इसराइल-हमास संघर्ष- सोमवार को दिनभर क्या हुआ

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इसराइली सेना की ओर से ग़ज़ा पर लगातार बमबारी का सोमवार को 16वां दिन है. लगभग दो सप्ताह से चल रहे इस संघर्ष में अब तक 1400 इसराइली और 5000 से अधिक ग़ज़ा में रहने वाले फ़लस्तीनी मारे गए हैं.
फ़लस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि सात अक्टूबर के बाद से अब तक मरने वालों की संख्या 5087 तक पहुंच गई है. इनमें 2,055 बच्चे, 1,119 महिलाएं और 217 बुजुर्ग हैं. फ़लस्तीनी अधिकारियों ने कहा है कि 15 हज़ार से अधिक लोग घायल हुए हैं.
ग़ज़ा के अल-अहली अरब बैप्टिस्ट अस्पताल पर मंगलवार (17 अक्टूबर) को हुए हमले पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने संसद में बयान दिया है.
ब्रिटिश खुफिया विभाग के विश्लेषण का हवाला देते हुए उन्होंने बताया, "यूके सरकार का मानना है कि विस्फोट(अल-अहली अस्पताल में) संभवतः किसी मिसाइल या उसके किसी हिस्से के कारण हुआ था जो ग़ज़ा के भीतर से इसराइल की ओर लॉन्च की गई थी."
इसराइल की सेना ने कहा है कि उसके विमानों ने सोमवार तड़के लेबनान में दो हिज़बुल्लाह ठिकानों पर हमला किया. इसमें एक ठिकाना इसराइली सीमा से लगने वाले शहर मटाट के पास था, जबकि दूसरा विवादित क्षेत्र शेबा फार्म में था.
ग़ज़ा के कई अस्पतालों के पास विस्फोट की खबरें आईं. फ़लस्तीनी मीडिया के हवाले से रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने बताया है कि जिन अस्पतालों के पास धमाके की खबर है, उसमें ग़ज़ा के सबसे बड़े अस्पताल अल-शिफ़ा के साथ-साथ अल-कुद्स और इंडोनेशियन अस्पताल भी शामिल हैं.
इसराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने कहा है कि सात अक्टूबर को इसराइली इलाकों में हमला करने वाले हमास के एक लड़ाके के पास रासायनिक हथियार बनाने से जुड़ा दस्तावेज़ मिला है. इसमें बताया गया है कि रासायनिक हथियार कैसे बनाया जाता है.
मिस्र के रास्ते ग़ज़ा में मानवीय सहायता की तीसरी खेप पहुंची. 21 अक्टूबर को पहली और 22 अक्टूबर को दूसरी खेप पहुंची थी.























