आख़िर किस बात पर भड़की थीं रिवाबा जडेजा?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में गुजरात के जामनगर उत्तर से भारतीय जनता पार्टी की विधायक रिवाबा जडेजा और जामनगर सांसद पूनम माडम और जामनगर की मेयर बीनाबहन कोठारी से बहस होते दिख रही है.

वीडियो में रिवाबा का सांसद और मेयर से वाद विवाद होते नज़र आ रहा है. वीडियो में रिवाबा, “औकात में रहो” और “अपनी आवाज़ नीचे रखो” जैसे शब्द बोलते हुए सुनाई पड़ रही हैं.

वहीं सांसद पूनम माडम और मेयर भी ग़ुस्से में दिख रही हैं. हालांकि इस वीडियो में बाद में सांसद, ‘सॉरी’ बोलते हुए भी सुनाई पड़ रही हैं.

रिवाबा, क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की पत्नी हैं.

क्या थी घटना?

जामनगर नगर निगम ने शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए 'मेरी मिट्टी मेरा देश' के तहत एक कार्यक्रम का आयोजन किया था.

कार्यक्रम में सांसद पूनम माडम, जामनगर उत्तर की विधायक रिवाबा जाडेजा और शहर की मेयर बीनाबहन कोठारी मौजूद थीं.

इसी दौरान इन तीनों के बीच में बहस हो गई जिसका वीडियो वायरल हो रहा है.

इस झगड़े में एक ओर थीं सांसद और मेयर और दूसरी ओर थीं विधायक रिवाबा जडेजा.

वायरल वीडियो में जब रिवाबा ने ‘औकात’ और ‘अपनी आवाज़ नीचे रखो’ जैसे शब्द बोले तो सांसद पूनम माडम और मेयर बीनाबहन कोठारी ने भी ग़ुस्से में अपनी प्रतिक्रिया दी.

वायरल वीडियो में कुछ शब्द साफ सुनाई नहीं दे रहे हैं क्योंकि अन्य आवाजें तेज हैं. लेकिन ऐसा लग रहा था कि तीनों के बीच किसी वजह से झगड़ा हुआ था.

रिवाबा के ग़ुस्से के बाद मेयर बीनाबहन कहती हैं, “आप यहां से चले जाइए.”

इसके बाद सांसद पूनम माडम भी रिवाबा से कहती हैं, “ये मेयर हैं. आपसे उम्र में बड़ी हैं.”

रिवाबा की प्रतिक्रिया

वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए रिवाबा ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर सांसद पूनम माडम को ज़िम्मेदार ठहराया.

उन्होंने मीडिया से कहा, “कार्यक्रम ठीक से चल रहा था. शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करते समय सांसद चप्पल पहनी हुई थीं. उनके बाद मेरी बारी थी. मैंने शहीदों को श्रद्धांजलि देने से पहले अपनी चप्पलें उतार दीं तो सांसद महोदया ने तंज़ कसते हुए कहा कि कुछ अज्ञानी लोग कुछ नहीं समझते. ऐसे लोग ओवर स्मार्ट हो जाते हैं और अपने जूते उतार देते हैं. जबकि बड़े-बड़े नेता भी ऐसा नहीं करते. मुझे शहीदों के कार्यक्रम में ऐसी टिप्पणियाँ पसंद नहीं आईं.”

रिवाबा ने मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में दावा किया कि उन्होंने ही अपने जूते उतारकर श्रद्धांजलि देना शुरू किया था. उनसे पहले पूनम माडम बिना चप्पल उतारे श्रद्धांजलि दे चुकी थीं, इसलिए रिवाबा का जूते उतारना उन्हें नागवार गुज़रा.

रिवाबा ने दावा किया कि उनके और सांसद पूनप माडम के बीच बातचीत चल रही थी तो मेयर बीनाबहन ने भी सांसद का पक्ष लेना शुरू कर दिया. जिस पर रिवाबा, मेयर से भी ग़ुस्से में कुछ कहती हैं.

रिवाबा के मुताबिक़, “जब कोई आपके सामने ऊंची आवाज में बोलता है, तो आप स्वाभाविक रूप से अपमानित महसूस करते हैं. इसलिए मुझे अपना आत्मसम्मान बनाए रखने के लिए ऐसा कहना पड़ा, क्योंकि मेयर का उससे कोई लेना-देना नहीं था. उनके पास कहने के लिए कुछ भी नहीं था. फिर भी वो बीच में आईं और सांसद महोदया का पक्ष लेने लगीं.”

सांसद और मेयर ने क्या कहा?

दूसरी तरफ़ इस पूरी घटना पर मेयर बीनाबहन ने मीडिया से कहा, “यह पूरा मामला हमारी भारतीय जनता पार्टी का आंतरिक मसला है और मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती."

वहीं सांसद पूनम माडम ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ''यह सरकार का कार्यक्रम था और मेरा व्यवहार भी पार्टी अनुशासन के अनुरूप था. मैंने पार्टी का अनुशासन नहीं तोड़ा. मैं प्रदेश अध्यक्ष से अनुमति लेकर आपसे बात कर रही हूं. जब हम ग्रुप फोटो के लिए आए तो आधा मिनट का संवाद हुआ था. उससे ज्यादा कोई संवाद नहीं हुआ था. मुझे ऐसा लग रहा है कि कहीं न कहीं कोई गलतफहमी हो गई है. इससे अधिक कुछ नहीं."

वीडियो में सांसद पूनम माडम भी सॉरी कहती नजर आईं. यह पूछे जाने पर कि उन्हें सॉरी कहने की जरूरत क्यों महसूस हुई, उन्होंने कहा, "मैंने मेयर बीनाबहन से सॉरी कहा क्योंकि मेरी मौजूदगी में माहौल थोड़ा तनावपूर्ण था और बीनाबहन उम्र में मुझसे बड़ी हैं. उन्हें सॉरी कहने में कोई दिक्कत नहीं है और मैंने रिवाबा से सॉरी कहा क्योंकि वहां सार्वजनिक तौर पर ऐसा माहौल हो गया था वो मुझे ठीक नहीं लगा. मैंने कहा, चलो यहां से चलते हैं.”

पूनम माडम ने ये भी कहा कि "रिवाबा पहली बार विधायक बनी हैं और ये मीडिया के सामने हुआ इसलिए मुझे वो ठीक नहीं लगा."

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