इसराइल-ग़ज़ा युद्ध: युद्धविराम और अग़वा किए लोगों को छोड़ने में क्यों हो रही है देर?

युद्धविराम के समर्थक

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इसराइल और हमास के बीच अग़वा किए गए लोगों के बदले चार दिन के युद्ध विराम पर सहमति तो बन गयी है लेकिन इसका साफ़ ब्योरा आने में वक़्त लग रहा है.

इस डील के तहत 150 फ़लस्तीनियों को भी इसराइल की जेल से रिहा किया जाना था. इसके लिए पहले आज (गुरुवार) सुबह 10 बजे का वक़्त तय किया गया था लेकिन अब इसराइली अधिकारियों ने बताया है कि ये रिहाई शुक्रवार को होगी.

इसराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने बीबीसी को बताया है कि उन्हें उन अग़वा किए गए लोगों की सूची मिली है जिन्हें कल रिहा किया जाएगा.

मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि अधिकारी अब इस सूची का अध्ययन कर रहे हैं और इन लोगों के परिजनों से संपर्क कर रहे हैं.

हमास के हथियारबंद दस्ते अल-क़ासम ब्रिगेड ने भी चार दिन तक चलने वाले युद्ध विराम की पुष्टि की है.

ब्रिगेड ने भी दोहराया है कि शुक्रवार सुबह सात बजे से ये युद्ध विराम शुरू हो जाएगा.

उन्होंने कहा है कि युद्धविराम के दौरान रोज़ ईंधन से लदे चार ट्रकों और सहायता सामग्री लाने वाले 200 वाहनों को ग़ज़ा पट्टी में दाखिल होने दिया जाएगा.

एक बयान में अल-क़ासम ने कहा कि चार दिन तक सभी तरह की सैन्य कार्रवाई बंद रहेगी.

अल-क़ासम का बयान और क़तर की भूमिका

इन्फो कार्ड

इसराइल और हमास के बीच मध्यस्थ बने क़तर ने कहा है कि कार्रवाई की पूरी जानकारी अब कल ही जारी की जाएगी.

क़तर के विदेश मंत्री माजिद अल-अंसारी ने कहा है कि हमास शुक्रवार को अग़वा किए गए लोगों में से 13 लोगों को रिहा कर देगा.

उन्होंने कहा है कि क़तर इस डील के ज़रिए क्षेत्र में स्थाई शांति की उम्मीद कर रहा है.

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शुक्रवार सुबह सात बजे युद्धविराम लागू हो जाएगा और दोपहर चार बजे अग़वा किए गए लोगों में कुछ लोगों को छोड़ा जाएगा.
माजिद अल-अंसारी
विदेश मंत्री, क़तर

इसराइल की जेलों से फ़लस्तीन की बुजुर्ग महिलाओं और कुछ बच्चे भी रिहा किया जा रहे हैं जिन्हें रेड क्रॉस के हवाले किया जाएगा.

माजिद अल-अंसारी ने कहा है कि उन्हें बताया गया है कि शुक्रवार सुबह सात बजे युद्धविराम लागू हो जाएगा और दोपहर चार बजे अग़वा किए गए लोगों को छोड़ा जाएगा.

उन्होंने कहा कि ये पहले दिन का कार्यक्रम है और युद्धविराम चार दिन तक का है.

उन्होंने कहा कि कल सिर्फ़ 13 अग़वा लोगों को छोड़ा जाएगा.

डील के तहत चार दिन के युद्धविराम के दौरान 50 अग़वा किए गए लोगों को इसराइल के हवाले किया जाएगा.

रिहाई में देरी की वजह हमास की नई शर्तें?

ग़ज़ा में इसराइल सेना

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बीबीसी संवाददाता ओरला ग्यूरिन के मुताबिक डील को लागू करने में देरी की वजह हमास की कुछ नई शर्तें हैं.

ओरला ने इसराइली सरकार में अपने सूत्रों के हवाले से कह है कि हमास ने डील होने के बाद कई नई मांगे रखी हैं. ये साफ़ नहीं है कि अब हमास क्या मांग कर रहा है.

अब तक हुई डील के मुताबिक हमास 50 अग़वा किए गए लोगों को इसराइल के हवाले करेगा. और इसराइल 150 फ़लस्तीनियों को अपने जेलों से छोड़ेगा. और इसके लिए चार दिन का युद्ध विराम लागू रहेगा.

अल-शिफ़ा

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ये डील गुरुवार से ही लागू होनी थी लेकिन अब साफ़ हो रहा है कि ये सब शुक्रवार को ही मुमकिन होगा.

फ़िलहाल सभी निगाहें ग़ज़ा और इसराइल पर हैं.

समझौते पर क्रियान्वयन होने से पहले इसराइली सेना ने फिर कहा है कि वो ‘हर वक़्त युद्ध के लिए तैयार रहेगी.’

पीटर लेरनर ने बीबीसी न्यूज़ को बताया है कि इसराइली सेना तभी बमबारी रोकेगी जब उनके पास समझौते का पूरा ब्योरा आएगा.

उन्होंने कहा कि वे इस मामले में अपनी सरकार के निर्देशों का इंतज़ार कर रहे हैं.

पीटर लेरनर ने कहा, "मेरे ख़्याल से ये ज़रूरी है कि हम हमास के ठिकाने पर हमले जारी रखें. ये एक अत्याचारी आंतकवादी संगठन है. उनका अस्तित्व ख़त्म हो जाना चाहिए.”

लेरनर ने ये भी कहा कि हमास के युद्धविराम का इतिहास हमेशा सवालों में रहा है.

उन्होंने बीबीसी को बताया, “वो कभी हमले नहीं रोकते, इसलिए हम अपनी रक्षात्मक स्थिति में तो रहेंगे पर ये सुनिश्चित करेंगे कि हम सजग और सुरक्षित रहें.”

अल-शिफ़ा के निदेशक इसराइली हिरासत में

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इसराइली सिक्यूरिटी एजेंसी (आईएसए) ने ग़ज़ा के अल-शिफ़ा अस्पताल के निदेशक को हिरासत में ले लिया है.

एजेंसी ने एक बयान जारी कर कहा है, “अस्पताल के नीचे मौजूद सुरंगों के जाल के लिए बिजली और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया गया है.”

ऐसा ही दावा इसराइली सेना ने भी सोशल मीडिया पर बुधवार को किया था. एक्स पर सेना ने सुरंगों के भीतर टॉयलेट, किचन और एसी आदि की तस्वीरें साझी की थीं.

एजेंसी की स्टेटमेट अस्पताल के निदेशक अबु सलामिया के मातहत अस्पताल में ‘हमास के भीतर विस्तृत आतंकी गतिविधियां’ हुईं हैं.

पिछले हफ़्ते ग़ज़ा के अल-शिफ़ा अस्पताल पर इसराइल सेना ने नियंत्रण कर लिया था.

सेना ने दावा किया था कि हमास अस्पताल के नीचे बिछी सुरंगों में अपना कमांड सेंटर चला रहा था. अमेरिका ने इसराइली दावे पर सहमति जताई थी.

हमास ने आरोपों का खंडन किया है लेकिन इसराइली सेना ने अपने पक्ष को मजबूती से रखने के लिए एक्स (ट्विटर) पर वीडियो पोस्ट किया है.

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