कंचनजंघा एक्सप्रेस और मालगाड़ी की टक्कर में 9 की मौत, कैसे हुआ हादसा

    • Author, चंदन कुमार जजवाड़े
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में हुए एक रेल हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई है. इस हादसे में 46 लोग घायल भी हुए हैं.

नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे के प्रवक्ता ने बीबीसी हिंदी को बताया, "हादसे में अब तक कुल 9 लोगों की मौत हुई है, जबकि 46 लोग घायल हुए हैं. हादसे की वजह से इलाके में 8 ट्रेनें रद्द हुई हैं, जबकि 24 ट्रेनों के रूट बदले गए हैं."

रेलवे के मुताबिक मरने वालों में तीन रेलवे कर्मचारी हैं.

यह हादसा सोमवार सुबह क़रीब पौने 9 बजे हुआ है.

जिस वक़्त यह हादसा हुआ उस वक़्त कंचनजंघा एक्सप्रेस ट्रेन न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन को पार कर सियालदह की तरफ जा रही थी, तभी पीछे से इसे एक मालगाड़ी ने टक्कर मार दी.

इस टक्कर से कंचनजंघा एक्सप्रेस ट्रेन के तीन डब्बे पटरी से उतर गए. साथ ही मालगाड़ी के भी आगे का हिस्सा भी पटरी से उतर गया.

मालगाड़ी पायलट ने तोड़ा सिग्नल

घटनास्थल की तस्वीरों से पता चलता है कि मालगाड़ी की टक्कर के बाद कंचनजंघा एक्सप्रेस ट्रेन के पीछे का हिस्सा पूरी तरह हवा में झूलने लगा.

रेलवे बोर्ड की सीईओ और अध्यक्ष जया वर्मा के मुताबिक़ मालगाड़ी ने सिग्नल तोड़कर कंचनजंघा एक्सप्रेस को पीछे टक्कर मारी है. इस टक्कर से कंचनजंघा एक्सप्रेस के पीछे की तरफ गार्ड का डिब्बा और दो पार्सल वैन को ज़्यादा नुक़सान हुआ है.

हादसे के वक़्तो दोनों ही ट्रेनें एक ही पटरी पर चल रही थीं.

नॉर्थ फ़्रंटियर रेलवे के प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया है कि कंचनजंघा एक्सप्रेस के क़रीब 1300 सुरक्षित मुसाफ़िरों को उसी ट्रेन के सुरक्षित डिब्बों में मंज़िल की तरफ रवाना कर दिया गया है.

इस घटना में मालगाड़ी के ड्राइवर के साथ कंचनजंघा एक्सप्रेस के गार्ड की भी मौत हो गई है.

कैसे हुआ हादसा

रविवार सुबह त्रिपुरा की राजधानी अगरतला से चलकर कंचनजंघा एक्सप्रेस ट्रेन सियालदह की तरफ रवाना हुई.

गुवाहाटी स्टेशन होते हुए यह ट्रेन अपनी मंज़िल की तरफ बढ़ रही थी. सोमवार सुबह क़रीब 8 बजे कंचनजंघा एक्सप्रेस ट्रेन ने पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन को पार किया.

उस वक़्त यह ट्रेन क़रीब आधे घंटे की देरी से चल रही थी. इसके कुछ देर बाद ही सुबह क़रीब पौने नौ बजे कंचनजंघा एक्सप्रेस ट्रेन रंगापानी- छत्रसाल रेलवे सेक्शन में थी. तभी पीछे से आ रही एक कंटेनर ट्रेन ने इसे टक्कर मार दी.

हादसे के बाद कंचनजंघा एक्सप्रेस ट्रेन के पीछे का हिस्सा और मालगाड़ी के इंजन सहित इसके आगे का हिस्सा पटरी से उतर गया.

रेलवे की तरफ से जो जानकारी जया वर्मा ने दी है उसके मुताबिक़ मालगाड़ी को रोकने के लिए लाल सिग्नल दिया गया होगा लेकिन पायलट ने गाड़ी रोकी नहीं और आगे बढ़ते हुए कंचनजंघा एक्सप्रेस से टकरा गई.

रेलवे मेंस फ़ेडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने दावा किया है कि मालगाड़ी का ड्राइवर लगातार ड्यूटी की वजह के काफ़ी थका हुआ था और उसे आराम की ज़रूरत थी, लेकिन सोमवार को भी उसे ड्यूटी पर लगा दिया गया. 

मुआवज़े की घोषणा

हादसे के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मारे गए यात्रियों के परिवार को दस-दस लाख़ रुपये की सहायता राशि की घोषणा की है.

इसके अलावा गंभीर रूप से घायलों के लिए 2.5 लाख़ और मामूली रूप से ज़ख़्मी लोगों के लिए 50 हज़ार रुपये की घोषणा की गई है.

हेल्पलाइन नंबर- लुमडिंग स्टेशन

03674263958

03674263831

03674263120

03674263126

03674263858

हेल्पलाइन नंबर-गुवाहाटी स्टेशन

03612731621

03612731622

03612731623

हेल्पलाइन नंबर- कटिहार

09002041952

9771441956

किसने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर शोक जताते हुए कहा है, "पश्चिम बंगाल में हुई रेल दुर्घटना दुखद है. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया उनके प्रति संवेदना. मैं प्रार्थना करता हूँ कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हो जाएं."

उन्होंने लिखा, "मैंने अधिकारियों से बात की और स्थिति का जायजा लिया. प्रभावित लोगों की मदद के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी दुर्घटना स्थल पर पहुंच रहे हैं."

रेलवे बोर्ड की सीईओ जया सिन्हा वर्मा के मुताबिक दोपहर तक रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी तरह से खत्म कर लिया गया है.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी एक्स पर लिखा है, "ट्रेन हादसे में लोगों के जान गंवाने की ख़बर काफ़ी परेशान करने वाली है. पीड़ित परिवारों के साथ मेरी प्रार्थना और संवेदना है. प्रार्थना करती हूं कि घायल लोग जल्द से जल्द स्वस्थ हों और रेस्क्यू ऑपरेशन सफल रहे."

राहुल गांधी ने इस हादसे को दुखद बताया है. राहुल गांधी का कहना है कि उनकी पार्टी जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएगी और मोदी सरकार को इन दुर्घटनाओं पर जवाबदेह बना कर रहेगी.

राहुल गांधी ने कहा, "कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि राहत और बचाव प्रयासों में हर संभव सहायता प्रदान करें. विगत 10 वर्षों में रेल दुर्घटनाओं में हुई वृद्धि सीधा-सीधा मोदी सरकार के कुप्रबंधन और उपेक्षा का नतीजा है, जिसमें आए दिन यात्रियों के जान-माल का नुकसान होता है."

उन्होंने कहा, "आज की दुर्घटना इसी वास्तविकता का एक और उदाहरण है. एक ज़िम्मेदार विपक्ष के रूप में हम इस भयावह नजरअंदाजी पर सवाल उठाते रहेंगे और मोदी सरकार को इन दुर्घटनाओं पर जवाबदेह बना कर रहेंगे."

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