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फ़ीफ़ा ने ईरान पर लगी पाबंदी हटाई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल एसोसिएशन (फ़ीफ़ा) ने ईरान पर लगी पाबंदी हटा ली है. अब ईरान फ़ुटबॉल की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले पाएगा. देश के फ़ुटबॉल एसोसिएशन में ईरानी सरकार के ज़रूरत से ज़्यादा हस्तक्षेप के कारण फ़ीफ़ा ने ईरान को निलंबित किया था. हालाँकि दोहा में हाल ही में संपन्न हुए एशियाई खेलों के लिए ईरान पर से अस्थायी रूप से निलंबन हटाया गया था. लेकिन अब फ़ीफ़ा ने पाबंदी पूरी तरह हटा लेने का फ़ैसला किया है. अब ईरान एशिया कप के ड्रॉ में शामिल हो पाएगा. ईरान मौजूदा एशिया कप चैम्पियन है. हस्तक्षेप फ़ुटबॉल एसोसिएशनों पर सरकारों के हस्तक्षेप के ख़िलाफ़ फ़ीफ़ा के नियम काफ़ी सख़्त हैं. ईरान पर उस समय पाबंदी लगाई गई थी जब ईरानी फ़ुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद ददकान को निलंबित कर दिया गया था. ऐसा इसलिए किया गया था क्योंकि जर्मनी में हुए विश्व कप में ईरान ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था. ईरान से पाबंदी हटाने के लिए एशियाई फ़ुटबॉल परिसंघ के अध्यक्ष मोहम्मद बिन हम्माम ने काफ़ी कोशिश की थी. इस फ़ैसले के बाद फ़ीफ़ा के अध्यक्ष सेप ब्लैटर ने कहा, "मैं ईरान के राजनेताओं को धन्यवाद देता हूँ कि वे यह समझ पाए कि वह उनके देश के कामकाज में दख़ल नहीं दे रहे." उन्होंने कहा कि अगर आप फ़ीफ़ा में शामिल रहना चाहते हैं, तो आपको फ़ीफ़ा के नियम मानने पड़ेंगे अन्यथा आप अपने देश में ही सिमट कर रह सकते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें बांग्लादेश में भव्य स्वागत हुआ ज़िदान का09 नवंबर, 2006 | खेल इंग्लैंड टीम से बाहर हुए डेविड बेकम11 अगस्त, 2006 | खेल ज़िदान पर पाबंदी और जुर्माना20 जुलाई, 2006 | खेल ज़िदान ने गुस्से के लिए मांगी माफी12 जुलाई, 2006 | खेल ज़िदान का अपमान किया था: मैतरात्सी11 जुलाई, 2006 | खेल सोची नहीं थी ऐसी विदाई.....09 जुलाई, 2006 | खेल विश्व कप जीतने पर इटली में जश्न09 जुलाई, 2006 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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