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जिम में पसीना बहाने या एक्सरसाइज़ के लिए इलेक्ट्रोलाइट्स ड्रिंक्स क्यों ज़रूरी नहीं हैं?
- Author, यास्मिन रूफ़ो
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
जिम और रनिंग ट्रैक पर इलेक्ट्रोलाइट्स ड्रिंक्स अब आम हो गए हैं. इन्हें बेहतर परफ़ॉर्मेंस और तेज़ रिकवरी के लिए ज़रूरी बताकर बेचा जाता है.
पहले ये सिर्फ़ प्रोफ़ेशनल एथलीट्स इस्तेमाल करते थे, ताकि गर्म मौसम में कठिन ट्रेनिंग झेल सकें.
लेकिन अब ये आम लोगों तक पहुंच चुके हैं, जिम जाने वालों से लेकर दफ़्तर में काम करने वालों और रोज़ाना सफ़र करने वालों तक के बीच इनका प्रचार, रोज़ के हाइड्रेशन बूस्टर के नाम पर किया जा रहा है.
असल में इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे सोडियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज) शरीर में नसों, मांसपेशियों और फ़्लूइड बैलेंस को नियंत्रित करने में मदद करते हैं.
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लेकिन स्पोर्ट्स ड्रिंक, सैशे और पाउडर, इन सब पर रोज़ आपके कुछ सौ रुपये ख़र्च हो सकते हैं.
लिवरपूल जॉन मूर्स यूनिवर्सिटी के स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन रिसर्चर प्रोफ़ेसर ग्रेम क्लोज़ के अनुसार, ज़्यादातर लोग इन पर बेवजह पैसा ख़र्च कर रहे हैं.
सिर्फ़ ख़ास हालात में इस्तेमाल करें
प्रोफ़ेसर क्लोज़ बताते हैं कि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होना असामान्य है, क्योंकि शरीर ख़ुद ही इनके स्तर को संतुलित रखता है.
अगर 'सामान्य और संतुलित आहार लिया जाए' तो ज़्यादातर लोगों को इलेक्ट्रोलाइट्स वैसे ही मिल जाते हैं, क्योंकि ज़्यादातर खाने में नमक होता है और फल-सब्ज़ियों में पोटैशियम और मैग्नीशियम.
हां, कुछ ख़ास हालात में, जैसे कि लंबी और तेज़ एक्सरसाइज़, जिसमें बहुत ज़्यादा पसीना आता है, इलेक्ट्रोलाइट्स का स्तर गिर सकता है.
प्रोफ़ेसर क्लोज़ ने बीबीसी स्लाइस्ड ब्रेड से कहा, "अगर आप समय तक एक्सरसाइज़ करें, तो सोडियम के रूप में इलेक्ट्रोलाइट्स वापस लेना बुरा नहीं है, ख़ासकर तब जब आप ज़्यादा पसीना बहाने वाले हों."
इसके अलावा, इलेक्ट्रोलाइट्स ड्रिंक्स प्यास भी बढ़ा सकते हैं, जिससे लोग ज़्यादा पानी पीते हैं, और लंबी एक्सरसाइज़ में यह ज़रूरी है.
बस पानी पिएं या ऑमलेट खा लें
लेकिन हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़, जैसे जिम सेशन या 5 किलोमीटर की दौड़ के लिए इलेक्ट्रोलाइट्स की कोई ज़रूरत नहीं होती है.
क्लोज़ कहते हैं, "बस पानी पीते रहिए, वही काफ़ी है. और अपनी गाढ़ी मेहनत की कमाई को किसी और काम में लगाइए."
बेशक, कुछ लोगों को इलेक्ट्रोलाइट्स ड्रिंक का स्वाद पसंद आता है. अगर इससे आपको एक्सरसाइज़ के दौरान ज़्यादा पानी पीने की ज़रूरत महसूस होती है, तो क्लोज़ को इसमें कोई बुराई नज़र नहीं आती.
महंगे पाउडर ख़रीदने के बजाय वह साथ लेकर चलने के लिए एक आसान घरेलू मिश्रण सुझाते हैं.
वह कहते हैं, "दो-तिहाई पानी, एक-तिहाई फ्रूट जूस (जैसे अनानास का रस) और एक चुटकी नमक मिलाइए, बस इतना कि हल्का स्वाद महसूस हो."
"इससे आपको लगभग 6% कार्बोहाइड्रेट और इलेक्ट्रोलाइट्स वाला संतुलित घोल मिल जाता है."
वह यह भी बताते हैं कि सुबह-सुबह इलेक्ट्रोलाइट्स प्रोडक्ट लेने का कोई ख़ास असर होता हो, इसके सबूत नहीं हैं.
असल में एक ऑमलेट में जितने इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, वह किसी भी सैशे से कहीं ज़्यादा होते हैं, इसलिए सुबह खाना ज़्यादा असरकारक है.
तेज़ या ताक़तवर नहीं बनाएंगे
स्पोर्ट्स ड्रिंक का असली वैज्ञानिक आधार कार्बोहाइड्रेट हैं.
शरीर लगभग 70 से 90 मिनट की कठिन एक्सरसाइज़ के लिए ही कार्बोहाइड्रेट स्टोर कर सकता है. इसलिए उससे ज़्यादा ट्रेनिंग करने वाले एथलीट्स को एनर्जी देने के लिए ऐसे ड्रिंक्स फ़ायदेमंद होते हैं.
प्रोफ़ेसर क्लोज़ कहते हैं, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं है कि बाकी मिनरल्स, जैसे क्लोराइड, कैल्शियम या फ़ॉस्फ़ोरस, को इनमें शामिल करने का फ़ायदा होता है. वैसे भी शरीर इन्हें ख़ुद ही अच्छे से नियंत्रित कर लेता है.
"आपको बस इस बात का ध्यान रखना है कि एक्सरसाइज़ के दौरान पर्याप्त पानी, कार्बोहाइड्रेट और सोडियम हो."
ऐसा नहीं है कि इलेक्ट्रोलाइट्स की ज़रूरत ही नहीं है, उसकी ज़रूरत है लेकिन सिर्फ़ लंबी, कठिन या गर्म माहौल वाली एक्सरसाइज़ में. रोज़मर्रा की एक्सरसाइज़ के लिए ये ज़रूरी नहीं है.
हां, अगर आप गर्मी में लंबे समय तक ट्रेनिंग कर रहे हैं या खुद को ज़्यादा पानी पीने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं, तो सोडियम की मात्रा बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रोलाइट्स प्रोडक्ट लेना ठीक है.
इसके साथ ही वह यह चेतावनी भी देते हैं कि चाहे बेचने वाले कुछ भी दावा करें, ऐसा कोई सबूत नहीं है कि इनसे परफ़ॉर्मेंस में कोई अतिरिक्त फ़ायदा मिलता है.
"अगर आपको कोई ऐसा उत्पाद दिखता है जिसमें दावा हो कि वह आपकी परफ़ॉर्मेंस को 10% बढ़ा देगा, तो समझ लीजिए कि यह सच नहीं है."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.