दिल्ली ब्लास्ट: डॉक्टर उमर नबी, आमिर और जासिर के घर वाले क्या कह रहे हैं?

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इमेज कैप्शन, एनआईए ने सोमवार यानी 17 नवंबर को दिल्ली धमाके के मामले में दूसरी गिरफ़्तारी की है
    • Author, माजिद जहाँगीर
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी एनआईए ने दिल्ली में लाल क़िला के पास हुए धमाके के संबंध में 16 नवंबर को पहली गिरफ़्तारी करने का दावा किया.

एजेंसी ने बताया कि कश्मीर के रहने वाले आमिर रशीद अली को गिरफ़्तार किया गया है.

एनआईए का दावा है कि वह डॉक्टर उमर उन नबी के सहयोगी थे और दिल्ली धमाके की साज़िश में शामिल थे.

10 नवंबर को लाल क़िले के पास हुए धमाके में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई थी.

डॉक्टर उमर उन नबी

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इमेज कैप्शन, डॉक्टर उमर ने श्रीनगर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) से एमबीबीएस और एमडी की पढ़ाई की थी

डॉक्टर उमर उन नबी के बारे में एनआईए ने दावा किया है कि वह लाल क़िला धमाके में 'आत्मघाती हमलावर' थे.

आरोप है कि डॉक्टर उमर नबी ही वो कार चला रहे थे, जिसमें धमाका हुआ था.

श्रीनगर से 35 किलोमीटर दूर पुलवामा ज़िले के कोइल गाँव में डॉक्टर उमर उन नबी का घर है. श्रीनगर से कोइल गाँव पहुँचने के लिए आपको कई दूसरे गाँवों से होकर गुज़ारना पड़ता है.

कोइल गाँव में एक पतली गली डॉक्टर उमर उन नबी के घर तक जाती है.

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बीते दिनों उमर नबी के इस घर को रात के समय में सुरक्षाबलों ने धमाके से उड़ा दिया. अब ये मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका है.

उनके पड़ोसियों ने मकान गिराए जाने के बाद अगले दिन बताया था कि रात के 12 बजे से ढाई बजे तक उन्होंने तीन धमाकों की आवाज़ें सुनीं.

उनका कहना था कि उमर के घर के आसपास रहने वालों को पहले घरों से निकाला गया था, उसके बाद धमाके किए गए थे.

उमर के परिवार में उनके माता-पिता, भाई-भाभी और एक बहन रहती हैं.

डॉक्टर उमर नबी की भाभी मुज़म्मिल अख़्तर ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के साथ बातचीत में कहा कि डॉक्टर उमर डेढ़ साल पहले यहाँ (कश्मीर से) से चले गए थे और फ़रीदाबाद की अल फ़लाह यूनिवर्सिटी में बतौर असिस्टेंट प्रोफ़ेसर पढ़ाते थे.

उनका कहना था, "वह आख़िरी बार दो महीने पहले घर आए थे. बीते शुक्रवार को मेरी उमर से फ़ोन पर बात हुई थी. वह घर आने वाले थे और आज हम उनके बारे में ऐसा कुछ सुन रहे हैं. डेढ़ साल पहले वह अनंतनाग के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में काम करते थे. बाद में वह फ़रीदाबाद काम करने चले गए थे."

परिवार वालों के मुताबिक़ डॉक्टर उमर ने श्रीनगर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) से एमबीबीएस और एमडी की पढ़ाई की थी.

मुज़म्मिल अख़्तर ने बताया कि उनके पास इस मकान के अलावा कोई और जायदाद या ज़मीन नहीं है. उनका कहना था कि वह मेहनत करके कमाते थे और गुज़ारा करते थे.

डॉक्टर उमर की एक दूसरी रिश्तेदार तबस्सुम आरा ने बीबीसी को बताया, "उनकी माँ ने कड़ी मेहनत करके घर को आगे बढ़ाया है. उमर की माँ ने घर-घर जाकर मेहनत-मज़दूरी करके अपने बच्चों को पढ़ाया है."

उनका यह भी कहना था कि डॉक्टर उमर की सगाई कुछ समय पहले हुई थी.

कौन हैं आमिर रशीद अली

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इमेज कैप्शन, आमिर आमिर रशीद अली की माँ ने मांग की कि उनके साथ इंसाफ़ होना चाहिए

पुलवामा के सम्बूरा गाँव के रहने वाले 30 साल के आमिर रशीद अली को एनआईए ने दिल्ली के लाल क़िला धमाके के संबंध में गिरफ़्तार किया है.

परिवार के मुताबिक़ आमिर प्लम्बर का काम करते हैं. सम्बूरा में दो मंज़िला मकान में उनका परिवार रहता है, जिनमें उनकी माँ, भाई और भाभी हैं.

उनके परिजनों ने बताया कि आमिर के बड़े भाई उमर रशीद को भी हिरासत में लिया गया है.

उमर रशीद आमिर के बड़े भाई हैं, जो इलेक्ट्रिशियन का काम करते हैं.

उनकी भाभी कुलसुम जान का कहना था कि 10 नवंबर की देर रात पुलिस दोनों ही भाइयों को घर से उठाकर अपने साथ ले गई.

वह बताती हैं, "रात के 11 बजे थे. पुलिस के लोग हमारे घर पहुँचे. पुलिस दोनों भाइयों आमिर और उमर को अपने साथ ले गई. पुलिस ने हमें बताया कि इनसे कुछ पूछताछ करनी है. अगले दिन सुबह को हम पंपोर पुलिस स्टेशन गए, लेकिन उस दिन हमें अंदर जाने नहीं दिया.''

''तीसरे दिन हम फिर पुलिस स्टेशन पर गए. उस दिन हमको उमर से मुलाक़ात करने की इजाज़त मिली. उमर के साथ हमने बात की. पुलिस ने हमें बताया कि उनकी कुछ जाँच चल रही है और चिंता करने की कोई बात नहीं है.''

''उसी दिन शाम को गाँव के लम्बरदार को पुलिस का फ़ोन आया और उनसे कहा गया कि आप पुलिस स्टेशन पर आकर उमर को ले जा सकते हैं. हम पुलिस स्टेशन उनके साथ गए और उमर को घर वापस लाए. पुलिस ने हमें बताया कि दूसरे दिन सुबह 10 बजे उमर को थाने पर हाज़िरी के लिए लाना होगा."

उन्होंने आगे बताया कि उसी दिन शाम को एनआईए के लोग यहाँ आए और कहा कि सुबह आठ बजे श्रीनगर के डल गेट स्थित उनके ऑफिस पर उमर को ले आना.

कुलसुम जान का कहना है कि अगले दिन वे लोग उमर को लेकर थाने गए और उसके बाद उन्हें कुछ पता नहीं है. उन्होंने ये भी बताया कि आमिर रशीद से उनकी 10 नवंबर से कोई मुलाक़ात नहीं हुई है.

वो दावा करती हैं कि उमर कभी दिल्ली गया ही नहीं है.

वे बताती हैं, "वह सामान्य रूप से अपनी मज़दूरी करके शाम को घर आता था, खाना खाता था और सो जाता था. जो कुछ भी अब उनके बारे में कहा जा रहा है, उन्हें उस संबंध में कोई जानकारी नहीं है. जो हमें पता है, हम वही बता रहे हैं."

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इमेज कैप्शन, आमिर की भाभी कुलसुम जान का कहना था कि 10 नवंबर की देर रात पुलिस दोनों भाइयों को घर से अपने साथ ले गई

आमिर के घरवालों का कहना है कि साल 2020 से वह प्लम्बर का काम करते हैं और उससे पहले वो शॉल बनाने का काम करते थे.

शॉल के काम में घाटा होने के बाद आमिर ने ये काम छोड़ दिया था.

परिजनों का कहना था कि वह 10वीं क्लास तक पढ़े हैं और उनके बड़े भाई उमर 12वीं तक की पढ़ाई कर चुके हैं.

आमिर की अभी शादी नहीं हुई है जबकि उनके बड़े भाई उमर शादीशुदा हैं और उनका एक बच्चा भी है.

आमिर की माँ ने सम्बूरा गाँव से बीबीसी हिन्दी के साथ बातचीत में कहा कि उनके बेटे के बारे में जो कुछ कहा जा रहा है, उन्हें इसके बारे में कोई भी जानकारी नहीं है. उनका ये भी कहना था कि माँ-बाप हर समय बेटे के पीछे कहाँ जा सकते हैं कि उनका बेटा क्या कर रहा है?

वह बताती हैं, "एक सामान्य इंसान की तरह आमिर घर का सब काम करता था. इस बार हमें धान काटने के लिए मज़दूर नहीं मिले और उसने ख़ुद धान की फसल अकेले काटी. मेरे हर काम में वह हाथ बँटाता था. कोई पड़ोसी भी उससे कोई काम कहता, तो वो कभी इनकार नहीं करता था.

आमिर की माँ कहती है, "ख़ुदा की क़सम हमें किसी बात का उस पर शक नहीं है. मैं आप लोगों से कुछ भी झूठ नहीं बता रही हूँ. उन पर कभी भी किसी तरह का मामला दर्ज नहीं हुआ. पुलिस में उसका रिकॉर्ड साफ़ है. यहाँ पत्थरबाज़ी जब होती थी, तो उस के दौरान कई लोगों को पकड़ा गया या उन पर केस दर्ज हुए, लेकिन इन भाइयों पर कभी न मामला दर्ज हुआ और न किसी ने कभी हाथ लगाया."

आमिर की माँ ने मांग की कि उनके साथ इंसाफ़ होना चाहिए.

एनआईए ने आमिर रशीद के बारे में क्या बताया?

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इमेज कैप्शन, एनआईए ने आमिर रशीद अली को दिल्ली से गिरफ़्तार करने का दावा किया है

एनआईए ने बताया है कि 10 नवंबर को दिल्ली के लाल क़िले के पास हुए कार बम धमाके के मामले में आत्मघाती हमलावर के एक सहयोगी को गिरफ़्तार किया गया है.

एजेंसी की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि एक कश्मीरी व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है, जिसने आत्मघाती हमलावर के साथ आतंकी हमले की साज़िश रची.

एजेंसी ने इस अभियुक्त का नाम आमिर रशीद अली बताया है. एजेंसी के मुताबिक़ हमले में इस्तेमाल की गई कार आमिर रशीद अली के नाम पर रजिस्टर थी.

एनआईए ने आमिर रशीद अली को दिल्ली से गिरफ़्तार करने का दावा किया है.

प्रेस रिलीज़ में लिखा गया है, "एनआईए की जाँच से पता चला है कि जम्मू-कश्मीर में पंपोर के सम्बूरा के रहने वाले अभियुक्त ने कथित आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी के साथ मिलकर आतंकी हमले की साज़िश रची थी."

एनआईए ने बताया है कि आमिर उस कार को ख़रीदने में मदद करने के लिए दिल्ली आए थे, जिसका इस्तेमाल आईईडी के रूप में किया गया था.

जाँच एजेंसी ने बताया है कि डॉक्टर उमर उन नबी की एक और कार को ज़ब्त किया गया है.

प्रेस रिलीज़ में एजेंसी ने कहा है कि केस में सबूत पेश करने के लिए गाड़ी की जाँच की जा रही है. इस मामले में एजेंसी ने अभी तक 73 गवाहों के बयान रिकॉर्ड किए हैं, जिनमें वह लोग भी शामिल हैं, जो 10 नवंबर को लाल क़िला धमाके में घायल हुए हैं.

एक और गिरफ़्तारी

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इमेज कैप्शन, एनआईए ने दिल्ली धमाके में आत्मघाती हमलावर के एक और सहयोगी को गिरफ्तार किया है

एनआईए ने सोमवार यानी 17 नवंबर को दिल्ली धमाके के मामले में दूसरी गिरफ़्तारी की है.

एनआईए के मुताबिक़ उसने कश्मीर के रहने वाले व्यक्ति जासिर बिलाल वानी उर्फ़ दानिश को श्रीनगर से गिरफ़्तार किया है.

एजेंसी ने अपने बयान में बताया है कि जासिर ने दिल्ली धमाके से पहले ड्रोन और रॉकेट बनाने की कोशिश करके आतंकवादी हमलों के लिए कथित रूप से तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई थी.

एजेंसी का दावा है कि जासिर कार उमर नबी के साथ धमाके की साज़िश में शामिल थे.

जासिर के पिता बिलाल अहमद वानी ने दो दिन पहले अपने आप को कथित रूप से जलाने की कोशिश की थी.

बिलाल वानी को श्रीनगर के अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया था, लेकिन सोमवार को इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई.

बिलाल अहमद वानी की भाभी नसीमा अख़्तर ने मीडिया को बताया, "मेरे देवर बिलाल अहमद वानी ने ख़ुदकुशी की है क्योंकि उनकी बेइज़्ज़ती हो रही थी. जिस डॉक्टर अदील को पकड़ा गया है, वह हमारा पड़ोसी है. हमें क्या पता है कि वह क्या है? माँ -बाप बच्चे को कहते हैं कि किसी अच्छे इंसान के साथ संबंध रखो. लेकिन हमें क्या पता कि कौन क्या है? एक अगर ग़लती करेगा, तो सबको उसकी सज़ा नहीं दी जा सकती है.''

उन्होंने कहा, "मेरे पति नवील अहमद वानी को भी पकड़ा गया है, जो लेक्चरर हैं. वो उस समय ड्यूटी पर थे, जब उनको पकड़ा गया. दानिश को भी पकड़ा गया है. हम बेगुनाह लोग हैं और सरकार से विनती करते हैं कि उनको छोड़ दिया जाए."

डॉक्टर अदील को बीते दिनों पुलिस ने यूपी के सहारनपुर से गिरफ़्तार किया था.

(आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)

पुलिस जाँच में अभी तक क्या सामने आया?

10 नवंबर 2025 को जम्मू -कश्मीर पुलिस ने तीन पन्नों का एक बयान जारी किया था.

पुलिस ने इस संबंध में सात लोगों को गिरफ़्तार करने का भी दावा किया है. पुलिस का दावा है कि ये लोग प्रतिबंधित चरमपंथी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद से जुड़े हुए थे.

पुलिस ने अपने बयान में बताया था कि बड़ी मात्रा में हथियार और गोला बारूद भी बरामद किया गया है.

पुलिस की उस प्रेस रिलीज़ में डॉक्टर मुज़म्मिल और डॉक्टर अदील के नाम भी शामिल हैं, जिनको गिरफ़्तार किया जा चुका है.

जाँच एजेंसियों ने कश्मीर से कुछ डॉक्टरों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, जिनमें से कुछ को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.