वो इमारत जहां से अंडरवाटर शूटिंग शुरू हई

- Author, अना ब्रेसेनिन
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पानी के भीतर का मंज़र बेहद ख़ूबसूरत होता है. नीला पानी. उसमें रंग-बिरंगे जीव और पौधे. क़ुदरत की चित्रकारी बेहद दिलकश लगती है.
यूं लगता है कि पानी के भीतर किसी ने कूची से बेतरतीब मगर ख़ूबसूरत चित्रकारी बना दी हो.
बहुत से लोग पानी के भीतर ऐसे नज़ारे देखने के लिए दूरबीन लगाकर पानी के भीतर डुबकी लगाते हैं.
जिनको ये मौक़ा नहीं मिल पाता, या, जो तैरना नहीं जानते, जिन्हें पानी से डर लगता है, वो तस्वीरों में ये ख़ूबसूरत नज़ारे देखते हैं.

बहुत सी ऐसी फ़िल्में बनी हैं, जो पानी के भीतर फ़िल्माई गई हैं. हॉलीवुड ने डीप ब्लू सी जैसी बहुत सारी फ़िल्मों में समंदर की गहराई में छुपी ख़ूबसूरती और ख़तरों से दुनिया को रूबरू कराया है.
पर, क्या आप को पता है कि अंडरवाटर शूटिंग कब और कहां शुरू हुई थी?
इटली में मिलता है जवाब
इस सवाल का जवाब आपको इटली में मिलेगा, क्योंकि इटली के शहर पालेरमो में ही अंडरवाटर शूटिंग के कई राज़ छुपे हुए हैं.
पालेरमो में एक शानदार मशहूर इमारत है. इसका नाम है विला वल्गुएर्नेरा. ये इमारत दुनिया के कुछ महान आविष्कारों और खोजों की गवाह बनी है.
इस वक़्त इस शानदार इमारत की मालकिन हैं, विटोरिया अलियाटा डी विलाफ्रैंका. विला वल्गुएर्नेरा को विटोरिया के पुरखों ने बनवाया था. वो आज भी इसे सहेजकर रखे हुए हैं.
इस इमारत के अंदर वो ख़ज़ाना मौजूद है, जो अपने दौर के तारीख़ी कमाल के गवाह रहे.
विटोरिया की इस पुश्तैनी कोठी के अंदर कभी इटली की मशहूर पनारिया फ़िल्म्स का दफ़्तर हुआ करता था. इस कंपनी को विटोरिया के पिता ने 40 के दशक में खोला था.

पनारिया फ़िल्म के दस्तावेज़ों और आर्काइव खंगालते हुए विटोरिया को अपने पिता पर गर्व हो उठता है. वो कहती हैं कि कोठी में घूमते हुए उन्हें बहुत सी नई बातें पता चलीं. ये उनके लिए एक खोजी सफ़र था.
विटोरिया कहती हैं कि ये उनके लिए चांद पर जाने सरीखा, चांद पर पहला क़दम रखने जैसा तजुर्बा था.
दुनिया की पहली अंडरवाटर फ़िल्म
पनारिया फ़िल्म्स ने ही दुनिया की पहली ऐसी फ़िल्म बनाई थी, जो पानी के भीतर फ़िल्माई गई थी.
विटोरिया कहती हैं कि समंदर के भीतर शूटिंग आज बेहद आम बात है. मगर, पिछली सदी में, 40 के दशक में ऐसा पहली बार करना किसी अजूबे से कम नहीं था. इसके लिए कई आविष्कार करने पड़े थे.
विटोरिया के पिता ने पनारिया फ़िल्म्स के बैनर तले दुनिया की पहली अंडरवाटर फ़िल्म, 'अंडरवॉटर हंटर्स' बनाई थी.

इटली के फ़िल्मकार और विटोरिया के पिता फ्रांसेस्को एलियाटा ने अंडरवाटर हंटर्स की शूटिंग 1946 में एओलियन द्वीप समूह के पास की थी.
ऐसा पहली बार हुआ था जब पेशेवर कैमरे से समंदर के भीतर किसी फ़िल्म की शूटिंग की गई थी.
इतिहास की गवाह तस्वीरें
विटोरिया अपनी कोठी में मौजूद दस्तावेज़ और तस्वीरें दिखाते हुए बताती हैं कि फ़िल्म की पूरी टीम क़रीब दो महीने तक एओलियन द्वीप समूह पर रही थी. उस दौरान की तस्वीरें बताती हैं कि फ़िल्म की टीम के बदन पर बहुत कम ही कपड़े हुआ करते थे.
विला वल्गुएर्नेरा में आज भी अंडरवाटर हंटर्स फ़िल्म का पहला प्रिंट रखा हुआ है.
इस फ़िल्म से पहले पानी के भीतर के सीन या तो स्विमिंग पूल में या किसी पनडुब्बी के भीतर फ़िल्माए जाते थे. खुले समंदर में, पानी के भीतर शूट की जाने वाली ये पहली फ़िल्म एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ है.

जो लोग पानी के भीतर शूटिंग करते थे, वो पेशेवर कैमरों का इस्तेमाल न के बराबर करते थे. फ्रांसेस्को एलियाटा वो पहले फ़िल्मकार थे, जिन्होंने समुद्र के भीतर पेशेवर कैमरे से फ़िल्म की शूटिंग की थी.
इसी तरह फ्रांसेस्को एलियाटा ने टुना मछली को पकड़ने के बेहद ख़तरनाक मंज़र की शूटिंग अपनी फ़िल्म 'टुना फ़िशिंग' के लिए की थी.
टुना मछली बेहद तेज़ रफ़्तार और ख़तरनाक होती है. बरसों से इसे पकड़ने को ख़तरनाक खेल के तौर पर खेला जाता रहा है. ख़ास तौर से अरब देशों ने इस खेल में महारत हासिल की हुई है.
कैमरा लेकर समुद्र में कूदे निर्देशक
फ्रांसेस्को एलियाटा ने 40 के दशक में इस खेल को खेल रहे लोगों के बीच जाकर कैमरे में क़ैद किया था. ये ख़ूनी मंज़र फ़िल्माने में बहुत ख़तरा था. मगर एलियाटा इसे कैमरे में क़ैद करने के लिए समुंद्र में टुना मछलियों के बीच कूद पड़े थे.

विला वल्गुएर्नेरा में आज भी वो कैमरा रखा हुआ है, जिसकी मदद से फ्रांसेस्को एलियाटा ने ऐसे मंज़र दुनिया के लिए क़ैद किए. विटोरिया बताती हैं कि फ़िल्में बनाने से पहले इस कैमरे से उनके पिता ने दूसरे विश्व युद्ध के मंज़र कैमरे में क़ैद किए थे.
ये एरिफ्लेक्स कैमरा आज भी विला वल्गुएर्नेरा में सहेजकर रखा हुआ है, जिसे विश्व युद्ध ख़त्म होने के बाद, फ्रांसेस्को ने बहुत बड़ी क़ीमत देकर ख़रीदा था.
अंडरवाटर शूटिंग के लिए कैमरे को पानी के भीतर ले जाना बड़ी चुनौती थी.
इसके लिए फ्रांसेस्को ने स्कैफैंडर नाम का यंत्र ईजाद किया, जिसमें रखकर कैमरे को पानी के भीतर शूटिंग के लिए ले जाया जाता था.
ये बहुत भारी है. आप सिर्फ़ कल्पना कर सकते हैं कि इतने भारी-भरकम सामान की मदद से पानी के भीतर कैसे शूटिंग की गई होगी. इस दौरान सांस रोक कर रखना पड़ता था.

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विटोरिया बताते हैं कि उनके पिता कहा करते थे कि वो बहुत क़िस्मत वाले थे. पानी के भीतर ऐसे ख़तरे मोल लेने से उन्हें सिर्फ़ एक नुक़सान हुआ कि उन्हें सुनाई कम पड़ने लगा था. वैसे तो जान जाने का भी ख़तरा शूटिंग के दौरा मंडराता रहता था.
इतिहास रचने वाली कंपनी हुई क़र्ज़दार
40 और 50 के दशक में विला वल्गुएर्नेरा में फ़िल्मकारों की तमाम बैठकें हुआ करती थीं, जिसमें डॉक्यूमेंट्री बनाने से लेकर फ़िल्मों तक पर चर्चा हुआ करती थी.
ऐसी ही एक मशहूर फ़िल्म 1952 में यहां बनी थी, जिसका नाम था, द गोल्डेन कोच. इस फ़िल्म में उस दौर की मशहूर इटैलियन अभिनेत्री एना मैग्नानी ने काम किया था. इस फ़िल्म का निर्देशन ज्यां रेनॉय ने किया था.

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पानी के भीतर शूटिंग के लिए उस दौर में सुरक्षा के कोई इंतज़ाम नहीं होते थे. विटोरिया बताती हैं कि उनके पिता ऊनी पायजामे पहनकर पानी के भीतर शूटिंग किया करते थे.
1956 में पनारिया फ़िल्म पर इतना क़र्ज़ हो गया था, कि उसे बंद करना पड़ा. लेकिन, पालेरमो के विला वल्गुएर्नेरा में उस कंपनी के तमाम दस्तावेज़ आज भी सहेज कर रखे हुए हैं.
फ्रांसेस्को एलियाटा ने अपनी मेहनत और लगन से इटली के सिसिली द्वीप को फ़िल्मी दुनिया के नक़्शे पर मज़बूती से पेश किया था. इससे पहले सिसिली को माफ़िया डॉन के द्वीप के तौर पर जाना जाता था.
विटोरिया कहती हैं कि उनके ख़ानदान को फ़िल्म बनाने के शौक की भारी क़ीमत चुकानी पड़ी. बहुत सारी संपत्ति स्वाहा हो गई. लेकिन उन्हें अपनी इस विरासत पर बहुत गर्व है.
पालेरमो का अहम ठिकाना विला वल्गुएर्नेरा है.
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