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महिला ट्वेन्टी-20 विश्व कप भी... | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ट्वेन्टी-20 विश्व कप शुरु हुए चंद दिन ही हुए हैं और उसका ख़ुमार क्रिकेट प्रेमियों के दिलो दिमाग़ पर छा चुका है. युवराज, जयसूर्या के चौके-छक्के या फिर मुरलीधरन की घातक गेंदबाज़ी..आने वाले मैचों में इस सब का है लोगों को इंतज़ार. इसी गहमागहमी के बीच और चकाचौंध से दूर एक और ट्वेन्टी-20 विश्व कप की तैयारी चल रही है- पहली महिला ट्वेन्टी-20 विश्व कप प्रतियोगिता की. 11 जून से होने वाला ये विश्व कप भी इंग्लैंड में ही हो रहा है. सेमी फ़ाइनल और फ़ाइनल उसी दिन और उसी जगह होंगे जहाँ पुरुष विश्व कप आयोजित किया जाएगा. दो साल पूर्व जब पहला ट्वेन्टी-20 विश्व कप आयोजित हुआ था तो इसने क्रिकेट की दुनिया में ज़बरदस्त धूम मचाई थी और एक नए तबके को क्रिकेट से जोड़ा. आठ देशों की महिला खिलाड़ियों को भी यही उम्मीद है कि हाशिए पर रहने वाले महिला क्रिकेट में भी ये ट्वेन्टी-20 विश्व कप नई जान फूँकेगा. भारत की टीम
भारतीय टीम की बात करें तो झूलन गोस्वामी की कप्तानी में टीम इंग्लैंड पहुँच चुकी हैं. 2007 में आईसीसी वूमन प्लेयर ऑफ़ द ईयर रही चुकी झूलन जहाँ विश्व की सबसे तेज़ महिला गेंदबाज़ों में से एक हैं तो अंजुम चोपड़ा और मिथाली राज का प्रदर्शन इंग्लैंड में काफ़ी अच्छा रहा है. भारत के अलावा इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड, दक्षिण अफ़्रीका, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और वेस्टइंडीज़ की टीमें भी हैं.
मार्च में हुए महिला विश्व कप में भारत तीसरे स्थान पर रहा था जबकि इंग्लैंड ने न्यूज़ीलैंड को हराकर कप पर क़ब्ज़ा किया था. ट्वेन्टी-20 मैचों में होने वाली ताबड़तोड़ चौकों-छक्कों की बरसात दर्शकों को बाँधे रखने का एक बड़ा कारण है. महिला खिलाड़ियों को फटाफट क्रिकेट के इस संस्करण में खेलते देखना अपने आप में दिलचस्प होगा. इसे लेकर बहस हो सकती है कि पुरुषों के मुकाबले महिला खिलाड़ी कितने चौके-छक्के लगा सकती हैं लेकिन हाल की प्रतियोगिताएँ दर्शाती हैं कि महिला क्रिकेट के स्तर में लगातार सुधार हुआ है. महिला क्रिकेट को फ़ायदा?
जिन खिलाड़ियों पर खास नज़र रहेगी उनमें शामिल है इंग्लैंड की क्लेयर टेयर जो विश्व कप में प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट थीं. भारत की दो गेंदबाज़ों प्रियंका रॉय और अमिता शर्मा से भी ख़ासी उम्मीद हैं. प्रियंका ने भारत की ओर से 50-50 ओवर वाले विश्व कप में सबसे ज़्यादा विकेट लिए थे. न्यूज़ीलैंड की बल्लेबाज़ सूज़ी बेट्स, इंग्लैंड की कप्तान शार्लेट एडवर्ड्स, इंग्लैंड की विकेटकीपर सारा टेलर और ऑस्ट्रेलिया की शैली निट्शके का हालिया प्रदर्शन भी अच्छा रहा है. इन सब को आईसीसी ने महिला विश्व कप टीम में भी शामिल किया था. लेकिन ये भी सच है कि 11 जून से होने वाले महिला विश्व कप को शायद ही उतनी तरजीह मिलेगी जितनी पुरुष खिलाड़ियों को मिलेगी. शुरुआती मैचों का तो प्रसारण भी नहीं होगा. लेकिन सेमीफ़ाइनल और फ़ाइनल का सीधा प्रसारण लोग देख सकेंगे. फ़ाइनल होगा लॉर्डस मैदान पर- पुरुषों के फ़ाइनल से ठीक पहले और उसी तारीख़ को. ट्वेन्टी-20 मैचों में महिला टीमों को अभी इस फ़ॉर्मेट का ज़्यादा अनुभव तो नहीं है लेकिन किसे पता कि फटाफट क्रिकेट का ये संस्करण और लॉर्डस का फ़ाइनल शायद महिला क्रिकेट को भी नया रूप और स्वरूप दे जाए. भारत की टीम झूलन गोस्वामी(कप्तान), अमिता शर्मा (उप कप्तान), मिथाली राज, अंजुम चोपड़ा, रुमेली धर, सुलक्ष्णा नायक, प्रियंका रॉय, पूनम राउत, गौहर सुल्ताना, रीमा मल्होत्रा, हरमनप्रीत कौर, लतिका कुमारी, बबिता मंदिक, अनघा देशपांडे. कोच-सुधा शाह, मैनेजर- डायना एडुल्जी |
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