टेलीफ़ोन पर बजने वाले 'होल्ड म्यूज़िक' की बदलती दुनिया

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    • Author, डोमियन फाउलर
    • पदनाम, बीबीसी कैपिटल

शांति अच्छी लगती है, लेकिन चुप्पी नहीं. आप फ़ोन पर बात कर रहे हों और दूसरी तरफ का व्यक्ति चुप हो जाए तो खीझ होने लगती है.

किसी बैंक या बीमा कंपनी से बात करते हुए फ़ोन होल्ड पर कर दिया जाए और ग्राहक से इंतज़ार करने को कहा जाए तो यह चुप्पी पल भर के लिए भी बर्दाश्त नहीं होती.

सन्नाटे को भरने और ग्राहक को व्यस्त रखने के लिए कंपनियों को रणनीति बनानी पड़ती है. इसीलिए ऑन-होल्ड म्यूज़िक की शुरुआत हुई थी. यह संगीत कॉलर को व्यस्त रखता है ताकि वह फ़ोन काट ना दे.

ऑन-होल्ड म्यूज़िक और मैसेज बनाने वाली कंपनी मूड मीडिया के मुताबिक, "सन्नाटा खोए हुए अवसर की ध्वनि है."

मूड मीडिया के ग्लोबल सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डैनी टर्नर कहते हैं, "शुरुआत में बाज़ार ने ऑन-होल्ड म्यूज़िक को इसलिए अपनाया, क्योंकि उसे चुप्पी के पलों को भरना था. इससे कॉलर को लगता है कि उसे लंबा इंतज़ार नहीं करना पड़ा."

बाद में महसूस किया गया कि यह एक बेहतरीन मौका भी है, जिसमें कॉलर को अपने बिज़नेस के बारे में बताया जा सके.

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इमेज कैप्शन, यह तस्वीर न्यूयॉर्क स्थित म्यूज़ैक के कार्यालय की है, जो 1950 में ली गई थी

इंतज़ार कराने का संगीत

पारंपरिक होल्ड म्यूजिक नीरस वाद्य संगीत होता है, ठीक वैसा ही जैसा लिफ्ट में बजता है. इस तरह का संगीत 1930 के दशक में 'म्यूज़ैक' कंपनी ने शुरू किया था. उन दिनों यह कंपनी लोकप्रिय गीतों का इंस्ट्रूमेंटल वर्जन तैयार कराती थी.

यह ट्रेंड कई साल तक चलता रहा. दफ्तरों और होटलों में इस तरह का बैकग्राउंड म्यूज़िक बजता था. लेकिन लोग इससे बोर होने लगे.

धीरे-धीरे 'म्यूज़ैक' का ब्रांड नकारात्मकता का पर्याय बन गया. 2009 में कंपनी दिवालिया हो गई और इसे मूड मीडिया ने खरीद लिया.

मूड मीडिया के पास आज संगीत के करीब 200 कैटलॉग हैं, जिनमें हर मूड का संगीत है. इन्हें दुनिया भर में फैले संगीतकारों से तैयार कराया गया है ताकि ग्लोबल और लोकल, हर तरह की ज़रूरत पूरी की जा सके.

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संगीत कितना कारगर

टेलीफ़ोन पर होल्ड म्यूज़िक का खूब इस्तेमाल होता है, लेकिन इसके बारे में धारणा नहीं बदली है. अच्छे से अच्छा संगीत भी फ़ोन पर आनंदित नहीं करता.

न्यूयॉर्क के म्यूज़िक थेरेपिस्ट डीन ऑल्शर कहते हैं, "होल्ड म्यूज़िक का मानसिक सेहत पर नकारात्मक असर पड़ता है."

फ़ोन से आने वाले संगीत की गुणवत्ता फोन लाइन या रिसीवर की गुणवत्ता पर निर्भर करती है, जो कई बार ठीक नहीं होती.

संगीत कितना भी अच्छा हो, फ़ोन उसे बिगाड़ देता है. इसीलिए उतार-चढ़ाव भरे संगीत के मुक़ाबले साज के संगीत को वरीयता दी जाती है.

टर्नर कहते हैं, "जिस संगीत में टेंपो और एनर्जी नाटकीय रूप से बढ़ते-घटते हों उससे आप दूर रहना चाहेंगे. ऐसा कुछ भी जो असंगत या कर्कश लगे, वह नहीं चलता."

शांत और सुरीले ट्रैक का सबसे अच्छा उदाहरण सिस्को का है. टिम कार्लटन और डैरिक डील ने 1989 में इस टेलीकॉम कंपनी के लिए 4-ट्रैक का एक म्यूज़िक रिकॉर्ड किया था. इसे 'ओपस नंबर 1' कहा गया था.

'ओपस नंबर 1' को बाद में करीब साढ़े छह करोड़ फ़ोन में डाला गया.

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ब्रांडिंग का तरीका

'बिजनेस वॉयस' नामक कंपनी बड़ी और मंझोली कंपनियों के लिए ऑन-होल्ड मार्केटिंग का काम देखती है. यह फ़ोन पर इंतज़ार के समय को ब्रांड की पहचान बढ़ाने के मौके के रूप में देखती है.

यह कंपनी संगीत के साथ मौखिक संदेशों को मिला देती है. इससे जो प्रॉडक्ट बनता है वह रेडियो पर आने वाले सुरीले विज्ञापनों की तरह होता है.

एक्सपीरिएंस मार्केटिंग एसोसिएशन (EMA) उन एजेंसियों का संगठन है जो ऑन-होल्ड संदेशों को मार्केटिंग के औजार के रूप में बढ़ावा दे रही हैं.

उत्तरी अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में ईएमए की इकाइयां हैं और दुनिया भर में ढाई लाख से ज्यादा कंपनियां इनकी ग्राहक हैं. इनके अलावा छोटी-बड़ी हज़ारों कंपनियां ऑन-होल्ड म्यूज़िक की मांग को पूरा कर रही हैं.

'बिजनेस वॉयस' के लोग किसी नई ग्राहक कंपनी के लिए मार्केटिंग प्लान बनाने से पहले फोन करने वालों के अनुभव का लेखा-जोखा तैयार करते हैं.

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यह देखा जाता है कि कोई एक कॉलर कितनी बार फ़ोन करता है और वह अधिक से अधिक कितनी देर तक होल्ड पर रूक सकता है. यदि फ़ोन पर रुकने का औसत समय 5 मिनट हो तो कॉलर को 3 मिनट का संगीत दोबारा नहीं सुनाया जा सकता.

'बिज़नेस वॉयस' के संस्थापक और सीईओ जेरी ब्राउन कहते हैं, "लोग जितनी देर तक कॉल पर रुकते हैं, उतने समय में आप चाहेंगे कि वे आपकी कंपनी के बारे में अच्छा महसूस करें."

फ़ोन करने वाले ग्राहकों के लिए संगीत और संदेश बनाने का काम तुक्के से नहीं होता. ब्राउन कहते हैं कि सब कुछ वैज्ञानिक तरीके से होता है.

यदि किसी कंपनी की सेल्स और सर्विसेज़, दोनों की मांग हो तो उनके लिए दो अलग प्रारूप तैयार किए जाते हैं.

ब्राउन कहते हैं, "कई बार हम किसी गाने के टेंपो के आधार पर संगीत चुन लेते हैं. अगर कॉलर ग्राहक सेवा लाइन में हैं और वहां लोग 10 मिनट से इंतज़ार कर रहे हैं तो हम हाई टेंपो वाला संगीत नहीं सुनाना चाहेंगे. कॉलर अगर सेल्स की कतार में हो तो उसे हरकत में रखना पड़ता है. इसके लिए उसके दिल की धड़कनों को थोड़ा बढ़ाना भी ज़रूरी होता है."

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ग्राहक की खुशी

फोन पर ग्राहक को व्यस्त रखने के तरीकों में एक तरीका हंसी-मजाक का भी है. 'बिजनेस वॉयस' के चीफ क्रिएटिव ऑफिसर स्कॉट ग्रेगरी कहते हैं, "जहां आम तौर पर विज्ञापन सुनाए जाते हैं, वहां अगर कोई मुझे चुटकुला सुनाकर हंसा दे तो मुझे अच्छा लगेगा."

इन सब तरकीबों के बावजूद ज़्यादातर लोग फ़ोन पर इंतज़ार करना पसंद नहीं करते. 'फोनोलो' की मार्केटिंग कम्युनिकेशन मैनेजर सामंता मेहरा कहती हैं, "फ़ोन पर इंतज़ार कर रहे ग्राहकों को अगर जबरन कुछ सुनने को मजबूर किया जाए तो वे भड़क सकते हैं."

'फोनोलो' अपने क्लाएंट को यह सुझाव देती है कि वे फोन पर इंतज़ार कराने का चलन खत्म कर दें और ग्राहकों को कॉल बैक किया करें.

यह कंपनी सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर ग्राहकों की प्रतिक्रियाओं को भी खासी तवज्जो देती है.

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संगीत की रचना

यदि आप सोच रहे हैं कि होल्ड म्यूज़िक अपनी आख़िरी सांसें गिन रहा है तो आप गलत हैं. मार्केटिंग और टेक्नोलॉजी ने इसे फिर से ज़िंदा कर दिया है.

न्यूयॉर्क के एसेन डॉयकिन जैज़ पियानिस्ट और कंपोजर हैं. वे ब्लू नोट, बर्ड लैंड और लिंकन सेंटर समेत दुनिया के कई प्रतिष्ठित स्थानों पर शो कर चुके हैं.

एसेन अपने दो एलबम भी रिलीज़ कर चुके हैं. उन्होंने फिल्म, टेलीविजन और थिएटर के लिए भी संगीत बनाया है.

मैंने एसेन को फ़ोन किया और फिर हम उनके घर के स्टूडियो में मिले. हमने एक नये होल्ड म्यूज़िक पर बात की जिसमें नयापन हो, दुहराव ना हो और जिसकी लय में उतार-चढ़ाव कम हो.

एसेन ने एक नया संगीत बनाने की चुनौती ली. उन्होंने हर्बी हैन्कॉक के एलबम 'हेड हंटर्स' की तरह शुरुआत की. एनालॉग सिंथेसाइजर की मदद से एसेन ने पियानो ट्रैक में बदलाव किए और उसमें जैज़ का जोश डाला.

इस नये ट्रैक को हमने दो विशेषज्ञों को सुनाया. डेनियल श्मिड्ट ने इसमें खूबियां और खामियां दोनों देखीं. उन्होंने म्यूजिक के वैरिएशन और ट्रांजिशन की तारीफ की.

एसेन के ट्रैक में कोरस ट्यून नहीं था. यह भी श्मिड्ट को ताज़गी से भरा हुआ लगा. लेकिन ट्रैक की शुरुआत धीमी थी, इसलिए श्मिड्ट का सुझाव था कि इसे 30 सेकेंड आगे से शुरू किया जाए, जहां से यह ट्रैक गति पकड़ता है.

अब फ़ैसले की बारी थी. क्या एसेन ने जो ट्रैक बनाया है, वह होल्ड म्यूज़िक के रूप में काम आ सकता है? श्मिड्ट ने हामी भर दी.

ऑन होल्ड कंपनी के सीईओ ब्रायंट विल्सन ने भी ट्रैक को पसंद किया. विल्सन को म्यूजिक का पेस अच्छा लगा, लेकिन सिंथेसाइजर का इस्तेमाल उनको पसंद नहीं आया.

विल्सन के मुताबिक टेलीफोन सिर्फ 3500 हर्ट्ज के ध्वनि तरंगों को ही बजा सकता है, इसलिए इस तरह की ध्वनियां वहां बदल जाती हैं और संगीत के अनुभव को बिगाड़ देती हैं.

विल्सन कहते हैं, "फ़ोन के लिए संगीत चुनते समय बैंडविड्थ और कंप्रेशन का ख़्याल रखना पड़ता है तभी जाकर सही संगीत का चुनाव हो पाता है."

(मूल लेख अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, जो बीबीसी कैप्टिल पर उपलब्ध है.)

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