यूक्रेन को लेकर यूरोपीय मुल्कों की बैठक, स्टार्मर बोले- यूरोप की सुरक्षा के लिए 'अहम मौक़ा'

यूक्रेन में जंग को लेकर बुलाई गई बैठक में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने कहा कि यूरोप की सुरक्षा को लेकर 'यह पीढ़ियों में एक बार आने वाला महत्वपूर्ण मौक़ा' है.

बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "यूक्रेन के लिए एक अच्छा शांति समझौता इस महाद्वीप के सभी देशों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है."

स्टार्मर की अपील पर यूक्रेन मसले पर चर्चा के लिए यूरोपीय मुल्कों और कनाडा के नेताओं की अहम बैठक लंदन में हुई.

बैठक के लिए यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की पहले ही लंदन में हैं. इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी समेत कई और नेता भी इसके लिए लंदन पहुंचे.

बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

कीएर स्टार्मर से बातचीत में मेलोनी ने कहा है कि इस मामले में पश्चिम को एकजुट रहना होगा.

बैठक के लिए निकलने से पहले नेटो के महासचिव मार्क रट ने कहा कि इसे लेकर वो "बेहद सकारात्मक" हैं.

उन्होंने बैठक के लिए तीन बातों को अहम बताया-

  • पहला, यूक्रेन की मदद के लिए यूरोप को और अधिक अंशदान देने की ज़रूरत है.
  • दूसरा, सभी को एक शांति समझौता चाहिए.
  • तीसरा, नेटो को मज़बूत बनाए रखना है और यूरोप इसके लिए अपना रक्षा खर्च बढ़ाएगा.

कीएर स्टार्मर का कहना है कि ट्रंप और ज़ेलेंस्की के बीच हुई तीखी बहस के बाद उन्होंने ट्रंप से बात की है. वहीं फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी इस घटना के बाद ट्रंप से बात की है.

बैठक क्यों है अहम?

शिखर सम्मेलन की शुरुआत करते हुए ब्रितानी पीएम कीएर स्टार्मर ने इसका एजेंडा स्पष्ट किया.

उन्होंने कहा, "हाल के दिनों में हुई बातचीत के दौरान हम इस बात सहमत हुए कि जंग रोकने के लिए एक योजना पर हम यूक्रेन के साथ काम करेंगे और इसके बाद अमेरिका के साथ बातचीत करेंगे और एक साथ इसे आगे बढ़ाएंगे."

"भले ही रूस शांति की बात करता हो लेकिन वे लगातार आक्रामकता बनाए हुए हैं. यही एजेंडा है और सभी के हित के लिए ताक़त के माध्यम से शांति की ऐसी योजना बनाई जानी चाहिए, जिस पर सभी को सहमत होने की ज़रूरत है."

वहीं बैठक से पहले बीबीसी से बातचीत में स्टार्मर ने कहा था कि रूस-यूक्रेन जंग रोकने के लिए वो यूक्रेन और फ्रांस के साथ मिलकर काम करेंगे.

इससे पहले, शुक्रवार को वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने वॉशिंगटन पहुंचकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस से मुलाक़ात की थी. किसी नतीजे तक पहुंचने से पहले ही यह मुलाक़ात एक तीखी नोंक झोंक के बाद असमय समाप्त हो गई.

ट्रंप और जेडी वेंस से मुलाक़ात के दौरान ज़ेलेंस्की की तीखी बहस हो गई. ये बहस दुनियाभर में ख़बरों में छाई रही.

इसके बाद रविवार को लंदन में हो रही यूरोपीय नेताओं की मुलाक़ात को बेहद अहम माना जा रहा है.

दरअसल ज़ेलेंस्की एक अहम खनिज डील करने और युद्ध रोकने को लेकर चर्चा के लिए अमेरिका पहुंचे थे. लेकिन नेताओं में बहस के बाद ये डील नहीं हो सकी.

हालांकि इस तीखी बहस के एक दिन बाद ज़ेलेंस्की ने कहा कि वो अमेरिका के साथ खनिज डील करने के लिए तैयार हैं और चाहते हैं कि यूक्रेन में स्थायी शांति हो.

उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्हें अमेरिका की सुरक्षा गारंटी की ज़रूरत है. इस पर अब तक अमेरिका की प्रतिक्रिया नहीं आई है.

पीएम किएर स्टार्मर ने क्या बताया?

बीबीसी संवाददाता लॉरा कॉसनबर्ग के साथ बातचीत में ब्रितानी पीएम ने रूस-यूक्रेन जंग रोकने की योजना के बारे में बताया.

उन्होंने कहा कि ज़ेलेंस्की, ट्रंप, मैक्रों के साथ उन्होंने चर्चा की है और इस पर सहमति बन गई है कि ब्रिटेन, फ्रांस और "संभवत: और एक या दो मुल्क" मिलकर यूक्रेन के साथ "युद्ध रोकने की योजना पर काम करेंगे".

इसके बाद इस योजना को लेकर अमेरिका के साथ चर्चा की जाएगी. उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमने सही दिशा में कदम उठाया है."

कीएर स्टार्मर ने यूक्रेन में दीर्घकालिक शांति स्थापित के लिए तीन चीज़ों को बेहद अहम बताया-

  • पहला, एक मज़बूत यूक्रेन जो ज़रूरी होने पर अपने लिए लड़ सके और बातचीत की मेज़ पर मज़बूत स्थिति में हो.
  • दूसरा, यूरोप की हिस्सेदारी, सुरक्षा गारंटी के साथ.
  • तीसरा, पीछे से अमेरिका की मदद.

स्टार्मर ने कहा कि शांति की गारंटी के लिए इन तीनों ही बातों का होना ज़रूरी है.

उन्होंने कहा, "आप एक ऐसा समझौता नहीं कर सकते जो जल्द टूट जाए, ज़ेलेंस्की को इसी बात की चिंता है."

उन्होंने ज़ेलेंस्की की बात का समर्थन करते हुए कहा कि वो "इस बारे में उनका चिंतित होना सही है" कि "प्रस्तावित समझौता लंबे समय तक जारी रहने के लिए" होना चाहिए.

उनसे एक सवाल ये पूछा गया कि ये शांति समझौता ज़मीन पर कैसा दिखेगा और सरहद किसे माना जाएगा. इस सवाल का उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया हालांकि कहा, "साफ़ तौर पर ये चर्चा का विषय है."

शनिवार को ज़ेलेंस्की ब्रिटेन पहुंचे जहां उन्होंने पीएम कीएर स्टार्मर से मुलाक़ात की और युद्ध को लेकर चर्चा की.

ब्रिटेन के पीएम कीएर स्टार्मर का कहना है कि ट्रंप और ज़ेलेंक्सी की मुलाक़ात के बाद से अब तक दो बार वो ट्रंप के साथ भी बात कर चुके हैं.

उनका कहना है कि बहस के कारण ज़ेलेंस्की असहज हो गए थे लेकिन उनका मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति यूक्रेन में जारी युद्ध को ख़त्म होते देखना चाहते हैं.

कीएर स्टार्मर ने कहा, "मैंने कई बार राष्ट्रपति ट्रंप से बात की है. मैं उनसे दो बाद मुलाक़ात कर चुका हूं. मेरे मन में ये साफ़ है कि वो भी यूक्रेन में स्थायी शांति चाहते हैं."

"मैं उनके इस विचार से सहमत हूं, ज़ेलेंस्की भी इससे सहमत हैं और मुझे लगता है कि रूसी राष्ट्रपति वालादिमीर पुतिन के अलावा बाकी सभी भी इससे सहमत होंगे."

जेम्स लैंडेल, बीबीसी के कूटनीतिक मामलों के संवाददाता

यूरोपीय नेताओं को उम्मीद है कि "अटलांटिक संबंधों को सुलझाने और यूक्रेन के लिए पीस प्लान को संभव बनाने" के लिए बैठक अहम साबित होगी.

कीएर स्टार्मर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वो चाहते हैं कि यूरोप इस प्रक्रिया की अधिक हिस्सेदारी ले. रविवार को हो रही बैठक अहम है क्योंकि यूरोप को कहना होगा कि "हमें इस लड़ाई में अपनी भागीदारी निभानी होगी."

स्टार्मर भविष्य में यूक्रेन में सैन्य बल तैनात करने के लिए और यूरोपीय देशों से रक्षा खर्च बढ़ाने की प्रतिबद्धता की उम्मीद कर सकते हैं.

यूरोपीय नेता चाहेंगे कि वो अमेरिका के सामने एक योजना पेश करें ताकि वो सुरक्षा गारंटी पर उसे अपना रवैया बदलने के लिए कह सकें.

अगर आपके पास अमेरिकी एयर कवर (हवाई सुरक्षा), लॉजिस्टिक्स में मदद और ख़ुफ़िया जानकारी साझा करने जैसे आश्वासन नहीं हैं, तो भविष्य में रूस के हमले को रोकने के लिए आपकी कोशिश पर्याप्त नहीं होगी.

कीएर स्टार्मर नहीं चाहेंगे कि इस बैठक को ट्रंप के साथ हुई ज़ेलेंस्की की बहस की आलोचना के रूप में देखा जाए.

फिनलैंड के राष्ट्रपति एलेक्ज़ेंडर स्टब ने यूक्रेन में युद्धविराम की योजना पेश करने की कीएर स्टार्मर की पहल की तारीफ़ की है.

शुक्रवार को ओवल ऑफ़िस में जो कुछ हुआ उसके बारे में उसे उन्होंने "कूटनीतिक की नाकामी" करार दिया और कहा कि इसमें "अगर किसी को फायदा पहुंचा है तो वो केवल पुतिन हैं."

निक बीक, यूरोप संवाददाता

यूरोप के बारे में हम कई बात ये बात सुनते हैं कि अगर पूरा यूरोप एक देश होता तो "ट्रंप और ज़ेलेंक्सी के बीच जो बहस हुई उस पर कैसी प्रतिक्रिया देता?"

लेकिन घरेलू स्तर पर चुनौतियों से जूझ रहे यूरोपीय नेताओं में ये बात नहीं दिखती.

फ़्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों खुद को अमेरिका और यूरोप के बीच एक पुल के रूप में देखते हैं, इसी तरह सर किएर स्टार्मर भी.

घरेलू स्तर पर बहुत कमज़ोर हो चुके मैक्रों का कार्यकाल दो साल और बचा है और वह इस दौरान अपनी छाप छोड़ना चाहते हैं.

इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी का ट्रंप प्रशासन के चुनिंदा महत्वपूर्ण लोगों से क़रीबी संबंध है, जैसे एलन मस्क.

हालांकि पोल्स में पता चलता है कि ब्रिटिश और फ़्रांसीसी जनता के मुकाबले इतालवी जनता के बीच यूक्रेन को लेकर समर्थन कम है.

जर्मनी के अगले नेता बनने जा रहे फ़्रिड्रिख़ मर्त्ज़ ने दावा किया है कि वह मौजूदा चांसलर ओलाफ़ शोल्ज़ की अपेक्षा अधिक प्रमुख भूमिका निभाएंगे.

आज के शिखर सम्मेलन में वह भी शामिल हो रहे हैं.

यूरोपीय सुरक्षा को लेकर अमेरिका के रुख़ में बदलाव के मद्देनज़र, वह इस बात पर ब्रिटेन और फ़्रांस के साथ बातचीत करने को तैयार हैं कि दोनों देश परमाणु रक्षा क्षमताओं को जर्मनी के साथ साझा करने को तैयार होते हैं या नहीं.

आने वाले सप्ताह में 27 यूरोपीय देश ब्रसेल्स में एक तात्कालिक शिखर सम्मेलन आयोजित करने जा रहे हैं.

इसमें वे नेता भी शामिल होंगे जिन्हें आज की बैठक के लिए लंदन नहीं बुलाया गया है और जिनका मॉस्को के प्रति नरम रुख़ है, ख़ासकर हंगरी के विक्टर ओरबान.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)