पूर्व पीएम मनमोहन सिंह से लेकर नरेंद्र मोदी तक के निजी सचिव रहे विक्रम मिसरी कौन हैं?

विक्रम मिसरी

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी को सोशल मीडिया पर ट्रोल किए जाने के बाद उनके समर्थन में कई लोग खड़े हो गए हैं.

शनिवार शाम को भारत और पाकिस्तान के बीच हमले रोकने को लेकर सहमति बनने के बाद रविवार को भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी का एक्स सोशल मीडिया हैंडल प्रोटेक्टेड मोड में दिखने लगा है. इसका मतलब है कि अब उनके ट्वीट पर कोई कमेंट नहीं कर सकता.

भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष के दौरान विक्रम मिसरी लगातार मीडिया के सामने सरकार का पक्ष रख रहे थे. शनिवार को हमले रोकने पर सहमति की घोषणा विक्रम मिसरी ने ही की थी. इसके बाद से सोशल मीडिया पर कई लोग विक्रम मिसरी को निशाना बना रहे थे.

सोशल मीडिया पर विदेश सचिव विक्रम मिसरी पर हो रहे कमेंट के बाद कई लोग विक्रम मिसरी के पक्ष में पोस्ट करते दिख रहे हैं.

संयुक्त अरब अमीरात में भारत के पूर्व राजदूतनवदीप सुरी ने लिखा, "ट्रोल्स विदेश सचिव विक्रम मिसरी और उनके परिवार को निशाना बना रहे हैं और यह देखना सच में बहुत घिनौना है. वो पेशेवर, शांत, कम्पोज़्ड, नपे-तुले और स्पष्ट बोलने वाले हैं. "

बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

विक्रम मिसरी के समर्थन में उतरे लोग

विक्रम मिसरी

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी समेत कई जाने माने लोगों ने विक्रम मिसरी पर कमेंट करने वालों को निशाने पर लिया है (फ़ाइल फ़ोटो)

नवदीप सुरी ने लिखा है, "लेकिन उनके यह गुण हमारे समाज के कुछ लोगों के लिए काफ़ी नहीं है, यह शर्मनाक है."

वहीं विदेश नीति विश्लेषक इंद्राणी बागची ने लिखा है, "विक्रम मिसरी एक प्रतिष्ठित राजनयिक हैं जो विदेश मंत्रालय का नेतृत्व करते हैं. क्योंकि आप अपनी कल्पना में एक अलग भारत-पाकिस्तान वीडियो गेम खेल रहे थे, इसलिए उनके परिवार को ट्रोल करना न केवल घटियापन है, बल्कि यह उस गंदी मानसिकता को दिखाता है जिसके बिना यह देश चल सकता है."

वरिष्ठ पत्रकार वीर सांघवी ने लिखा है, "जो लोग इस संघर्ष के समय में उम्दा काम करने वाले बेहतरीन विदेश सचिव विक्रम मिसरी को ट्रोल कर रहे हैं, वो इंसान के रूप में कचरा हैं."

एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी विक्रम मिसरी के बारे में सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया है और लिखा है, "विक्रम मिसरी शालीन और ईमानदार हैं. वो कठिन परिश्रम करने वाले राजनयिक हैं जो बिना थके देश के लिए काम कर रहे हैं."

ओवैसी ने लिखा है, "यह याद रखा जाना चाहिए कि हमारे सिविल सर्वेंट कार्यपालिका के अधीन काम करते हैं और देश चलाने वाली कार्यपालिका या राजनीतिक नेतृत्व के फ़ैसलों के लिए उन्हें निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए."

कांग्रेस पार्टी की केरल इकाई ने भी इस मुद्दे पर सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया है. इसमें आरोप लगाया गया है कि पिछले हफ़्ते 'नफ़रत न फ़ैलाने और हिंसा न करने की अपील' करने की वजह से एक सैनिक की पत्नी, हिमांशी नरवाल को सोशल मीडिया पर निशाना बनाया गया था.

केरल कांग्रेस ने लिखा है, "अब ये लोग विदेश सचिव विक्रम मिसरी पर निशाना साध रहे हैं, जैसे कि उन्होंने ही एकतरफ़ा सीज़फायर का फ़ैसला लिया हो, न कि मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह या जयशंकर ने."

कौन हैं विक्रम मिसरी?

विक्रम मिसरी

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान विक्रम मिसरी लगातार मीडिया के सामने सरकार का पक्ष रखते रहे हैं.
छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

भारत के विदेश मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक़ विक्रम मिसरी ने 15 जुलाई 2024 को विदेश सचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया था.

विक्रम मिसरी भारतीय विदेश सेवा के साल 1989 बैच के अधिकारी हैं.

उन्होंने विदेश मंत्रालय में राजनयिक के तौर पर कई पदों पर काम किया है, जिनमें यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका में अलग-अलग भारतीय मिशन में काम करना शामिल है.

विक्रम मिसरी ने विदेश मंत्रालय में पाकिस्तान डेस्क पर काम किया है. इसके अलावा वो भारत के दो विदेश मंत्रियों इंद्र कुमार गुजराल और प्रणब मुखर्जी की टीम में भी रह चुके हैं.

विक्रम मिसरी ने प्रधानमंत्री कार्यालय में भी अपनी सेवा दी है. उन्होंने प्रधान मंत्री कार्यालय में संयुक्त सचिव के रूप में काम किया है.

विक्रम मिसरी ने भारत के तीन प्रधानमंत्रियों- आईके गुजराल, मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी के निजी सचिव के रूप में भी काम किया है.

विक्रम मिसरी ने ब्रसेल्स, ट्यूनिस, इस्लामाबाद और वॉशिंगटन डीसी में भी सेवा दी है. वो श्रीलंका में भारत के उप उच्चायुक्त और म्यूनिख में भारत के कंसुल जनरल भी रहे हैं.

मिसरी को साल 2014 में स्पेन में भारत का राजदूत, 2016 में म्यांमार में भारत का राजदूत और जनवरी 2019 में चीन में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया था. चीन में उन्होंने 2021 तक कर किया था.

हाल में विक्रम मिसरी रणनीतिक मामलों में भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के तौर पर कार्यरत थे. इस पद पर वे एक जनवरी 2022 से 30 जून 2024 तक रहे.

विक्रम मिसरी का जन्म श्रीनगर में हुआ था और उनकी शुरुआती शिक्षा श्रीनगर और उधमपुर में हुई थी.

बाद में उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा ग्वालियर के सिंधिया स्कूल से पूरी की. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से इतिहास में ऑनर्स के साथ स्नातक किया है.

इसके बाद विक्रम मिसरी ने जमशेदपुर के एक्सएलआरआई से एमबीए किया और सरकार में शामिल होने से पहले उन्होंने विज्ञापन और एड फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी काम किया है.

विक्रम मिसरी अच्छी हिंदी, अंग्रेज़ी और कश्मीरी बोलते हैं और उन्हें फ्रेंच भाषा की भी जानकारी है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)