भारत का सबसे पसंदीदा स्ट्रीट फ़ूड क्या है?

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- Author, चारुकेसी रामादुरई
- पदनाम, बीबीसी ट्रैवल
क़रीब ढाई महीने लंबे लॉकडाउन के बाद देश अब धीरे-धीरे अनलॉक होता जा रहा है.
हालांकि, कोविड-19 से बचने के लिए अभी भी लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए कुछ नियमों का पालन करना होगा.
मगर, जैसे जैसे रियायतें मिल रही हैं, बाज़ार फिर से गुलज़ार हो रहे हैं.
जल्द ही लोग घर से बाहर निकल कर चाट पकौड़ों का मज़ा लेते नज़र आएंगे. गोल-गप्पे और चाट वालों की दुकानों पर फिर से भीड़ जुटेगी.
लॉकडाउन में लोगों ने अगर सबसे ज़्यादा किसी चीज़ की कमी महसूस की, तो वो गोल-गप्पे थे.

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गोल-गप्पे भारत का सबसे पसंदीदा स्ट्रीट फूड है. मुंबइया ज़ुबान में बोलें तो पानी-पूरी. उत्तर प्रदेश में इन्हें पानी के बताशे कहते हैं, तो कोलकाता में फुचका.
द हिंदू अख़बार में छपी ख़बर के मुताबिक़ लॉकडाउन के दौरान भारत में गूगल पर सबसे ज़्यादा गोल-गप्पे बनाने की विधि सर्च की गई.
इसकी सर्च में 107 फ़ीसद का उछाल देखा गया. पिछले कुछ हफ़्तों में देखा गया कि कुछ सोशल मीडिया भी पानी-पूरी का गुणगान कर रहे थे.
लोग बता रहे थे कि उन्हें पानी-पूरी की कमी कितनी खल रही है. गोल-गप्पे खाने का मज़ा भी ठेले वाले के पास खड़े होकर खाने में ही है.
आप उसके पास प्लेट लेकर खड़े रहिए और वो आपको कुरकुरे गोल-गप्पे में मटर या आलू भर कर खट्टा, मीठा और मिर्च वाला पानी भर कर देता रहे.

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मुंह में रखते ही गोल-गप्पा फूटता है और खट्टे-मीठे पानी और कुरकुरे गोल-गप्पे का जो स्वाद मुंह में गुलता है वो अद्भुत होता है. उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता.
वैसे बहुत से लोग घर पर भी बहुत स्वादिष्ट पानी-पूरी बना लेते हैं. लॉकडाउन में तो लोगों के पास इसे घर में बनाने के सिवा कोई विकल्प नहीं था.
पानी-पूरी या गोल-गप्पे कहां से आए? कैसे आए? इसके बारे में भी कई तरह की दिलचस्प कहानियां हैं.
खान-पान के इतिहासकार डॉक्टर कुरुश दलाल का कहना है कि उत्तर भारत में सबसे पहले सत्रहवीं सदी में मुग़ल बादशाह शाहजहां के दौर में चाट तैयार की गई थी.
कहा जाता है कि जब बादशाह शाहजहां ने मौजूदा पुरानी दिल्ली में अपनी राजधानी बसाई तो लोगों को यमुना के खारे पानी से दिक़्क़त होने लगी.

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लिहाज़ा हकीम साहब ने मशवरा दिया कि अल्कलाइन से बचने के लिए तले हुए, मसालेदार स्नैक्स का इस्तेमाल शुरू कर दें.
साथ ही दही का इस्तेमाल बढ़ाएं. कहा जाता है इसके बाद ही लोगों ने प्रयोग करके गोल-गप्पे तैयार किए.
फिर काम की तलाश में जैसे-जैसे मज़दूर दूसरे शहरों में जाने लगे तो उनके साथ गोल-गप्पे भी वहां पहुंच गए.
और देखते ही देखते देश-भर में सबसे ज़्यादा पसंद किए जाने वाले स्नैक्स बन गए.
गोल-गप्पों की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए अब बड़े रेस्टोरेंट में भी इनकी बिक्री होने लगी है.

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हालांकि वहां आपको पारंपरिक इमली और हरी चटनी वाले पानी के साथ और भी कई तरह के स्वाद वाले पानी मिल जाएंगे.
कुछ नामी रेस्टोरेंट और होटलों में तो चटनी के साथ मसालेदार वोदका शॉट्स और गुआमकोल भी मिल जाएगा.
लेकिन ये बड़े-बड़े नामी रेस्टोरेंट, ठेले पर गोल गप्पे बेचने वालों के आगे कहीं नहीं टिकते.
ठेले पर चाट बेचने वाला अपने हरेक ग्राहक को उसके स्वाद के अनुसार गोल-गप्पे तैयार करके देता है. आपको बस इशारा करने की देर होती है.
फिर देखिए कैसे वो आपकी पसंद की पानी-पूरी आपको खिलाता है. कोई कहता है भैया सूजी वाले गोल-गप्पे देना. किसी को आटे वाले पसंद हैं.

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कोई हरी चटनी के साथ मज़ा लेता है, तो किसी को मीठी चटनी के साथ चाहिए. गोल-गप्पे या पानी-पूरी खाना भी एक कला है.
ये नज़ाकत से चम्मच, छुरी कांटे के साथ नहीं खाए जाते. बल्कि, इसे तो सिर्फ़ हाथ से उठाकर मुंह में रखना होता है. और गोल-गप्पा मुंह में अंदर जाकर ही टूटना चाहिए.
तभी तो लगेगा कि पानी पूरी खाई है. गोल-गप्पे किसी भी शहर में बनते हों लेकिन उन्नीस-बीस उतार चढ़ाव के साथ स्वाद सभी जगह लगभग एक जैसा होता है.
अंतर सिर्फ़ इतना है बताशा कहीं आटे का बनता है. मैदे का तो कहीं आटा और मैदा मिलाकर बनता है.
हिंदुस्तान में जिस तरह लोगों को सियासी मुद्दों या क्रिकेट पर बहस करने में मज़ा आता है वैसे ही उन्हें गोल-गप्पे की वेराइटी पर बात करने में मज़ा आता है.

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कहां सबसे अच्छे गोल-गप्पे बिकते हैं, इस पर लोग शर्त तक लग लेते हैं. ख़ैर छोड़िए, जहां अच्छे गोल-गप्पे बिकते हैं बिकने दीजिए.
फूड ब्लॉगर अमृता कौर ने लॉकडाउन के दौरान बहुत कम सामान से पानी-पूरी तैयार की.
गोल-गप्पे बनाने की विधि
चटपटा पानी बनाने के लिए सामग्री
1 कप हरा धनिया
1 कप हरा पुदीना
2-3 हरी मिर्च
1 चम्मच भुना ज़ीरा पाउडर
आधा चम्मच हींग
थोड़ी-सी कच्ची इमली
1 नींबू का रस
1 बड़ा चम्मच पिसी हुई काली मिर्च
1 बड़ा चम्मच चाट मसाला
2-3 बड़े चम्मच गुड़ पाउडर
सेंधा नमक स्वाद के लिए
इन सब को2 लीटर पानी में ब्लेंड करें और इसे रख दें.
मीठा और खट्टा पानी बनानी के लिए सामग्री-
थोड़ी सी इमली गूदा निकालने के लिए पानी में भिगो दें.

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3 बड़े चम्मच गुड़
चुटकी भर सेंधा नमक
चुटकी भर भुना ज़ीरा पाउडर
थोड़ी सी काली मिर्च
इमली और गुड़ को एक साथ पकाएं, फिर एक चुटकी सेंधा नमक, भुना ज़ीरा पाउडर और काली मिर्च पाउडर डालकर गाढ़ी चटनी बनाएं.
थोड़े से उबले और मैश किए हुए आलू या कुरकुरी बूंदी भी तैयार कर लें, अगर स्वाद के लिए पानी में मिलाना चाहें.
पूरी बनाने की सामग्री-
1 कप सूजी
1 बड़ा चम्मच मैदा आटा
1 बड़ा चम्मच तेल
आधा चम्मच बेकिंग सोडा
चुटकी भर नमक

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इन सबको थोड़े पानी के साथ गूंध लें. इसे 30 मिनट तक ऐसे ही रहने दें. फिर गुंधे आटे से छोटी लोई बनाकर उसे पतला गोल बेलें.
फिर धीमी आंच पर इसे डीप फ़्राई करें. तेल से बाहर निकाल कर किसी जाली पर अतिरिक्त तेल निकलने के लिए रख दें.
लीजिए तैयार है आपकी पानी-पूरी. चटनी और खट्टे मीठे पानी के साथ परोसिए और आप भी मुंबइया पानी-पूरी का मज़ा लीजिए.
(बीबीसी ट्रैवल पर मूल लेख अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)
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