'भाई को राखी तो बाँध दी, पर...' आंध्र की फार्मा फ़ैक्ट्री में विस्फ़ोट से मरने वालों के परिजनों ने क्या बताया?

- Author, लक्कोजू श्रीनिवास
- पदनाम, बीबीसी तेलुगू संवाददाता, विशाखापट्टनम से
"मैं काफ़ी दूर से अपने बड़े भाई को राखी बांधने के लिए आई थी. लेकिन मैं उसके साथ ज़्यादा समय तक नहीं बीता सकी. राखी के अगले दिन जब मैं उठी तो वह ऑफ़िस के लिए निकल चुके थे."
ये कहते हुए किरणमयी की आंखों में आंसू भरे हुए थे.
किरणमयी, इस हादसे जान गंवाने वाले टेक्नीशियन वेंकट साई की छोटी बहन हैं. वो राखी के दिन शाम को आई थीं और अपने भाई की कलाई पर राखी बांधी थी.
किरणमयी बीबीसी से कहती हैं, "शाम को 9.30 बज रहे थे, जब राखी बंधवाने के बाद भाई ये कहकर सोने चले गए कि वे थके हुए हैं."
उन्होंने कहा, "अगले दिन वो ऑफिस चल गए. रात को ऑफिस से लौटने के बाद भी उन्होंने मेरे से ज्यादा बात नहीं की थी. इसके बाद वो सो गए."
किरणमयी कहती हैं, "जब मैं अगले दिन सुबह 8 बजे उठी तब भाई ऑफिस के लिए निकल गए थे. मैंने उनका चेहरा तक नहीं देखा था."
वेंकट साई की मां कहती हैं, "भगवान ने हमारे साथ नाइंसाफ़ी की है. हम उसकी शादी के लिए लड़की देख रहे थे."
एक अन्य कर्मचारी सन्यासी राव की बेटी वसंती कहती हैं, "मरने वाले लोगों की सूची में मेरे पिता का नाम था, लेकिन ये लोग उनकी बॉडी हमें नहीं दिखा रहे हैं."
उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि अब वो ज़िंदा हैं भी या नहीं."
चिन्ना राव की पत्नी लोवम्मा कहती हैं, "कल सुबह मेरे पति अपना लंच बॉक्स लेकर कंपनी गए थे, उसके बाद से अभी तक मैंने उन्हें नहीं देखा है."
किरणमयी, वसंती और लोवम्मी की तरह ही अन्य लोग भी अपने परिजनों का इंतज़ार अस्पताल में कर रहे हैं.

आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली ज़िले में एसईज़ेड इलाके की एक फार्मा कंपनी में विस्फोट के कारण 17 लोगों की जान गई थी.
पहले बताया जा रहा था कि विस्फोट रिएक्टर में हुआ है लेकिन बाद में आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री वंगालापुडी अनिता ने बताया कि धमाका सोल्वेंट (विलायक) में लीकेज के कारण हुआ था.
यह हादसा विशेष आर्थिक क्षेत्र में एस्सेन्टिया एडवांस्ड साइंस प्राइवेट लिमिटेड में हुआ.
बीबीसी तेलुगू ने अस्पताल में मौजूद पीड़ितों के परिजनों से बात की.

हादसे के समय कंपनी में थे 381 कर्मचारी
अमेरिका की एस्सेन्टिया लाइफ साइंसेज की एक विनिर्माण इकाई विशाखापट्टनम के विशेष आर्थिक क्षेत्र में स्थित है.
अधिकारियों के मुताबिक, जब यह हादसा हुआ तब कंपनी में 381 कर्मचारी थे.
आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री वंगालापुडी अनिता ने इस हादसे को लेकर बताया, "कुछ सॉलवेंट्स के रिसाव से गैस बनी. यह गैस पाइपलाइन से होते हुए कंपनी में लगे एयर कंडीशनरों में पहुंची और इमारत के ऊपरी मंज़िल से निचली मंज़िल तक फैल गई."
उन्होंने कहा, "बिजली में स्पार्क और वहां तक गैस पहुंचने पर धमाका हो गया."
इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए 35 लोगों को विशाखापट्टनम और आसपास के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती किया गया है.
वहीं मृतकों के परिजन विशाखापट्टनम के किंग जॉर्ज अस्पताल और अनाकापल्ली सरकारी अस्पताल के बाहर इंतज़ार कर रहे हैं, जहां शवों का पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है.
अस्पताल पीड़ित लोगों के परिजनों से भरे हुए हैं. किसी के पिता, किसी की मां, बच्चे और बाकी नाते-रिश्तेदार यहां अपने प्रियजनों की तलाश में पहुंचे हैं. ये लोग रो रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं.
कुछ लोगों का कहना है कि बिना इंसाफ़ के हम शवों को नहीं लेकर जाएंगे.
कुछ लोग उचित कार्रवाई नहीं करने को लेकर सरकार और अधिकारियों पर आरोप लगा रहे हैं, जबकि इस तरह के हादसे अक्सर होते रहते हैं.

स्थानीय विधायक ने कहा नहीं हुआ फ़ैक्ट्री का सुरक्षा ऑडिट
अनाकापल्ली के विधायक कोनाथला रामकृष्ण ने कहा, "पिछले कुछ सालों में सुरक्षा को लेकर एक भी ऑडिट नहीं हुआ."
आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री वांगलापुड़ी अनिता ने कहा कि वे सुरक्षा ऑडिट कराने जा रही हैं, इसके बाद पता चलेगा कि कंपनी सुरक्षा मानकों और नियमों का पालन कर रही थी या नहीं.
उन्होंने कहा, "अभी तक कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. कंपनी प्रबंधन की ओर से पीड़ितों से मिलने कोई नहीं आया है और उनकी ओर से कोई देख-रेख नहीं की गई."
जब भी ऐसे हादसे होते हैं, सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं. सरकारें कहती रही हैं कि हम सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित कर सकते हैं.
जबकि कर्मचारी सुरक्षा में चूक का आरोप लगाते हुए लगातार शिकायतें करते हैं. अधिकारियों पर आरोप हैं कि वे सुरक्षा ऑडिट से समझौता कर रहे हैं.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण और पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने इस हादसे पर दुख जताया है. सीएम नायडू ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं.

पिछले 10 सालों में हुए ये हादसे
विशाखापट्टनम के विशेष आर्थिक क्षेत्र में पिछले कुछ सालों में कई हादसे हुए हैं.
- 27 दिसंबर 2014 : माइलन कंपनी में बड़ा विस्फोट हुआ, दो लोगों की मौत.
- 08 अप्रैल 2019 : एशियन पेंट्स कंपनी में हादसा, एक की मौत.
- 14 जनवरी 2020 : सनवीरा लिमिटेड कंपनी के एक चिमनी कर्मचारी की मौत.
- जुलाई 2021 : वशिष्ठ फार्मा में हादसा, एक की मौत.
- जून और अगस्त 2022 : एक बीज कंपनी में ज़हरीली गैस का दो बार रिसाव हुआ, 500 महिला कर्मचारी प्रभावित हुईं.
- 22 अक्तूबर 2022 : सेंट गोबेन कंपनी में गैस लीक, एक की मौत.
- 11 जनवरी 2023 : जीएमएफसी लैब में बॉयलर विस्फोट, एक की मौत.
- फरवरी 2023 : मैथन फेरो फार्मा में हादसा हुआ, एक व्यक्ति की मौत.
- जून माह का दूसरा सप्ताह, 2023 : अभिजीत फेरो कंपनी में हादसा, एक की मौत.
- 30 जून 2023 : साहिती फार्मा कंपनी में विस्फोट, 4 लोगों की मौत.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित












