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खेलने की अनुमति देने पर माफ़ी! | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के एक प्रमुख फ़ुटबॉल क्लब ने महिलाओं और पुरुषों की युवा टीमों को एकदूसरे के साथ खेलने की अनुमति देने पर माफ़ी माँगी है. ईरानी लीग के इस्तेग़लाल फ़ुटबॉल क्लब ने कहा है कि उसने तीन अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की है. एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद का ये पहला ऐसा फ़ुटबॉल मैच था. ईरान में महिलाओं और पुरुषों के एक साथ खेलने पर पूर्ण पाबंदी है. यहाँ तक कि महिलाओं को पुरुषों के मैच के दौरान फ़ुटबॉल के मैदान में जाने की अनुमति नहीं है. नैतिक मूल्य ये मैच इस महीने के शुरू में दक्षिण तेहरान के एक स्टेडियम में हुआ था. ईरान के मीडिया का कहना है कि इस मैच में पुरुषों की टीम 7-0 से विजयी रही थी. लेकिन क्लब अकादमी के प्रमुख अलीरज़ा मंसूरियन का कहना है कि दोनों टीम कुछ ही देर के लिए एक दूसरे के सामने आईं. इससे पहले उनकी ट्रेनिंग अलग अलग हुई थी. उन्होंने कहा, "जाँच करने पर पता लगा कि ये घटना उस तरह नहीं हुई थी जिस तरह इसे पेश किया गया है." उन्होंने ज़ोर दिया कि क्लब नैतिक मूल्यों के लिए प्रतिबद्ध है. क्लब ने अपनी वेबसाइट पर घोषणा की कि महिला और युवा टीम के कोच समेत तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और उन पर जुर्माना भी किया गया है. प्रमुख फ़ुटबॉल खिलाड़ी रहे मंसूरियन पर भी जुर्माना किए जाने की ख़बर है. ख़बर मिली है कि ईरान की सरकारी खेल नियामक संस्था इस घटना की जाँच कर रही है जिसने खेलों में महिलाओं और पुरुषों के अलग अलग खेलने का नियम लागू किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'फ़ुटबॉल खिलाड़ियों ने शरण माँगी'10 दिसंबर, 2008 | खेल की दुनिया फ़ीफ़ा ने ईरान पर लगी पाबंदी हटाई17 दिसंबर, 2006 | खेल की दुनिया ईरान को फ़ीफ़ा ने निलंबित किया23 नवंबर, 2006 | खेल की दुनिया भारत ने जीता एएफ़सी फ़ुटबॉल कप13 अगस्त, 2008 | खेल की दुनिया और भी खेल हैं ज़माने में क्रिकेट के सिवा28 जून, 2008 | खेल की दुनिया फुटबॉल टीमों में विदेशी खिलाड़ी30 मई, 2008 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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