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'हम भी किसी से कम नहीं' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
क्रिकेट विश्व कप का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और भारत में सबकी निगाहें भारतीय क्रिकेट टीम पर टिकी हुई हैं. वैसे विश्व कप न भी हो तो भी क्रिकेट टीम हमेशा ही केंद्र बिंदु में रहती है-कभी बेहतरीन प्रदर्शन के लिए तो कभी ख़राब फ़ॉर्म के लिए. लेकिन इन चर्चाओं और मीडिया सुर्खियों में महिला क्रिकेट टीम का ज़िक्र कम ही होता है- बावजूद इसके कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिला क्रिकेट खिलाड़ियों का प्रदर्शन काफ़ी अच्छा रहा है. महिला क्रिकेट की आईसीसी रैंकिंग में भारत दूसरे नंबर है. हालांकि महिला क्रिकेट एसोशिएशन और बीसीसीआई का एक साथ आ जाने से खिलाड़ियों की उम्मीदें काफ़ी बढ़ गई है. महिला क्रिकेट से जुड़े कुछ पहलूओं पर मैने बात की भारतीय महिला टीम की कप्तान मिताली राज, उपकप्तान झूलन गोस्वामी से. पढ़िए उनके विचार. *********************************************** मिथाली राज-कप्तान, भारतीय महिला क्रिकेट टीम
भारत में बात जब क्रिकेट की होती है, तो पुरुष क्रिकेट खिलाड़ियों का तो कोई मुकाबला ही नहीं है. महिला क्रिकेट उससे कहीं पीछे है लेकिन धीरे-धीरे हमने भी क़दम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं. *********************************************** झूलन गोस्वामी- उपकप्तान, भारतीय महिला क्रिकेट टीम
जब बचपन में मैने क्रिकेट खेलना शुरु किया तो माता-पिता को ये बिल्कुल पसंद नहीं था. मैं लड़कों के साथ क्रिकेट खेलती थी और माता-पिता को ये अच्छा नहीं लगता था कि मैं लड़कों के साथ जाकर क्रिकेट खेलूँ. |
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