ड्रैकुला के देश में क्यों अहम है लहसुन?

    • Author, मोनिका सुमा
    • पदनाम, बीबीसी ट्रैवल

आपने ड्रैकुला का नाम तो सुना ही होगा. वही ड्रैकुला जो इंसानों का ख़ून पीता था. मशहूर लेखक ब्राम स्टोकर के उपन्यास का भयानक किरदार.

चलिए आज आप को ड्रैकुला के देश की सैर पर ले चलते हैं. ड्रैकुला उपन्यास, पूर्वी यूरोप के ट्रांसिल्वेनिया इलाक़े पर आधारित था. वहां के एक राजा व्लाड टेपेस पर एक ऐतिहासिक क़िताब लिखी गई थी. ब्राम स्टोकर ने उसी राजा के पिता व्लाड ड्रैकुल की शख़्सियत पर ड्रैकुला का किरदार रचा था.

ड्रैकुला बिल्कुल ही फंतासी किरदार था. मगर उसका डर उन्नीसवीं सदी से शुरू हुआ तो आज तक यूरोप के एक बड़े हिस्से की आबादी पर क़ायम है. उस दौर के ट्रांसिल्वेनिया इलाक़े का एक बड़ा हिस्सा आज के यूरोपीय देश रोमानिया में पड़ता है. जहां लोग आज भी ड्रैकुला और दूसरे शैतानों से डरते हैं. उनसे बचने के तरीक़े आज़माते हैं.

डर से बचाता लहसुन

और आप ये जानकर हैरान हो जाएंगे कि ड्रैकुला के डर से रोमानिया के लोगों को बचाता है- लहसुन.

जी हां, लहसुन की मदद से रोमानियाई लोग ड्रैकुला के डर को दूर भगाते हैं.

लहसुन हिंदुस्तान के खान-पान का एक अहम हिस्सा है. कुछ लोगों के यहां तो इसके बिना खाना ही नहीं बनता. वहीं कुछ लोग धार्मिक वजह से इसे नहीं खाते. बहुत से लोगों को इसकी महक से परेशानी होती है. लेकिन, ये बात सब मानते हैं कि लहसुन सेहत के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है.

रोमानिया में भी लहसुन को लेकर हिंदुस्तान जैसा ही क्रेज़ है. यहां बड़े पैमाने पर लहसुन की खेती और इसका इस्तेमाल होता है.

रोमानिया की लोक कथाओं में लहसुन को काफ़ी अहमियत दी जाती है. ये बुरी आत्माओं से लोगों को बचाने का काम करता है. पूर्वी यूरोप में तो भूत-प्रेतों की बहुत-सी लोक कथाएं हैं. इन सभी कहानियों में नापाक रूहों से निजात का ज़रिया लहसुन को बताया गया है.

रोमानिया में तो सदियों से ये माना जाता रहा है कि अगर आपके घर पर किसी तरह की कोई परेशानी है, तो अपने घर में लहसुन रख लीजिए. आपकी तमाम दिक़्क़तें दूर हो जाएंगी. यहां के लोग घर के दरवाज़ों और खिड़कियों पर लोग लहसुन की मालाएं बनाकर लटकाते हैं ताकि बुरी आत्माओं से उनकी हिफ़ाज़त होती रही. खांसी-नज़ले जैसी बीमारियां ठीक करने में भी लहसुन काफ़ी कारगर होता है.

गायों की सींगों पर लेप

रोमानिया के किसान अपनी गायों की सींगों पर लहसुन का लेप लगाकर उनकी हिफ़ाज़त करते हैं. मान्यता है कि तमाम बुरी आत्माएं, बच्चों को दूध पिलाने वाली मांओं और गायों का दूध पीती हैं. गाय यहां के किसानों की रोज़ी-रोटी का ज़रिया है. लिहाज़ा वो लहसुन के टोटके से अपनी गायों की हिफ़ाज़त करते हैं.

पूरे रोमानिया राज्य में लहसुन का जमकर इस्तेमाल होता है. यहां किसी भी खाने का तसव्वुर बिना लहसुन के होता ही नहीं. दही और सूरजमुखी के फूलों के तेल से लहसुन की कई तरह की चटनियां तैयार की जाती हैं.

मछली से बने पकवानों में बराबर मात्रा में लहसुन डाला जाता है. रोमानिया के लोग लहसुन की चटनी रोटी पर लगाकर खाना भी ख़ूब पसंद करते हैं. रोमानिया के लोग मानते हैं कि लहसुन का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल करने से सेहत भी ठीक रहेगी और बुरी आत्माओं से भी महफ़ूज़ रहेंगे.

रोमानिया में लहसुन की मांग ज़्यादा है. लिहाज़ा इसकी पैदावर भी ख़ूब है. बड़े पैमाने पर किसान इसकी खेती करते हैं. यहां के बोटोसानी इलाक़े की क़रीब 40 फ़ीसदी आबादी लहसुन की खेती करती है. कोपलाऊ इलाक़े में पैदा होने वाला लहसुन तो दुनिया भर में मशहूर है.

रोमानिया में लोग सूप भी चाव से पीते हैं. वेज हो या नॉन-वेज, हर तरह के सूप में लहसुन का ख़ूब इस्तेमाल होता है. इसके अलावा सुअर के मांस से तैयार होने वाली सॉसेज़ भी लोग ख़ूब शौक़ से खाते हैं. इन सभी में अहम हिस्सा होता है लहसुन, जो ज़ायक़े को बेहतर बनाने का काम करता है.

शादी-ब्याह से लेकर जीने-मरने तक लहसुन

रोमानिया के लोग लहसुन को एक एंटी-बायोटिक के तौर पर भी इस्तेमाल करते हैं. असल में लहसुन में पाया जाने वाला केमिकल एलिसिन एक ताक़तवर एंटीबायोटिक है. इसमें पेनिसिलिन जैसी ख़ूबियां होती हैं. मौसमी बुखार दूर करने में लहसुन काफ़ी कारगर होता है. रोमानिया में लहसुन के इस्तेमाल के बहुत से पारंपरिक तरीक़े हैं, जो पीढ़ियों से चले आ रहे हैं.

रोमानिया में शादी-ब्याह से लेकर जीने-मरने तक अदा की जाने वाली रस्मों में लहसुन का इस्तेमाल ज़रूर होता है. यहां तक कि बुद्धिजीवी और तरक़्क़ीपसंद माने जाने वाले लोग भी लहसुन को बहुत पवित्र मानते हैं. उसकी जादुई ख़ासियतों को दिल से क़ुबूल करते हैं. अब तो रोम में गार्लिक फ़ेस्टिवल की भी शुरूआत हो गई है. पिछले पांच सालों से सितंबर महीने में इस फ़ेस्टिवल का आयोजन हो रहा है. फ़ेस्टिवल में जितने भी खाने परोसे जाते हैं वो सभी लहसुन से बने होते हैं.

रोमानिया में बुरी आत्माएं लहसुन की महक से जाती हैं या नहीं, कहना मुश्किल है. लेकिन यहां के लोगों की ज़िंदगी में लहसुन का बहुत अहम रोल है. फिर चाहे वो यहां की लोक कथाएं हो, खान-पान हो या दवाएं.

तो, अगली बार आप रोमानिया जाएं और ड्रैकुला से डर लगे, तो लहसुन को साथ रखिएगा.

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