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रूस की 'सेक्स थीम पार्टियों' पर छापा क्यों मार रही है पुलिस
- Author, अमालिया ज़तारी और अनास्तासिया गोलुबेवा
- पदनाम, बीबीसी रूसी सेवा
रूस में अधिकारी इन दिनों सेक्स पार्टियों पर कार्रवाई कर रहे हैं. यह कार्रवाई बीते साल नवंबर में आए सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद की जा रही है. अदालत ने एलजीबीटीक्यू आंदोलन को चरमपंथी विचारधारा बताया था.
हाल के महीनों में रूस के विभिन्न इलाकों में सेक्स थीम वाली छह सार्वजनिक या निजी पार्टियों के दौरान पुलिस ने छापेमारी की है. कुछ आयोजनों का एलजीबीटीक्यू समुदाय से कोई संबंध नहीं था.
रूसी पुलिस ने फरवरी में येकातेरिनबर्ग के एक नाइट क्लब पर छापा मारा था. इस क्लब में 'ब्लू वैलवेट' के नाम से सेक्स थीम पार्टी का आयोजन किया गया था. इसमें शामिल लोग अपनी पहचान छिपाने के लिए बालाक्लावा (मंकी कैप) पहने हुए थे.
इस पार्टी के आयोजकों ने बीबीसी की रूसी सेवा से कहा कि कार्रवाई में कम से कम 50 पुलिसकर्मी शामिल थे. इनमें से कुछ रूस के विशेष सुरक्षा बल एफएसबी के सदस्य थे.
आयोजकों में से एक स्टानिस्लाव स्लोविकोव्स्की ने बताया कि पुलिस ने पार्टी में शामिल लोगों को मास्क उतारने के लिए मजबूर किया. पुलिस ने उनसे उनकी निजी जानकारियां मांगी.
उन्होंने कहा, ''उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या पार्टी में कोई गे या लेस्बियन भी शामिल है या क्या एलजीबीटीक्यू का प्रचार किया जा रहा है. उन्होंने यह भी पूछा कि क्या लोग ड्रग्स भी ले रहे हैं, हालांकि ऐसा लगता है कि उनकी रुचि इसमें कम ही थी.''
रूस में एलजीबीटीक्यू आंदोलन
रूसी अधिकारी पिछले एक दशक से अधिक समय से एलजीबीटीक्यू आंदोलन को एक चरमपंथी विचारधारा बताकर उसे गैरकानूनी बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
इसके लिए कई कानून बनाए गए हैं और एलजीबीटीक्यू समुदाय से उसके अधिकारों को छीनने की कोशिश की गई है.
रूसी संसद के निचले सदन ने 2013 में एलजीबीटीक्यू के प्रचार पर रोक लगाने के लिए एक विधेयक पारित किया था. इसने एलजीबीटीक्यू समुदाय के अधिकारों और उनसे संबंधित मुद्दों पर किसी भी सार्वजनिक बहस को सीमित कर दिया है.
पिछले साल एलजीबीटीक्यू विरोधी और सख्त कानून लागू किया गया.
बीते साल जुलाई में संसद ने ट्रांसजेंडर ट्रांजिशन (लिंग बदलने) पर रोक लगा दी थी, जो कि 1997 से वैध था. आधिकारिक दस्तावेजों में लिंग बदलने, सर्जिकल प्रक्रियाओं, हार्मोनल थेरेपी और लिंग बदलने को गैरकानूनी घोषित कर दिया था.
बीते साल नवंबर में ही रूस के सुप्रीम कोर्ट ने एलजीबीटीक्यू आंदोलन को अतिवादी विचारधारा बताया था. इसके बाद एलजीबीटीक्यू को चरमपंथी संगठनों की उस सूची में शामिल कर दिया गया, जिनमें इस्लामिक स्टेट जैसे संगठन शामिल हैं.
इसके बाद रूस में अब एलजीबीटीक्यू को समर्थन देना अपराध हो गया है. इसमें दोष साबित होने पर 10 साल तक जेल की सजा हो सकती है.
बीडीएसएम पार्टियां
स्टानिस्लाव स्लोविकोवस्की ने बीबीसी की रूसी सेवा को बताया कि जिस 'ब्लू वेलवेट' पार्टी पर पुलिस ने छापा मारा था, उसने कोई अपराध नहीं किया था.
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी में कुछ कामुक प्रदर्शन शामिल थे. उनमें से कुछ में बीडीएसएम था. इसमें विभिन्न तरह के सेक्सुअल एक्टिविटी या रोल प्ले शामिल थे. इसमें शामिल होने के लिए प्रतिभागियों को आमंत्रित किया गया था.
इसके साथ ही स्लोविकोवस्की ने यह भी कहा कि मेहमानों से सेक्स करने की अपेक्षा या दबाव नहीं था.
वहीं बाद में येकातेरिनबर्ग सिटी पुलिस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि सुरक्षा बलों ने उस रात रोकथाम के लिए छापेमारी की थी.
येकातेरिनबर्ग पब्लिक चैंबर के सदस्य दिमित्री चौक्रीव ने कहा, "कोई भी इस बात से इनकार नहीं कर सकता कि एलजीबीटी समुदाय बीडीएसएम पार्टियों की आड़ में अपनी मीटिंग का आयोजन कर सकता है."
वो कहते हैं कि अधिकारियों ने पिछले कुछ सालों में एलजीबीटीक्यू समुदाय पर कार्रवाई बढ़ा दी है, इसके बाद भी वे गायब नहीं हुए हैं.
उन्होंने बीबीसी की रूसी सेवा से कहा, ''उन्हें अभी भी अपना मनोरंजन करने और अपने विचारों को साकार करने की जरूरत है. शायद इस तरह वे बीडीएसएम के रूप में ऐसे आयोजन कर सकते हैं, जिस पर अभी तक पाबंदी नहीं लगाई गई है.''
पिछले दशक में सेक्स पार्टियां केवल रूस के बड़े शहरों में ही दिखाई देती थीं. ये ज्यादातर महानगरीय शहरी परिवेश तक ही सीमित थीं.
अनुमान है कि आबादी का एक छोटा हिस्सा ही इसमें शामिल होता था. इन पार्टियों ने मध्य वर्ग के नौकरीपेशा लोगों को आकर्षित किया, इनमें क्रिएटिव इंडस्ट्री या आईटी सेक्टर के लोग शामिल थे.
'ऑलमोस्ट न्यूड' पार्टी के मेहमानों पर कार्रवाई
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और टीवी होस्ट अनास्तासिया इविलेवा की दिसंबर में हुई जन्मदिन की पार्टी के बाद रूसी अधिकारियों ने सेक्स पार्टियों पर सख्ती की. इस पार्टी में मेहमानों के लिए ऐसा ड्रेस कोड लागू किया गया था, जिसमें न के बराबर कपड़े पहनकर आने थे.
इस पार्टी का सोशल मीडिया पर जमकर प्रचार हुआ. इसमें शामिल होने वाले मेहमानों में ए लिस्ट की रूसी हस्तियां शामिल थीं. इनमें रूसी मीडिया पर्सनैलिटी केन्सिया सोबचाक भी शामिल थीं.
वो व्लादिमीर पुतिन के पुराने सहयोगी और सलाहकार अनातोली सोबचक की बेटी हैं. उनके अलावा वरिष्ठ पॉप सिंगर फिलिप किर्कोरोव भी इस पार्टी में मेहमान थे.
इस पार्टी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर आने के बाद कई लोग नाराज हुए थे.
इस पार्टी में शामिल रैपर वासियो को गुंडागर्दी के आरोप में 15 दिन जेल की सजा सुनाई गई थी. उनकी ड्रेस की वजह से उन पर दो लाख रूबल का जुर्माना भी लगाया गया था.
इस तरह की पार्टी आयोजित करने के लिए इविलेवा पर एक लाख रूबल का जुर्माना लगाया गया था.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को कथित तौर पर इस पार्टी की तस्वीरें दिखाए जाने के बाद इसके आयोजकों और मेहमानों को समस्याओं का सामना करना पड़ा.
पार्टी में शामिल हुईं कुछ मशहूर हस्तियों ने दावा किया कि मीडिया में उनके पहले से ही तय कार्यक्रम रद्द कर दिए गए और उन्हें आपराधिक मुकदमा चलाने की धमकियां मिलीं.
रूस में राष्ट्रपति चुनाव को देखते हुए पुतिन ने पारंपरिक मूल्यों पर जोर देना तेज कर दिया था. इसका परिणाम यह हुआ कि राष्ट्रपति के रूप में अपना पांचवां कार्यकाल जीतने में उन्हें मदद मिली.
पुलिस की कार्रवाई का असर
इसी पैटर्न का पालन हाल ही में सेक्स पार्टियों पर की गई छापेमारी में भी किया गया. पुलिस आई और सभी को लेटने को कहा और उन सभी के परिचय पत्र की जानकारी ली.
इन छापों में से अधिकांश को क्रेमलिन समर्थक मीडिया ने कवर किया. कुछ टेलीविजन चैनलों ने पार्टी में मौजूद लोगों की निजी जानकारियां सार्वजनिक कीं.
यह कार्रवाई केवल सार्वजनिक कार्यक्रमों तक ही सीमित नहीं थी. कम से कम दो मामलों में पुलिस ने निजी पार्टी में भी कार्रवाई की.
पार्टी में आए एक व्यक्ति ने बीबीसी की रूसी सेवा को बताया कि कुछ पुरुष मेहमानों को युद्ध लड़ने के लिए यूक्रेन भेजने तक की भी धमकी दी गई थी.
पुलिस की बढ़ती छापेमारी और सार्वजनिक रूप से होने वाली शर्मिंदगी को देखते हुए ऐसी पार्टियों के आयोजक ठंडे पड़ गए हैं.
मास्को में समलैंगिकों में लोकप्रिय पॉप ऑफ किचन और सेक्स-थीम वाली पार्टियां करने वाले किंकी पार्टी ने इस साल फरवरी में घोषणा की कि अब वे रूस में कोई भी कार्यक्रम आयोजित करना बंद कर देंगे.
किंकी पार्टी के आयोजकों ने एक बयान में कहा, "हमें चेतावनी दी गई है कि अब से सेक्स से संबंधित कोई भी कार्यक्रम आयोजित करने की इजाजत नहीं दी जाएगी."
पॉप ऑफ किचन की निकिता एगोरोव किरिलोव ने बीबीसी से कहा, ''मैं पूरी तरह से जानती थी कि वे सबसे प्रसिद्ध पार्टी को भी बंद कर सकते हैं. यह जानते हुए काम करना असंभव है कि आप अपने मेहमानों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकते हैं.''
उन्होंने कहा, "वे सभी छापे, धमकी, लोगों की निजी जानकारियां दर्ज करना...यह एक बार ही होता है. इसके बाद आप लोगों को फिर कभी यह विश्वास नहीं दिला पाएंगे कि आपकी पार्टी सुरक्षित है."
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