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विराट और रोहित क्या वर्ल्ड कप तक टीम में रह पाएंगे या युवा खिलाड़ियों को मिलेगा मौक़ा?
- Author, जसविंदर सिद्धू
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
आस्ट्रेलियाई क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी स्टीव स्मिथ ने 35 साल की उम्र में वनडे क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है.
स्मिथ का फैसला ऐसे समय में आया है जब टीम इंडिया के स्टार रोहित शर्मा और विराट कोहली के वनडे भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
इस समय भारत में उभरते और प्रतिभावान युवा क्रिकेटरों की पूरी फौज तैयार है.
सवाल है कि 2027 के विश्वकप में इनमें से कितनों को मौका मिलता है? जाहिर है कि यह सवाल चयनकर्ताओं के लिए भी होगा.
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने बुधवार को एक्स पर लिखा," सफेद गेंद के फ़ॉर्मेट में बाकी देशों के लिए समस्या यह है कि मौजूदा टीम की तरह भारत की दूसरी टीम कभी भी खेल सकती है. मेरी नज़र में चैंपियंस ट्रॉफी भारत की ही है."
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युवाओं को है ड्रेसिंग रूम में बदलाव का इंतजार
भारत में उम्र और विकल्प के तौर पर युवा क्रिकेटरों की मौजूदगी सीनियर खिलाड़ियों के लिए चुनौती बन गई है. यह साफ दिख रहा है कि एक पूरी पीढ़ी ड्रेसिंग रूम में बदलाव का इंतजार कर रही है.
इस लिस्ट में रोहित शर्मा और विराट कोहली का नाम तो नहीं हैं लेकिन रविंद्र जडेजा और मोहम्मद शमी इसमें शामिल हैं.
रोहित शर्मा के कोच दिनेश लाड कहते हैं, "रोहित के बारे में मेरा मानना है कि वह 2027 का विश्व कप जरूर खेलना चाहेंगे. वह एक बार विश्वकप की ट्रॉफी अपने हाथ में उठाना चाहेंगे. उनके खेल में फिलहाल कोई कमी नहीं दिखाई दे रही है. इसका मतलब है कि वह अभी और वनडे खेलना चाहते हैं. हां, वह पहले से ज़्यादा सावधानी से खेल रहे हैं."
दिनेश लाड का मानना है कि रोहित शायद ही ऐसा करें, "आलोचनाओं से घबराकर रोहित गेम छोड़ने वालों में से नहीं हैं. वह फाइटर है. वह अब तो रन भी बना रहा है. पहले दस ओवरों में योगदान काम आ रहा है. उन्होंने अपने खेल में जो भी बदलाव किए हैं, टीम के हित में ध्यान रख कर किए हैं. जाहिर है कि अभी टीम का हिस्सा बना रहना चाहते हैं."
बीसीसीआई ले सकता है बड़ा फैसला
भारतीय क्रिकेट बोर्ड सीनियर खिलाड़ियों को लेकर बड़ा फैसला लेने का इशारा पहले ही कर चुका है.
यही वजह है कि आस्ट्रेलिया में हुई टेस्ट सीरीज में शर्मनाक हार के बाद जनवरी में हुई रणजी ट्रॉफी में खेलने का कहा गया था.
2027 विश्व कप से पहले भारतीय टीम को करीब 20 वनडे खेलने हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आगामी सीरीजों में सीनियर खिलाड़ियों को मौका मिलता है तो युवाओं को कितने मैच खेलने को मिलेंगे?
अब जब मैच ही नहीं खेल पांएगे तो फिर विश्व कप से पहले सेलेक्टर उनकी क्षमताओं का आंकलन कैसे करेंगे?
चैंपियंस ट्रॉफ़ी के बाद बदल सकती टीम इंडिया
विराट कोहली इस साल नवंबर में 37 साल के हो जाएंगे. वह 301 वनडे और 123 टेस्ट मैच खेल चुके हैं.
रोहित शर्मा या विराट कोहली की तरफ से वनडे छोड़ने के बारे में अभी कोई बयान नहीं आया है लेकिन टीम इंडिया के जानकारों का मानना है चैंपियंस ट्रॉफ़ी के बाद ऐसा हो सकता है.
घरेलू क्रिकेट में 110 मैचों में 2.29 की औसत से 378 विकेट लेने वाले उत्तर प्रदेश के पूर्व पेसर आशीष विनस्टन जैदी ने मोहम्मद शमी के कामयाबी को काफी करीब से देखा है.
वह कहते हैं, "यकीनन उम्र का थोड़ा असर पड़ा है लेकिन वह गेंद को अच्छा रिलीज करने के साथ मूव भी करवा रहे हैं. मैंने उनकी गेंदबाजी करीब से देखी है. उनमें अभी दम बाकी है. उन्हें अभी एक और साल खेलना चाहिए. अगर फिट रहे विश्व कप भी उन्हें खेलना चाहिए."
34 साल के मोहम्मद शमी सभी फॉर्मेट में अब तक 44,644 बॉल डाल चुके हैं. कई बार चोटिल होने के कारण उन्हें टीम से बाहर रहना पड़ा है.
टीम इंडिया के पास बड़ा टैलेंट पूल
टीम इंडिया से पास इस समय टैलेंट पूल है. विश्वकप से पहले इन्हें ना आजमाने की गलती भारी पड़ सकती है.
यशस्वी जायसवाल
- यह ओपनर बल्लेबाज हैं. तकनीक के साथ धैर्य इनकी खासियत है.
- आस्ट्रेलियाई मीडिया में जबरदस्त चर्चा का विषय बने थे.
रितुराज गायकवाड़
- यह बल्लेबाज हैं और तकनीक ही इनकी खूबी है.
- यह किसी भी क्रम में विश्वास के साथ खेलने की क्षमता रखते हैं.
तिलक वर्मा
- मध्य क्रम के इस बल्लेबाज के साथ बीच के ओवरों में आत्मविश्वास के साथ खेलने की क्षमता है.
- इनके पास हर तरह के स्ट्रोक्स हैं.
शिवम दूबे
- यह आक्रामक बल्लेबाजी की क्षमता रखते हैं.
- स्कोर बोर्ड की गति बनाए रखना इनका मजबूत पक्ष है.
नितिश रेड्डी
- यह टीम इंडिया के लिए आलराउंडर के तौर पर नई खोज है.
- इन्हें जितना मौका मिला उसमें विश्वास जीतने में कामयाब रहे.
आयुष बडोनी
- मध्यक्रम का यह बल्लेबाज मजबूती से खेलने में सक्षम है.
- मैच के अनुसार खेलने की क्षमता है.
इशान किशन
- विकेटकीपर और आक्रामक बल्लेबाज के तौर पर इन्होंने अपनी पहचान बनाई है.
- भारत के लिए कई अहम पारियां खेल चुके हैं.
टी-20 टीमों से मिल सकते हैं और टैलेंट
भारतीय टैलेंट पूल में बस इतने ही खिलाड़ी नहीं है. टीम इंडिया की टी-20 टीमों पर निगाह डालें तो यहां से भी कई खिलाड़ी वनडे टीम के फिट हो सकते हैं.
श्रेयास अय्यर, प्रसिद्ध कृष्णा और शारदूल ठाकुर जैसे टी-20 टीम के सदस्य किसी की भी रिप्लेसमेंट हो सकते हैं.
यह अच्छी बात है कि टीम इंडिया के पास अगले विश्व कप से पहले एक युवा टीम है लेकिन चयनकर्ताओं के लिए यही सिरदर्द भी है.
अब सवाल यह है कि चयनकर्ता स्टार क्रिकेटरों के साथ अगले विश्व कप में जाते हैं या फिर वह अगली पीढ़ी पर भरोसा करते हैं.
यह देखना काफी दिलचस्प होगा.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित