बिहार में शिक्षक भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव, लोगों का फूटा ग़ुस्सा- प्रेस रिव्यू

नीतीश कुमार

इमेज स्रोत, Getty Images

बिहार में सीएम नीतीश कुमार की कैबिनेट ने मंगलवार को शिक्षक भर्ती के नियमों में बदलाव किए हैं.

नए नियमों के तहत बिहार में शिक्षक बनने के लिए अब दूसरे राज्य के उम्मीदवार भी आवेदन कर सकेंगे.

बिहार स्टेट स्कूल टीचर रूल्स 2023 के नियमों में बदलाव करते हुए उस नियम को बदल दिया गया है, जिसमें आवेदक का बिहार से होना ज़रूरी नियम था.

एडिशनल चीफ सेक्रेटरी एस सिद्धार्थ ने कैबिनेट मीटिंग के बाद इस फ़ैसले का एलान किया.

द हिंदू की ख़बर के मुताबिक़, बैठक में कुल 25 फ़ैसले लिए गए.

बिहार सरकार के इस फ़ैसले का टीचर्स एसोसिएशन ने विरोध किया और नए नियमों को वापस लिए जाने की मांग की है.

टीचर्स एसोसिएशन का कहना है कि सरकार के इस फ़ैसले से बिहार के युवाओं को संघर्ष करना पड़ेगा.

बीते चार सालों से भर्ती का इंतज़ार कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार का ये फ़ैसला मानसिक प्रताड़ना है.

बिहार प्राइमरी यूथ टीचर्स एसोसिएशन यानी बीपीटीए के प्रेजिडेंट दीपांकर गौरव और नीतेश पांडे ने इस फ़ैसले की आलोचना की है.

गौरव ने कहा, ''बिहार सरकार का फ़ैसला स्वागत योग्य नहीं है और हम इसकी आलोचना करते हैं. दूसरे राज्य बिहार के लिए दरवाज़ा बंद कर रहे हैं जबकि हमारा बिहार दूसरे राज्यों के लोगों को मौक़ा दे रहा है. ऐसे में जब बाहर के लोग यहां नौकरी लेने आ जाएंगे तो बिहार का बेरोज़गार युवा कहां जाएगा? सरकार को इस फ़ैसले को तुरंत वापस लेना चाहिए. वरना पूरे राज्य में आंदोलन होगा.''

नीतेश पांडे ने कहा, ''अगर सरकार ने दो दिन में ये फ़ैसला वापस नहीं लिया तो पूरे राज्य में चक्का जाम कर दिया जाएगा.''

बिहार में सरकारी नौकरी में भर्ती को लेकर पहले भी युवा कई बार सड़कों पर उतरे हैं. कभी वक़्त से परीक्षा करवाए जाने को लेकर तो कभी भर्ती की मांग को लेकर.

कई बार ये प्रदर्शन हिंसक भी हुए हैं. ऐसे में बिहार सरकार के इस फ़ैसले के बाद भी ये सवाल बना हुआ है कि राज्य के युवाओं की आने वाले दिनों में इस फ़ैसले पर कैसी प्रतिक्रिया होगी.

भारत में वर्ल्डकप

इमेज स्रोत, Getty Images

भारत में वर्ल्डकप खेले जाने पर पाकिस्तान क्या बोला

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

अक्तूबर-नवंबर में होने वाला क्रिकेट वर्ल्ड कप भारत में खेला जाएगा. फ़ाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना है.

विश्वकप में भारत और पाकिस्तान का मैच भी इसी स्टेडियम में 15 अक्तूबर को खेला जाना है.

आईसीसी ने मंगलवार को जब वर्ल्डकप शेड्यूल जारी किया तो ये बुधवार को सभी अखबारों के पहले पन्ने की ख़बर बनी.

द टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के मुताबिक़, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी ने भारत में मैच खेले जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

पीसीबी ने कहा है कि टूर्नामेंट खेलने के लिए पाकिस्तान सरकार से क्लीयरेंस लेना होगा.

पीसीबी के बयान के मुताबिक़, ''भारत में कोई भी टूर्नामेंट खेलने के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को सरकार से अनुमति लेनी होती है. इसमें मैच कहां हो रहा है, ये भी शामिल रहता है. हम पाकिस्तान सरकार से इस विषय पर बात कर रहे हैं. जैसे ही हमें वहां से कुछ जानकारी मिलेगी, हम इस बारे में आपको बताएंगे.''

पीसीबी ने कहा, ''कुछ हफ़्तों पहले जब आईसीसी ने ये टूर्नामेंट के शेड्यूल का मसौदा हमसे साझा किया था और हमारा फीडबैक मांगा था, तब हमने जो आईसीसी से कहा था हम उसी फ़ैसले पर अब भी कायम हैं.''

अखबार लिखता है कि आईसीसी इस पर आश्वश्त है कि वर्ल्डकप खेलने के लिए पाकिस्तान भारत दौरे पर जाएगा.

आदिपुरुष

इमेज स्रोत, COMMUNIQUE PR

हिंदुओं की ही सहनशक्ति की परीक्षा क्यों?- हाईकोर्ट

फ़िल्म आदिपुरुष पर विवाद अब भी जारी है.

फ़िल्म अपने संवादों, दृश्यों के कारण विवादों में रही है और ये विवाद इतना बढ़ा कि इसके संवादों में बदलाव भी किए गए हैं.

दैनिक भास्कर ने अपने पहले पन्ने पर फ़िल्म को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर याचिका से संबंधित ख़बर को जगह दी है.

अखबार लिखता है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आदिपुरुष के निर्माताओं को फटकार लगाी है.

अदालत ने कहा है, ''एक ही धर्म की सहिष्णुता की परीक्षा क्यों ली जा ती है. क्या जो सौम्य है, उसे दबाना चाहिए. यह तो अच्छा है कि यह ऐसे धर्म से संबंधित है जिसके मानने वाले सार्वजनिक व्यवस्था के लिए किसी तरह की समस्या पैदा नहीं करते. हमें शुक्रगुज़ार होना चाहिए.''

कुलदीप तिवारी और बंदना कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस श्री प्रकाश सिंह की बेंच ने कहा- हमने ख़बरों में देखा कि कुछ लोगों ने फ़िल्म को प्रदर्शित कर रहे सिनेमा हॉल को बंद करवाया, वे कुछ और भी कर सकते थे. सेंस बोर्ड को फ़िल्म को सर्टिफिकेट देते वक्त कुछ करना चाहिए था.''

अदालत ने फ़िल्म के संवाद लेखक मनोज मुंतशिर को मामले में पक्ष बनाने की अर्जी मंज़ूर करते हुए उनको नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं.

फ़िल्म में दिए डिक्लेमर पर अदालत ने कहा कि पहले आप भगवान राम, लक्ष्मण, हनुमान, लंका और रावण को दिखाएंगे और बाद में कहेंगे कि यह रामायण नहीं है.

आरके अरोड़ा

इमेज स्रोत, Twitter/RKArora

इमेज कैप्शन, आरके अरोड़ा

सुपरटेक के चेयरमैन गिरफ़्तार

सुपरटेक समूह के ख़िलाफ़ ईडी ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की.

ईडी ने सुपरटेक के चेयरमैन आरके अरोड़ा को दिल्ली से गिरफ़्तार कर लिया.

इस ख़बर को दिल्ली से छपने वाले अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है.

हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़, ईडी ने सुपरटेक के ख़िलाफ़ कुछ वक़्त पहले जांच शुरू की थी. इस जांच का आधार दिल्ली, हरियाणा और यूपी पुलिस में दर्ज कई एफ़आईआर को बनाया गया.

अख़बार लिखता है कि सभी मुकदमों में आरोप है कि कंपनी और उसके निदेशक रियल स्टेट परियोजनाओं में बुक किए गए फ्लैटों के बदले खरीदारों से पहले से पैसे जुटाकर लोगों को धोखा देने की साजिश में शामिल हैं.

सभी अभियुक्त पैसे लेकर वक़्त पर खरीदारों को कब्जा देने में विफर रहे हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर,इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)