प्रफुल्ल पटेल ने शरद पवार को लेकर क्या दावा किया- प्रेस रिव्यू

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एनसीपी के राज्यसभा सांसद प्रफुल्ल पटेल को पार्टी प्रमुख शरद पवार ने पार्टी से निष्कासित कर दिया है. इस पर पटेल ने कहा है कि उन्हें यह फ़ैसला स्वीकार नहीं है और उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं की इच्छा के अनुसार काम किया है.
अजित पवार के शिव सेना (शिंदे गुट)-बीजेपी गठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री बनने के बाद शरद पवार ने नौ बाग़ी विधायकों को पार्टी से निकाल दिया. इसके अलावा प्रफुल्ल पटेल और सांसद सुनील तटकरे को भी पार्टी से निकाला गया है.
अंग्रेज़ी अख़बार ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ को दिए इंटरव्यू में पटेल ने कहा है कि बीजेपी के साथ जाने के फ़ैसले पर बीते साल विचार किया गया था और पार्टी संरक्षक पवार को इस क़दम का पता था.
शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले से किसी प्रकार का व्यक्तिगत मतभेद होने को प्रफुल्ल पटेल ने ख़ारिज किया है. हालांकि उन्होंने कहा है कि उनके संगठन में कई बड़े मतभेद थे जिसकी वजह से यह फ़ैसला लिया गया.
प्रफुल्ल पटेल ने पार्टी से निकाले जाने के सवाल पर अख़बार से कहा, “कोई कार्रवाई करने का सवाल ही नहीं है क्योंकि यह (बीजेपी में जाने का) पार्टी का फ़ैसला था और इस पर चुने गए प्रतिनिधियों ने बहुमत से फ़ैसला लिया है.”

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मोदी मंत्रिमंडल में भी शामिल होंगे प्रफुल्ल पटेल
अजित पवार के साथ अभी कितने विधायक हैं, यह अभी तक साफ़ नहीं है. इससे जुड़े सवाल पर पटेल ने कहा, “एक पूरी लिस्ट है जो राजभवन में है. सभी विधायक जो इस क़दम का समर्थन कर रहे थे वो अजित पवार के घर पर भी थे. नंबर्स का सवाल ही नहीं है क्योंकि वो बहुत ज़बरदस्त हैं.”
पटेल ने कहा है कि दल-बदल का सवाल ही नहीं उठता है क्योंकि ‘हम पार्टी हैं न कि एनसीपी के धड़े हैं.’
उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और विधायक यह गठबंधन चाहते थे और इसके बारे में शरद पवार को पता था.
विपक्ष का आरोप है कि ईडी और सीबीआई जांच की वजह से ये फ़ैसला लिया गया है. इस सवाल पर पटेल ने कहा कि राजनीति में इस तरह की अफ़वाहें फैलाई जाती हैं और उनके ख़िलाफ़ एक भी केस नहीं है तो इसका सवाल ही नहीं उठता है.
पटेल ने स्वीकार किया है कि उन्हें एक जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था लेकिन ऐसा नहीं है कि इन परिस्थितियों में ये फ़ैसला लिया गया है.
क्या पटेल मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में दिखाई देंगे? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि इस तरह की कोई बातचीत नहीं हुई है लेकिन उनकी अमित शाह से फ़ोन पर बात हुई है और आख़िरी बातचीत अमित शाह के साथ होनी है.

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महाराष्ट्र के मुद्दे पर बिहार में क्यों हलचल
महाराष्ट्र में सियासी उठा-पटक के बाद बिहार में भी ऐसे हालात होने के कयास लगाए जा रहे हैं. हालांकि इन कयासों में राजनेताओं की सिर्फ़ कोरी बयानबाज़ियां हैं.
हिंदी अख़बार ‘दैनिक भास्कर’ के मुताबिक़, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधायकों-पार्षदों से मुलाक़ात की थी और अब सांसदों को भी मिलने के लिए बुलाया है.
वहीं, बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने दावा किया है कि नीतीश को पार्टी में टूट का डर है जिसकी वजह से वो अपनों को मनाने में लगे हैं.
उधर, एलजेपी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने दावा किया है कि सत्ता पक्ष के कई विधायक उनके संपर्क में हैं.
उनके चाचा और केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस का भी दावा है कि बिहार में एक-दो दिन में बड़ा राजनीतिक भूचाल आने वाला है और महाराष्ट्र का क़िस्सा दोहराया जाएगा.
इन सारी बयानबाज़ियों के बीच जनता दल (यूनाइटेड) ने ट्विटर पर तंज़ कसा है कि अगर महाराष्ट्र का क़िस्सा दोहराया जाएगा तो इसका मतलब ये हुआ कि बिहार के नेता विपक्ष और बीजेपी विधायक महागठबंधन में शामिल होने जा रहे हैं.

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श्रीलंका को क़र्ज़ देने वाले प्लेटफ़ॉर्म से बाहर रहेगा चीन
श्रीलंका ने साफ़ किया है कि उसकी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए क़र्ज़ के लिए एक सामान्य प्लेटफ़ॉर्म में चीन शामिल नहीं होगा बल्कि वो अपनी एक अलग योजना पर बातचीत कर रहा है.
अंग्रेज़ी अख़बार ‘द हिंदू’ के मुताबिक़, श्रीलंका के विदेश मंत्री अली साबरी ने कहा है कि कोलंबो आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए बीजिंग के साथ द्विपक्षीय समर्थन को लेकर बेहद आश्वस्त है.
साबरी ने सोमवार को कोलंबो में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान कहा कि चीन से मिलने वाले सहयोग को लेकर उनको बहुत उम्मीद है और हाल ही में चीन में उन्होंने विदेश मंत्री, वित्त मंत्री और एग्ज़िम बैंक के चेयरमैन से मुलाक़ात की थी.
उन्होंने बताया कि एक कॉमन प्लेटफ़ॉर्म पर साथ आने की ज़रूरत नहीं है लेकिन वो द्विपक्षीय मदद करेगा.
इस साल मई में श्रीलंका को क़र्ज़ देने वाले 17 देशों की एक आधिकारिक क्रेडिटर कमिटी बनी थी जिसमें भारत, जापान और फ़्रांस सह-अध्यक्ष हैं.
चीन ने इस कमिटी की बैठक में एक पर्यवेक्षक के रूप में भाग लिया था लेकिन उसने इससे बाहर रहने का फ़ैसला किया है.
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