पूर्व आईएएस वीके पांडियन क्या बनेंगे नवीन पटनायक के उत्तराधिकारी?

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- Author, मुरलीधरन काशी विश्वनाथन
- पदनाम, बीबीसी तमिल
ओडिशा कैडर के आईएएस अधिकारी वी. कार्तिकेयन पांडियन ने नौकरी से इस्तीफ़ा देकर कैबिनेट मंत्री स्तर का पद ग्रहण किया है.
आइए जानते हैं कि तमिलनाडु के रहने वाले पांडियन पर ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक इतना भरोसा क्यों करते हैं और उनकी पृष्ठभूमि क्या है?
2000 बैच के ओडिशा कैडर के आईएएस अधिकारी वी. कार्तिकेयन पांडियन के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) की ख़बर बीते सोमवार को सामने आई.
इसके अगले ही दिन, मंगलवार को, उन्हें मॉडर्न ओडिशा एंड ट्रांसफॉर्मेशनल इनिशिएटिव का प्रमुख नियुक्त किया गया. यह पद कैबिनेट मंत्री के स्तर का है.
मॉडर्न ओडिशा एंड ट्रांसफॉर्मेशनल इनिशिएटिव को 5T के नाम से भी जाना जाता है. इसमें 5T हैं- टीम वर्क, टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइम. ओडिशा सरकार राज्य में सरकारी योजनाओं का मूल्यांकन इनके आधार पर ही कर रही है.

महत्वाकांक्षी योजनाओं की बागडोर
'आम ओडिशा, नवीन ओडिशा' नाम की परियोजना का लक्ष्य बुनियादी ढांचे में सुधार और विकास में तेज़ी लाकर ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव लाना है.
साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले 'आम गाँ, आम विकास' नाम की योजना शुरू की गई थी. इसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत पर 50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे.
वी. कार्तिकेयन पांडियन को अभी इन दोनों परियोजनाओं का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है.
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के निजी सचिव वी. कार्तिकेयन पांडियन को राज्य सरकार में सबसे शक्तिशाली व्यक्ति माना जाता था.

कौन हैं वी. कार्तिकेयन पांडियन
ओडिशा सरकार में कोई भी महत्वपूर्ण फैसला उनकी सहमति के बिना नहीं लिया जाता था. आइए जानते हैं कि इतने शक्तिशाली व्यक्ति वी. कार्तिकेयन पांडियन की पृष्ठभूमि क्या है?
वी कार्तिकेयन पांडियन का जन्म 1974 में मदुरै ज़िले के मेलूर के पास कूथप्पनपट्टी में हुआ था. उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा अलगर मंदिर के पास वेल्लापट्टी गवर्नमेंट स्कूल में पूरी की. इसके बाद उन्होंने नेवेली के एक स्पोर्ट्स स्कूल में भी पढ़ाई की. इस दौरान उन्होंने एथलेटिक्स में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.
उन्होंने कृषि महाविद्यालय, मदुरै से कृषि विज्ञान में स्नातक और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान से स्नातकोत्तर की पढ़ाई की.

साल 2000 में उनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में हुआ. उन्हें ओडिशा कैडर मिला. उन्होंने आईएएस अधिकारी सुजाता राउत के साथ शादी की.
उनकी पहली नियुक्ति ओडिशा के कालाहांडी ज़िले के धरमगढ़ में डिप्टी कलेक्टर के रूप में हुई. धरमगढ़ के डिप्टी कलेक्टर के रूप में उन्होंने किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित किया और धान की खरीद को नियमित किया. उनके इस काम ने सरकार का ध्यान खींचा.
वी. कार्तिकेयन पांडियन 2005 से 2007 तक मयूरभंज और 2007 से 2011 तक गंजाम ज़िले में तैनात रहे.
मयूरभंज ओडिशा का सबसे बड़ा ज़िला है. वहां तैनाती के दौरान विकास परियोजनाओं का जायज़ा लेने के लिए उन्होंने ज़िले के दूर-दराज़ के गांवों की यात्रा की. उन्होंने विकास योजनाओं के कार्यान्वयन में तेज़ी लाने में मदद की.
दिव्यांगों के लिए किए गए उनके काम को देखते हुए उन्हें 'हेलेन केलर' पुरस्कार भी मिला.
उनके कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की वजह से ज़िले में नक्सली समस्या भी कम होने लगी.

गंजाम में लागू करवाया मनरेगा
ओडिशा के सबसे अधिक आबादी वाले ज़िले गंजाम के ज़िलाधिकारी का पद संभालने के बाद उन्होंने महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट (मनरेगा) को लागू करवाया.
उन्होंने मज़दूरों की मज़दूरी सीधे उनके बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था भी शुरू करवाई.
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का विधानसभा क्षेत्र हिंचिली इसी ज़िले में है.
नवीन पटनायक ने यहां उनकी गतिविधियों को देखा और 2011 में उन्हें अपने कार्यालय में शामिल कर लिया.
इसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री के निजी सचिव की ज़िम्मेदारी दी गई. कार्तिकेयन पांडियन जल्द ही नवीन पटनायक के विश्वासपात्र बनकर उभरे.
उनकी ही देख-रेख में ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व के स्थानों को बदलने की परियोजना 'मो सरकार', पुरी में विरासत परिसर परियोजना, हाई स्कूलों को बदलने की परियोजना और ओडिशा को भारत का खेल केंद्र बनाने की परियोजना को अंजाम दिया गया.
पूरे प्रबंधन को बदलने के लिए 5टी कार्यक्रम 2018 में शुरू किया गया.

वी. कार्तिकेयन पांडियन का बढ़ता रुतबा
ओडिशा के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक राज्य में 70 लाख लोगों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान करने वाली बिजुस्वतिया कल्याण योजना, ओडिशा में दो हॉकी विश्व कप के मैचों की मेज़बानी और ओडिशा में सबसे बड़े हॉकी स्टेडियम का निर्माण के पीछे वी. कार्तिकेयन पांडियन का ही दिमाग था.
इन तारीफों के साथ-साथ उनकी आलोचना भी होती रही है.
मुख्यमंत्री सचिवालय में शामिल होने के कुछ सालों के भीतर ही वी. कार्तिकेयन पांडियन का प्रभाव ओडिशा सरकार में तेजी से बढ़ा. वह हमेशा मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की छाया में ही रहने लगे.
कार्तिकेयन पांडियन पूरी लंबाई की शर्ट, टाइट पैंट और सैंडल पहनकर घूमते हैं. विकास परियोजनाओं का जायज़ा लेने के लिए वो विभिन्न स्थानों का दौरा करने लगे.
जब उन्होंने यात्रा की तो उन्हें एक मंत्री की तरह सम्मान दिया गया. कई बार तो उन्हें इससे भी ज्यादा महत्व दिया गया.
पिछले जून में कार्तिकेयन पांडियन ने विकास परियोजनाओं का जायज़ा लेने के लिए राज्य के सभी ज़िलों का दौरा किया.

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राजनीतिक नियुक्तियों में भूमिका
यही वह समय था जब ओडिशा और राष्ट्रीय मीडिया में कार्तिकेयन पांडियन के बारे में लेख आने लगे. लोगों का ध्यान उनकी ओर गया.
इस यात्रा के दौरान खबरें आईं कि लोग उनके पैर छू रहे हैं और महिलाएं उन्हें माला चढ़ा रही हैं.
ड्यूटी पर तैनात एक अधिकारी का इस तरह का स्वागत कुछ हद तक आश्चर्यजनक था.
कहा तो यह भी जाता है कि बीजू जनता दल में अहम पदों पर होने वाली नियुक्तिओं में भी वी कार्तिकेयन पांडियन की भूमिका है.
हालांकि बीजू जनता दल का आधिकारिक ट्विटर हैंडल कार्तिकेयन पांडियन के बारे में कोई पोस्ट नहीं करता है, लेकिन पार्टी के सोशल मीडिया प्रमुख स्वयं प्रकाश नियमित तौर पर कार्तिकेयन पांडियन के बारे में पोस्ट शेयर करते रहते हैं.
कार्तिकेयन पांडियन के कई फैन पेज भी सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं. इन पेजों पर उनसे जुड़ी खबरें और वीडियो लगातार आते रहते हैं.

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कौन होगा नवीन पटनायक का उत्तराधिकारी?
नवीन पटनायक 2000 से लगातार ओडिशा के मुख्यमंत्री हैं. उनकी शादी नहीं हुई है. उनकी पार्टी का कोई भी नेता उनके बाद उतना ताक़तवर नहीं है.
ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या कार्तिकेयन पांडियन को नवीन पटनायक के उत्तराधिकारी के तौर पर तैयार किया जा रहा है.
यह पता नहीं है कि तमिलनाडु से आने वाले कार्तिकेयन पांडियन के बीजू जनता दल के नेता बनने और कम से कम राज्य के मुख्यमंत्री बनने की कितनी संभावना है.
कहा यह भी जा रहा है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और अगली सरकार में मंत्री बनेंगे. लेकिन ये सब अभी केवल अटकलें हैं.
ऐसी संभावना जताई जा रही है कि बीजू जनता दल 2024 का विधानसभा चुनाव जीत जाएगा, इसलिए सरकार के अगले कार्यकाल में कार्तिकेयन पांडियन का प्रभाव जारी रहेगा.
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