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ब्रिटिश महिला सैनिक की 'आत्महत्या' केस में सेना की जांच, 'यौन शोषण' को लेकर कठघरे में बॉस
- Author, जून केली, नरेश पुरी और जूडिथ बर्न्स
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़, होम अफ़ेयर्स टीम
ब्रिटेन की सेना की एक युवा सैनिक की मौत हो गई थी. ये माना जा रहा है कि उसने बीते साल आत्महत्या कर ली थी. सेना को जांच में पता चला है कि बॉस ने लगातार उनका यौन शोषण किया.
रॉयल आर्टिलरी की 19 साल की गनर जैसली लुइस बेक दिसंबर 2021 में विल्टशायर के लारखिल कैंप में मृत पाई गईं थीं.
बीबीसी ने सेना की जांच रिपोर्ट को देखा है. इसमें कहा गया है, ''यह करीब तय है कि यह उसकी मौत का एक कारण था."
बुधवार को प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि उनका तत्कालीन बॉस उनकी मौत के दो महीने पहले तक उनके साथ खराब व्यवहार करता रहा.
रिपोर्ट के मुताबिक,"हालाँकि यह व्यवहार उनकी मौत से एक हफ्ते पहले समाप्त हो गया था, लेकिन ऐसा लगता है कि इस व्यवहार ने उन्हें परेशान किया. इसने उनकी मानसिक स्थिति और सेहत पर बड़ा प्रभाव डाला."
बॉस ने भेजे हजारों मैसेज
जैसली बेक की मां ने बीबीसी से ख़ास बातचीत की. उन्होंने बताया कि उनकी बेटी महीनों के उत्पीड़न के बाद उदास रहने लगी थी.
सेना की जांच में पता चला है कि उनका बॉस, जिनका रिपोर्ट में किसी भी तरह नाम नहीं दिया गया है, उनके साथ संबंध बनाना चाहता था, लेकिन उनका एक प्रेमी था. उनका बॉस उनकी भावनाओं को नहीं समझता था.
रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे उनके बॉस ने अक्टूबर 2021 में उन्हें 1,000 से अधिक व्हाट्सऐप मैसेज और वॉइसमेल भेजे. अगले महीने इनकी संख्या बढ़कर 3,500 से अधिक हो गई थी.
इन मैसज के मुताबिक वह उन्हें नियंत्रित करना चाहते थे. वो लगातार आश्वस्त होना चाहते थे कि वह अकेली हैं. उन्होंने यह भी साफ कर दिया था कि वह उनके किसी और के साथ होने के बारे में सोच भी नहीं सकते.
जैसली बेक ने शुरूआत में अपने बॉस का एक दोस्त के तौर पर सम्मान किया. जैसली ने उन्हें समझाने की कोशिश की. लेकिन अपनी मौत से पहले जैसली ने एक मैसेज में लिखा कि वह "इसे और नहीं संभाल सकती हैं. यह मुझ पर बोझ बन रहा है.''
सशस्त्र बलों में यौन उत्पीड़न
पीड़ित परिवार की वकील एम्मा नॉर्टन ने कहा, "यह बहुत महत्वपूर्ण है कि सेना स्वीकार कर रही है कि मरने से पहले के महीनों में हुआ इस युवा महिला का यौन उत्पीड़न उसकी मौत का एक कारण था. मुझे ऐसे किसी दूसरे मामले की जानकारी नहीं है, जिसमें इसे स्वीकार किया गया हो. स्पष्ट रूप से यह इस परिवार के लिए बहुत बड़ी चिंता का विषय है."
दो साल पहले सांसदों की एक जांच रिपोर्ट में पाया गया था कि सशस्त्र बलों में यौन उत्पीड़न और गंभीर यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को अपर्याप्त शिकायत प्रक्रिया की वजह से न्याय नहीं मिल पा रहा है.
जैसली बेक की मौत की सैन्य जांच में बताया गया है कि कैसे उनका लाइन मैनेजर उन्हें काम देने के लिए जिम्मेदार था. ये बात, इसे सुनिश्चित करेगी कि वे एक साथ काम कर रहे थे. बेक ने आशंका जताई थी कि उनका बॉस मोबाइल फोन के जरिए उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहा था.
मौत से एक हफ्ते पहले उन्हें अपने बॉस के व्यवहार के कारण एक होटल छोड़ना पड़ा था. वहाँ वे दोनों काम की वजह से ठहरे हुए थे. इस मामले की जांच में दिए गए सबूतों के मुताबिक परेशान होकर उन्होंने अपने पिता को फोन किया. जब उन्हें एक दोस्त मिला तो वह कांप रही थीं.
एक मैसेज में उन्होंने अपने बॉस को बताया कि वह उनके कामों की वजह से वह फंस गई है. इससे उनका परिवार चिंतित है. उन्होंने बताया कि उनकी आंखों में आंसू आ गए थे. उन्होंने कहा, "सच्चाई यह है कि मैं इस सब से निपटने के लिए संघर्ष कर रही हूं."
सेना में कब शामिल हुई थी जैसली बेक
जैसली बेक 16 साल की आयु में सेना में शामिल हुई थीं. उन्हें अपने सैनिक होने पर गर्व था.
जैसली बेक का परिवार क्यूम्ब्रिया के ऑक्सन पार्क में रहता है. परिवार ने उनके बॉस के मैसेजों को देखा. उसके परिवार ने बीबीसी को बताया कि जैसली बेक अपने बॉस की भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचाना चाहती थीं.
उनकी मां लीघन मैकक्रीडी कहती हैं, "आपको लगता है कि सबसे आसान उपाय उसे ब्लॉक करना है, लेकिन आप अपने बॉस को ब्लॉक नहीं कर सकते हैं."
मैकक्रीडी, जैसली के पिता एंथनी और उसकी बड़ी बहन एमिली लगातार उनके संपर्क में थे. वे बॉस के अवांछित व्यवहार का उन पर हुए प्रभाव को देख सकते थे.
मैकक्रीडी कहती हैं, ''वह हमेशा उदास रहती थी.''
वो कहती हैं, "वह उनके व्यवहार से तंग आ गईं थीं. इससे उनका काम प्रभावित होने लगा था, जिस काम को करने में उसे सच में मजा आता था."
'मुझसे दूर हो जाइए सर'
मैकक्रीडी ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी से कहा कि वो अपने बॉस के व्यवहार की शिकायत करें. लेकिन कुछ महीने पहले ही उनके एक अन्य वरिष्ठ की ओर से यौन उत्पीड़न की शिकायत पर सेना ने जिस तरह कार्रवाई की थी, उससे वह शिकायत करने को लेकर इच्छुक नहीं थी.
यह घटना देर रात सेना प्रशिक्षण केंद्र के एक बार में हुई थी. रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे जैसली बेक बार छोड़कर शौचालय में जा कर छिप गई थी.
मैकक्रीडी को अपनी बेटी की अगली सुबह आई कॉल की एक-एक बात याद है.
वो कहती हैं, "उसने बताया कि उन्होंने उसके पैरों के बीच अपना हाथ डाला और उसे गर्दन से पकड़ने की कोशिश की. इस पर वह चिल्लाई, 'मुझसे दूर हो जाओ, सर.'
वो कहती हैं, "उस रात वह अपनी कार में सोई थी. उसे डर था कि अगर वह बिस्तर पर जाती तो वो उसके कमरे में आ जाते. उसने अपने एक दोस्त को फोन किया जो उस रात गार्ड की ड्यूटी पर था. उसने उससे कहा कि जब तक मैं सो न जाऊं तुम फोन पर रहो और अगर तुम्हें कुछ सुनाई दे तो मदद के लिए फोन करो."
जैसली ने इसकी शिकायत नहीं की थी कि उनके साथ क्या हुआ था. इसकी शिकायत किसी और ने की थी.
रिपोर्ट कहती है, "कमांड ने इस घटना को गंभीरता से लिया, लेकिन सबूत से पता चलता है कि सही रिपोर्टिंग प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना में शामिल व्यक्ति को मामूली सजा दी गई. उसे किशोरी को एक माफीनामा लिखने को कहा गया. रिपोर्ट में यह स्वीकार किया गया है कि इस वजह से उन्होंने बाद में हुई अन्य घटनाओं की शिकायत नहीं की होगी.''
पीड़ित परिवार ने वारंट ऑफिसर के जरिए वह माफीनामा देखा है. इसमें,उस व्यक्ति ने जिसने उनका यौन उत्पीड़न किया था, उसने कहा है, "अगर कभी भी मैं आपके लिए कुछ कर पाऊं तो तो मेरा दरवाजा हमेशा खुला है."
मैकक्रीडी ने इस प्रस्ताव को घृणित बताते हुए खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, " यह कुछ ऐसा है जिसे मेरी बेटी को जीवन भर साथ रखना पड़ता,"
'अपमानजनक'
रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसली बेक की मौत के लिए उनके पारिवारिक मुद्दे भी जिम्मेदार थे.
इसे अस्वीकार करते हुए जैसली बेक की मां मैकक्रीडी कहती हैं, "मुझे लगता है कि वे उसके परिवार पर बहुत कुछ थोपने की कोशिश कर रहे हैं."
वो कहती हैं, '' उन्होंने कहा है कि बेटी की मौत के लिए परिवार भी आंशिक रूप से जिम्मेदार है."
रिपोर्ट के मुताबिक जैसली बेक को मानसिक-स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या नहीं थी. उन्होंने सेना में किसी से सहायता भी नहीं मांगी थी.
बेक की मौत की जांच के दौरान लारखिल में पुरुष सैनिकों की ओर से अपनी महिला सहकर्मियों के प्रति अनुचित यौन व्यवहार को लेकर गवाहों की बात सुनी गई.
रिपोर्ट कहती है, " एक गवाह ने पुरुष सैनिकों की ओर से लगातार टिप्पणियाँ करने के बारे में बताया है. उसने इन टिप्पणियों को नीच और अपमानजनक बताया है."
रिपोर्ट के मुताबिक इस तरह के व्यवहार से निपटने के उपाय को नवंबर 2022 में सशस्त्र बलों के लिए लाई गई एक नई नीति के एक हिस्से के रूप में पेश किया गया था.
जैसली बेक की मां से जब यह पूछा गया कि क्या उन्हें अपनी बेटी के करियर चयन पर पछतावा है, इस सवाल पर बिना किसी हिचकिचाहट के उन्होंने कहा, "हां."
उन्होंने सैन्यकर्मियों में दया की कमी का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात के भी निर्देश देने की असफल कोशिश की गई कि उन्हें उनके अंतिम संस्कार की व्यवस्था कैसे करनी चाहिए.
सेना के एक प्रवक्ता ने कहा, '' इस कठिन समय में हमारा ध्यान और सहानुभूति जैसली लुईस बेक के परिवार और दोस्तों के साथ हैं. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक कोई टिप्पणी करना अनुचित होगा.''
रक्षा मंत्रालय और रक्षा समिति पिछले दो साल के अपने अनुभव साझा करने के इच्छुक सेवारत कर्मियों से 14 नवंबर को सबूत जमा करने के अभियान में भाग लेने की अपील की है.
सशस्त्र बलों में महिलाओं पर उप-समिति की अध्यक्ष और सांसद सारा एथरटन ने कहा कि समिति इस बात की जांच कर रही है कि अवांछनीय व्यवहार से निपटने के लिए 2021 में की गई सिफारिशों से सुधार हुआ है या नहीं.
उन्होंने जैसली बेक की मौत को एक त्रासदी बताते हुए कहा, ''जैसली बेक के परिवार के साथ मेरी सहानुभूति है.''
महत्वपूर्ण जानकारी-
मानसिक समस्याओं का इलाज दवा और थेरेपी से संभव है. इसके लिए आपको मनोचिकित्सक से मदद लेनी चाहिए, आप इन हेल्पलाइन से भी संपर्क कर सकते हैं-
सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय की हेल्पलाइन- 1800-599-0019 (13 भाषाओं में उपलब्ध)
इंस्टीट्यूट ऑफ़ ह्यमून बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज़-9868396824, 9868396841, 011-22574820
हितगुज हेल्पलाइन, मुंबई - 022- 24131212
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंस - 080 – 26995000
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