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दक्षिण अफ्रीका फिर 'चोकर्स' साबित, फाइनल में भारत से भिड़ेगा न्यूज़ीलैंड
खेल क्रिकेट का हो और देश पाकिस्तान... तो खाली कुर्सियां और स्टेडियम में पसरा एक किस्म का सन्नाटा... बदले हुए नज़ारे की कहानी बयां करता है. लेकिन एक वो चीज़ जो लाहौर के गद्दाफ़ी स्टेडियम में भी नहीं बदली वो थी दक्षिण अफ्रीका के टीम के साथ लगा 'चोकर्स' का टैग.
आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड की टीम दक्षिण अफ्रीका को 50 रन से मात देते हुए फाइनल में पहुंच गई है.
अब 9 मार्च को दुबई में चैंपियंस ट्रॉफी के खिताब के लिए भारत की टक्कर न्यूजीलैंड से होगी.
डेविड मिलर ने मैच की आखिरी गेंद पर शतक तो पूरा किया, लेकिन वो दक्षिण अफ्रीका को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं था. न्यूजीलैंड के 362 रन के जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 50 ओवर में 9 विकेट गंवाकर 312 रन ही बना पाई.
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'चोकर्स' का टैग नहीं हटा पाया दक्षिण अफ्रीका
लिमिटिड ओवर्स फॉर्मेट में 14 मौकों पर दक्षिण अफ्रीका की टीम नॉकआउट मुकाबले खेलने में कामयाब रही है. लेकिन साल 1998 की चैंपियंस ट्रॉफी को छोड़ दिया जाए तो दक्षिण अफ्रीका की टीम के हाथ हमेशा निराशा ही लगी है.
वहीं न्यूजीलैंड की टीम भी आखिरी बार साल 2000 में लिमिटिड ओवर्स क्रिकेट में कोई खिताब जीतने में कामयाब रही थी.
न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को मात दे दी है, लेकिन 25 साल के खिताबी सूखे को खत्म करने के लिए न्यूजीलैंड की टीम को 9 मार्च को भारत की चुनौती का सामना करना है.
मिलर ने मैच की आखिरी गेंद पर पूरा किया शतक
50 ओवर के फॉर्मेट में किसी भी टीम के लिए 363 रन के लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं होता. लेकिन दक्षिण अफ्रीका की मुश्किलें तब और ज्यादा बढ़ गई जब ओपनर पांचवें ओवर की पांचवीं गेंद पर ओपनर रायन रिकलटन 17 रन बनाकर पवेलियन लौट गए.
पहला विकेट जल्दी गिरने का दबाव कप्तान बवूमा की बल्लेबाजी पर साफतौर पर देखने को मिला. हालांकि उन्होंने 71 गेंद में 56 रन की पारी खेली और रासी वान दर दुसें के साथ दूसरे विकेट के लिए 105 रन की साझेदारी करके अफ्रीका की उम्मीदों को जिंदा रखा.
लेकिन बवूमा के आउट होने के बाद मानो अफ्रीका के विकेट गिरने का सिलसिला शुरू हो गया. वान दर अपनी पारी को 66 रन से आगे नहीं ले जा पाया और क्लासन तो तीन रन बनाकर ही पवेलियन वापस लौट गए.
मारक्रम 31 रन बनाकर पवेलियन लौटे तो मुल्डर ने 8 रन पर ही अपना विकेट गंवा दिया.
मिलर के एक छोर पर डटे रहे उन्होंने 67 गेंद पर अपना शतक पूरा किया. मिलर की पारी में 10 चौके और चार छक्के शामिल रहे.
सैंटनर ने गेंदबाजी से किया कमाल
पहले बड़े टूर्नामेंट में कप्तानी कर रहे सैंटनर ने अहम मुकाबले में खुद को अव्वल साबित किया. सैंटनर ने पहले बड़ी पारी खेलने की ओर आगे बढ़ रहे कप्तान बवूमा विलियमसन के हाथों कैच आउट करवाया और उसके कुछ देर बाद उन्होंने वार दर को 69 के स्कोर पर बोल्ड कर दिया.
दक्षिण अफ्रीका को संभलने का मौका मिलता इससे पहले क्लासन को सैंटनर ने बोल्ड करके पवेलियन वापस भेज दिया. इसके बाद न्यूजीलैंड और फाइनल के बीच ज्यादा फासला नहीं बचा था.
हाई स्कोरिंग मुकाबले के बावजूद सैंटनर ने 10 ओवर में 43 रन खर्च किए और न्यूजीलैंड की जीत में अहम भूमिका निभाई.
फिलिप्स ने बल्ले के बाद गेंद से भी कमाल दिखाया और दक्षिण अफ्रीका के दो बल्लेबाजों को पवेलियन वापस भेजा.
रचिन और केन ने जड़े शतक
दूसरे सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 से क्रिकेट की दुनिया में पहचान बनाने वाले रचिन रविंद्र ने एक बार फिर किया वो बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं.
रचिन रविंद्र ने ओपन करते हुए 101 गेंद पर ना सिर्फ 108 रन की पारी खेली बल्कि न्यूजीलैंड के लिए बड़े स्कोर की नींव भी रखी. रचिन का साथ दिया लगभग हर बार खामोशी के साथ अपना काम करने केन विलियमसन ने.
विलियमसन ने 94 गेंद में 102 रन बनाए और ये तय कर दिया कि दक्षिण अफ्रीका के सामने चुनौती आसान नहीं होने वाली है.
रही सही कसर मिचेल ने 37 गेंद में 49 और ग्लेन फिलिप्स ने 27 गेंद में 49 पूरी कर दी. न्यूजीलैंड ने 50 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 362 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया.
अफ्रीकी गेंदबाजों का फीका प्रदर्शन
मुकाबले से पहले उम्मीद की जा रही थी कि स्टार गेंदबाजों से लैस दक्षिण अफ्रीकी टीम का सामना करना न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं होगा. लेकिन ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला.
बात चाहे यानसन की हो या रबाडा की या फिर एन्गिडी की. किसी की गेंदबाजी से भी न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को कोई परेशानी नहीं हुई. एन्गिडी ने तीन विकेट लिए पर इसके लिए उन्होंने 10 ओवर में 72 रन खर्च किए.
रबाडा को भी दो विकेट मिले. लेकिन उनके 10 ओवर में कीवी बल्लेबाजों ने 70 रन बंटोरे.
यानसन और महाराज महंगे तो साबित हुए ही उनका विकेट लेने का कॉलम भी खाली ही रहा. यानसन ने 10 ओवर में 79 रन लुटाए और केशव महाराज ने 10 ओवर में 65 रन खर्च किए.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित
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