नेपाल की नदी में गिरी महाराष्ट्र के यात्रियों से भरी बस, कम से कम 27 की मौत

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नेपाल में 40 भारतीय यात्रियों से भरी बस एक नदी में गिरने से मरने वालों की संख्या 27 हो गई है. तनाहुन के मुख्य ज़िलाधिकारी जनार्दन गौतम ने बीबीसी से नेपाली से इसकी पुष्टि की है.
उन्होंने ये भी बताया कि गंभीर हालत में 16 घायलों को सेना के हेलीकॉप्टर से इलाज के लिए काठमांडू भेजा गया है.
इससे पहले महाराष्ट्र के महाराष्ट्र के राहत और पुनर्वास मंत्री अनिल पाटिल ने मीडिया को बताया था कि बस में सवार करीब 40 यात्री महाराष्ट्र से थे.
भारतीय नंबर प्लेट वाली ये बस पोखरा से काठमांडू जा रही थी.
अनिल पाटिल ने मीडिया को बताया था , "जलगांव के ज़िला कलेक्टर की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, करीब 41 पर्यटक घूमने के लिए नेपाल गए थे. बताया गया है कि उनकी बस नदी में गिर गई है."
उन्होंने कहा, "शुरुआती जानकारी सामने आई है कि इस दुर्घटना में लगभग 15 से 16 लोगों की मौत हो गई है."

पाटिल ने ये भी कहा कि नेपाल प्रशासन से ये कहा गया है कि वे अब तक मिले शवों को तुरंत महाराष्ट्र के संबंधित ज़िलों तक पहुंचाने की व्यवस्था करें.
उन्होंने बताया कि बस में सबसे ज़्यादा महाराष्ट्र के जलगांव ज़िले के यात्री थे.
स्थानीय पुलिस ने बताया था कि महाराष्ट्र के यात्रियों ने उत्तर प्रदेश से बस लेकर नेपाल में प्रवेश किया था.
ये दुर्घटना राजधानी काठमांडू से 118 किलोमीटर दूर नेपाल के तनाहुन ज़िले में हुई है. बस सड़क से करीब 300 मीटर नीचे जा गिरी.
नेपाल में अधिकारियों ने क्या कहा?

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तनाहुन के मुख्य ज़िला अधिकारी जनार्दन गौतम ने बीबीसी नेपाली को बताया है कि आँबुखैरेनी के पास मार्स्यांगडी नदी में गिरी भारतीय नंबर प्लेट वाली बस में सवार कम से कम 10 लोग लापता हैं और उनकी तलाश की जा रही है.
घटनास्थल से फोन पर बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने कहा, "29 लोगों को बचाया गया है और उनमें से 15 बोलने में सक्षम हैं."
अनुमान है कि बस में ड्राइवर समेत 39 से 43 लोग सवार थे. उन्होंने कहा, "जो लोग बेहोश हैं उन्हें अस्पताल ले जाया गया है."
स्थानीय पुलिस की टीम लोहे की सीढ़ियों के सहारे दुर्घटनास्थल पर पहुँची और लोगों को सड़क तक लेकर आई.
दुर्घटनास्थल के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं जिनमें बस को नदी में गिरा हुआ देखा जा सकता है. वीडियो में राहत और बचावकर्मियों को लोगों की देखभाल करते देखा जा सकता है.
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने इस बस हादसे के बाद इमरजेंसी रिलीफ़ हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.
भारतीय दूतावास ने बताया, "पोखरा से काठमांडू की ओर जा रही भारतीय टूरिस्ट बस आज मार्स्यांगडी नदी में 150 मीटर नीचे जाकर गिरी. इसमें लगभग 43 लोग सवार थे. भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य देख रहा है. दूतावास का इमरजेंसी रिलीफ़ नंबर है: +977-9851107021."
तनाहुन ज़िले की पुलिस के प्रवक्ता दीपक कुमार राय ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "अब तक हमने 31 यात्रियों को बचा लिया है. इनमें 14 अब भी बेहोश हैं. कई लोगों को अस्पताल भेजा गया है लेकिन मृतकों की संख्या के बारे में कुछ नहीं कह सकते. "
नेपाली आर्मी के प्रवक्ता गौरव कुमार केसी ने कहा है कि सेना का एक हेलीकॉप्टर राहत और बचाव कार्य में शामिल किया गया है.
दुर्घटनास्थल पर लिए गए वीडियो और तस्वीरों में बस के मलबे को मार्स्यांगडी नदी के तट पर देखा जा सकता है.
आँबुखैरेनी में स्थानीय पुलिस कार्यालय के प्रमुख शिव थापा ने बीबीसी नेपाली को बताया, "बस एक मुश्किल जगह पर गिरी है, इसलिए बचाव कार्य में दिक़्क़तें पेश आ रही हैं."
नेपाली गृह मंत्रालय के आपदा प्रबंधन के प्रमुख भीष्म कुमार भुसाल के अनुसार बचाव कार्यों में एक हेलीकॉप्टर भी दुर्घटनास्थल पर गया है.
बस में कौन थे?
डीएसपी भट्ट के मुताबिक केशरवानी ट्रांसपोर्ट की बस गोरखपुर से नेपाल गई थी.
पुलिस ने बताया कि बस में ड्राइवर और हेल्पर के अलावा 40 लोग सवार थे.
डीएसपी ने कहा, "इस बस ने कल शाम पाँच बजकर तीन मिनट पर सीमा शुल्क देकर महाराष्ट्र में प्रवेश किया था. ये 40 यात्री महाराष्ट्र से थे."
सभी यात्री भैरहवा होटल में रुके थे. भट्ट ने कहा कि बस उन्हें अगली सुबह पोखरा ले गई.
पुलिस के मुताबिक, बस आठ दिन का परमिट लेकर नेपाल में घुसी थी.

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पिछले महीने नेपाल के चितवन के सिमलताल में दो यात्री बसें भूस्खलन के बाद त्रिशुली नदी में गिर गई थीं. उस दुर्घटना में भारतीय नागरिकों समेत दर्जनों लोगों की मौत हो गई.
बस में सवार 62 लोगों में से तीन जीवित निकले, जबकि 24 के शव मिले थे.
नदी का बहाव इतना तेज़ था कि दोनों बसों का मलबा तक नहीं मिला था.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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