर जीत का श्रेय न्यूजीलैंड टीमो जाता है."

न्यूजीलैंड को पहली बार खिताब तक पहुंचाने में किसी खिलाड़ी की सबसे अहम भूमिका रही, तो वह हैं, एमेलिया कर. उन्होंने बल्लेबाजी में 43 रनों की सर्वश्रेष्ठ पारी खेलकर स्कोर को पांच विकेट पर 158 रनों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.

छा गईं एमेलिया

प्लिमर के रूप में पहला विकेट गिरने पर एमेलिया मैदान में उतरीं और टीम को मजबूती देने के लिए विकेट पर डटीं रहीं. उन्होंने शुरुआत में सहयोगी की भूमिका निभाई पर अखिरी समय में अपने तेज तर्रार प्रदर्शन से टीम को जीतने लायक स्कोर तक पहुंचा दिया.

दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वोलवार्ड ऐसी खिलाड़ी हैं, जिन्हें मैच का नक्शा बदलने वाली खिलाड़ी माना जाता है.

उनके खेलते समय लग रहा था कि दक्षिण अफ्रीका अपना खिताब का सपना साकार कर सकता है. लेकिन एमेलिया ने दसवें ओवर की पहली गेंद पर उन्हें सूजी बेट्स के हाथों लपकवाकर मैच को सही मायनों में अपनी टीम के पक्ष में मोड़ दिया.

एमेलिया ने बेहतरीन स्पिन गेंदबाजी का प्रदर्शन करके चार ओवरों में 24 रन देकर तीन विकेट निकाले.

एमेलिया के अलावा टीम की स्ट्राइक गेंदबाज रोजमैरी माएर ने भी दक्षिण अफ्रीका की पारी नौ विकेट पर 126 रन पर सीमित करने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने भी तीन विकेट निकाले.

एमेलिया ने कहा, "इस जीत के बारे में मेरे पास शब्द नहीं हैं. जीत पाने से मैं थोड़ा उत्तेजित भी थी. मुझे फील्डिंग करने के दौरान खिंचाव आ गया था. पर इसके बाद भी मैं अपनी जिम्मेदारी को निभा सकी, इसकी मुझे खुशी है."

न्यूजीलैंड की पुरुष टीम को नहीं मिल सकी है यह उपलब्धि

न्यूजीलैंड की पुरुष क्रिकेट टीम सिर्फ एक बार साल 2021 में आईसीसी टी-20 विश्व कप के फाइनल तक चुनौती पेश कर पाई है पर उसका खिताब जीतने का सपना अभी भी अधूरा है.

पर महिला टीम ने तीसरी बार फाइनल में पहुंचकर अपने प्रदर्शन को यादगार बना दिया है. महिला टीम के चैंपियन बनने से अब पुरुष टीम भी अपनी इस खिताब से दूरी को ख़त्म करने की प्रेरणा पा सकती है.

दक्षिण अफ्रीका ने पॉवरप्ले को गंवाया

दक्षिण अफ्रीका के लिए जब वोलवार्ड और ताजमिन ब्रिट्स पारी की शुरुआत करने उतरीं और इस जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 6.5 ओवर में 51 रन जोड़ लिए तो लगा कि टीम जीत की राह पर बढ़ रही है.

इस समय वोलवार्ड पूरी रंगत में खेल रहीं थीं. यह मौका था, जब न्यूजीलैंड के गेंदबाज की समझ में नहीं आ रहा था कि इस जोड़ी पर लगाम कैसे लगाई जाए.

ताजमिन का विकेट गिरने से साझेदारी टूटने के बाद वोलवार्ड के रहने पर टीम पर कोई खास खतरा नहीं दिख रहा था. पर एमेलिया ने दसवें ओवर में गेंदबाजी के लिए आते समय ओवर में वोलवार्ड के साथ बॉश का विकेट निकालकर मैच का रुख़ किसी हद तक अपने पक्ष में कर लिया.

अगली 13 गेंदों में मारिजान केप आर डि क्लार्क के विकेट भी निकल जाने पर मैच का फैसला बहुत हद तक तय हो गया.

बेहतरीन क्षेत्ररक्षण से बनाया दवाब

न्यूजीलैंड ने आक्रामक ढंग से शुरुआत करने का प्रयास किया. यह पहले दो ओवरों में चार चौके लगाकर दिखाया. पर दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों खासतौर से स्पिन गेंदबाजों ने खुलकर शॉट खेलने की छूट नहीं दी.

न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों सूजी बेट्स और एमेलिया कर ने जब भी बाहर निकलकर शॉट खेले भी, तो वह मुस्तैद फील्डरों को भेदने में सफल नहीं हो सके.

आमतौर पर टीमें मध्य के ओवरों में तेजी से रन बनाने का प्रयास करती हैं. लेकिन दक्षिण अफ्रीकी स्पिनरों खासतौर से ट्राइऑन और मलाबा ने लगातार कसी गेंदबाजी करके रनों की रफ्तार को बढ़ने से रोके रखा.

इसमें बल्लेबाजों को चौके लगाने से रोकने ने अहम भूमिका निभाई. आठवें से 13वें ओवर के बीच वह चौका पड़ने से रोकने में सफल रहीं.

हैलिडे ने डि क्लर्क द्वारा फेंके गए 15वें ओवर में दो चौके लगातार रन गति को बढ़ाया. इसके बाद बाकी बल्लेबाजों ने भी खुलकर खेलने का प्रयास किया, जिसकी वजह से ही टीम पांच विकेट 158 रन तक पहुंच सकी.

न्यूजीलैंड की टीम दवाब से कैसे निकली

दक्षिण अफ्रीका के स्पिनरों की कसी हुई गेंदबाजी के साथ बेहतरीन क्षेत्ररक्षण की वजह से जब न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों के लिए चौके लगाने में दिक्कत हो रही थी. लेकिन इसकी काट उन्हेंने लगातार विकेट के बीच दौड़ लगाकर रनों की रफ्तार को कम नहीं होने दिया.

न्यूजीलैंड की टीम ने आखिरी 5-6 ओवरों में खुलकर बल्लेबाज़ी की और तेजी से रन बनाए. इसने टीम को ऐसे स्कोर तक पहुंचा दिया, जहाँ से जीत की उम्मीद की जा सकती थी.

एमेलिया कर तो एक छोर को संभालकर रनों में बढ़ोत्तरी कर ही रहीं थीं. पर उन्हें ब्रुक हैलिडे के रूप में अच्छी जोड़ीदार मिली.

हैलिडे ने 28 गेंदों में 135 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करके 38 रन की पारी ही नहीं खेली, बल्कि एमेलिया को भी तेजी से रन बनाने की प्रेरणा भी दी.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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