ग़ज़ा को लेकर ईरान की इसराइल को चेतावनी, अमेरिका ने दिया जवाब, नेतन्याहू बोले- करो या मरो का मामला

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ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन ने इसराइल को चेतावनी दी है कि अगर उसने ग़ज़ा पर हमले नहीं रोके तो ‘कभी भी कुछ भी हो सकता है.’
विदेश मंत्री अमीर ने कहा कि इसके लिए 'इसराइल की सैन्य सहायता कर रहा अमेरिका भी ज़िम्मेदार होगा.’
इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री एंथनी ब्लिंकन और रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन, दोनों ने ईरान और उसके सहयोगियों को चेतावनी दी है कि 'जंग को बढ़ावा देने से बचें.'
वहीं, इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने अपने सैनिकों से कहा कि हमास के ख़िलाफ़ जंग ‘करो या मरो’ का मामला है.
दो हफ़्ते पहले हमास ने इसराइल पर हमला किया था जिसमें करीब 1400 लोगों की जान गई थी. इसके बाद इसराइल लगातार हमास को निशाना बनाते हुए जवाबी हमले कर रहा है.

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ग़ज़ा में भारी तबाही
ग़ज़ा में हमास के तहत काम करने वाले स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि पिछले दो हफ़्तों में इसराइली हमलों में 4600 फ़लस्तीनियों की मौत हुई है.
इसराइली सेना की चेतावनी के बाद उत्तरी ग़ज़ा से लाखों फ़लस्तीनी दक्षिणी हिस्से में चले गए हैं. लेकिन अभी भी हज़ारों लोग यहां पर अपने घरों में हैं.
इसराइली सेना का कहना है कि उसने ग़ज़ा में 'पिछले 24 घंटों में 320 लक्ष्यों पर हमला किया है जिनमें हमास और उसके सहयोगी संगठन फ़लस्तीनी इस्लामिक जिहाद की चौकियां और सुरंगे भी शामिल थीं.'
हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि शनिवार को रात भर होते रहे हवाई हमलों के कारण यहां दर्जनों लोगों की जान गई है. उनके मुताबिक़, पिछले 24 घंटों में 436 लोगों की मौत हुई है.
ग़ज़ा के अस्पताल ज़रूरी दवाओं और सामान की कमी से भी जूझ रहे हैं.

ईरान की चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन ने तेहरान में कहा, “मैं अमेरिका और इसके परोक्ष नुमाइंदे इसराइल को चेतावनी देता हूं कि अगर ग़ज़ा में इंसानियत के ख़िलाफ़ किए जा रहे अपराध और नरसंहार को नहीं रोका गया तो कभी भी कुछ भी हो सकता है और क्षेत्र में हालात क़ाबू से बाहर हो जाएंगे.”
उन्होंने कहा कि इसके ‘बेहद ख़राब, बुरे और दूरगामी परिणाम’ होंगे जिनका असर इस क्षेत्र पर भी होगा और उन पर भी जो जंग की वकालत कर रहे हैं.
अब्दुल्लाहियन ने कहा, 'अमेरिकी सेना का इसराइल की मदद करना सबूत है कि ग़ज़ा में जारी संघर्ष अमेरिका की ओर से इसराइल द्वारा परोक्ष रूप से की जा रही जंग है.'
इससे पहले रविवार को इसराइल ने पड़ोस के सीरिया में, जहां ईरान की सेना की मौजूदगी है, दमिश्क और अलेप्पो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइल से हमला किया.
सीरियाई सरकारी मीडिया के अनुसार इस हमले में कम से कम दो श्रमिकों की मौत हो गई. रनवे को नुक़सान पहुंचने के बाद दोनों हवाई अड्डों का इस्तेमाल बंद हो गया है.

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अमेरिका का ईरान को जवाब
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने ईरान को चेतावनी दी है कि इसराइल और हमास के बीच जारी संघर्ष को किसी भी तरह से बढ़ावा न दे.
संघर्ष का दायरा बढ़ने की आशंका जताते हुए उन्होंने कहा कि हिज़बुल्लाह या हमास जैसे ईरान के परोक्ष सहयोगी जंग को बढ़ा सकते हैं.
लेबनान के चरमपंथी संगठन हिज़्बुल्लाह और दो हफ़्ते पहले इसराइल पर हमला करने वाले हमास, दोनों संगठनों को ईरान का समर्थन मिला हुआ है.
ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका हर संभव क़दम उठा रहा है ताकि इसराइली और अमेरिकी नागरिकों की रक्षा कर सकें.
इस दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति का फ़ायदा उठाते हुए अगर कोई समूह या देश इस संघर्ष का दायरा बढ़ाना चाहता है तो उसे हमारी सलाह होगी- ऐसा मत करना.
दरअसल, हाल के दिनों में इराक़ में अमेरिका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेनाओं के ठिकानों पर ड्रोन और रॉकेट से हमले हुए हैं.
अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने भी आगाह किया है कि अमेरिकी सैनिकों और नागरिकों पर हमलों की संभावनाएं बढ़ सकती हैं.
उन्होंने एबीसी नेटवर्क के 'दिस वीक' कार्यक्रम में कहा, “अगर कोई समूह या कोई देश इस संघर्ष का दायरा बढ़ाना चाहता है और इस दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति का फ़ायदा उठाना चाहता है तो उसे हमारी सलाह होगी- ऐसा मत करना.”

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नेतन्याहू का अपने सैनिकों को पैग़ाम
इसराइली सेना ने हाल ही में लेबनान में मौजूद ईरान समर्थित हिज़बुल्लाह के चरमपंथियों पर हवाई हमले किए हैं.
इसराइली सेना ने कहा कि उन्होंने हिज़बुल्लाह के इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऐसे दो दस्तों को निशाना बनाया है जो हमले की ताक में थे. हिज़्बुल्लाह ने कहा है कि उनके एक लड़ाके की मौत हुई है.
रविवार को नेतन्याहू उत्तरी इसराइल में लेबनान के साथ लगती सीमा के पास तैनात सैनिकों से मिले थे.
नेतन्याहू ने कहा, “हम अपनी ज़िंदगी के लिए जंग लड़ रहे हैं. अपने घर के लिए जंग लड़ रहे हैं. ये कोई आक्रामकता नहीं, जंग है. ये करो या मरो की स्थिति है और उन्हें मरना होगा.”
उन्होंने हिज़बुल्लाह को इस जंग से दूर कहने की चेतावनी देते हुए कहा, “वो अपनी ज़िंदगी की सबसे बड़ी ग़लती करेंगे. हम ऐसी ताक़त से हमला करेंगे जिसके बारे में उन्होंने सोचा भी नहीं होगा. और इसका मतलब होगा- उनकी और लेबनान की तबाही."

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इस बीच हिज़बुल्लाह ने एलान किया है कि वह इसराइल के ख़िलाफ जंग के लिए पूरी तरह तैयार है.
इसराइल और हमास के बीच छिड़ी जंग के बीच दक्षिणी लेबनान में 27 लोगों की मौत की ख़बर है.
वहीं इसराइली सेना के मुताबिक़, इसराइल में कम से कम पांच सैनिकों और एक आम नागरिक की जान गई है.
इसराइल ने उत्तरी सीमा की दर्जनों बस्तियों को ख़ाली करवा दिया है. इस इलाक़े में हाल के दिनों में हिंसा बढ़ी है मगर हालात क़ाबू में हैं.
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