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ज़िदान ने गुस्से के लिए मांगी माफी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ्रांस के फुटबॉल खिलाड़ी ज़िनेदिन ज़िदान ने विश्व कप फाइनल में इटली के ख़िलाड़ी मार्को मैतरात्सी को सिर से टक्कर मारने के लिए माफी मांगी है. मैतरात्सी पर हमले के कारण ज़िदान को फाइनल मैच में रेड कार्ड दिखाकर बाहर कर दिया गया था जिसके बाद फ्रांस पेनाल्टी शूट आउट में 5-3 से हार गई. फ्रांसीसी टेलीविज़न पर ज़िदान ने यह नहीं बताया कि मैतरात्सी ने उन्हें क्या कहा था लेकिन इतना ज़रुर बताया कि ये बात उनकी मां और बहन से जुड़ी हुई थीं. ज़िदान ने कहा " मैं उन सभी बच्चों से माफी मांगना चाहूंगा जो ये मैच देख रहे थे." ज़िदान के बयान के बाद मैतरात्सी ने कहा है कि उन्होंने ज़िदान की मां के बारे में कुछ नहीं कहा था. हालांकि इससे पहले मैतरात्सी मान चुके हैं कि फाइनल में उन्होंने ज़िदान का अपमान किया था. रविवार को मैतरात्सी ने कहा था कि उन्होंने ज़िदान से जो भी कहा उसका धर्म, जाति या राजनीति से जुडा नहीं था. ज़िदान के बयान के बाद मैतरात्सी ने कहा " मैंने ज़िदान की मां का अपमान नहीं किया. जब मैं 15 साल का था तो मेरी मां की मौत हुई थी. मैं अभी भी अपनी मां के बारे सोच कर भावुक हो जाता हुं." मैतरात्सी ने कहा " मुझे नहीं पता था कि ज़िदान की मां अस्पताल में है. ज़िदान मेरे हीरो रहे हैं और मैंने हमेशा उनका सम्मान किया है. " ज़िदान का इंटरव्यू
फाइनल के अतिरिक्त समय में ज़िदान और मैतरात्सी के झगड़े को मीडिया में विश्व कप फाइनल में इटली की जीत से भी अधिक जगह मिली थी और अब ज़िदान ने इस पर पहली बार कोई बयान दिया है. फ्रांसीसी टेलीविज़न पर ज़िदान ने मैतरात्सी से माफी मांगने से इंकार किया और न ही उन्हें सिर से टक्कर मारने पर अफसोस जताया. उन्होंने कहा " आप ऐसी बातें सुनते हैं और कोशिश करते हैं कि वहां से हट जाएं. मैं भी यही करना चाहता था. " ज़िदान ने कहा " मैं संन्यास ले रहा था. मैंने एक बार वो बात सुनी, दूसरी बार सुनी, तीसरी बार सुनी. मैंने वही किया जो मैं करना चाहता था. " ज़िदान का कहना था कि यह मैच दो अरब से अधिक लोग देख रहे थे. मैं साफ कर देना चाहूंगा कि मैंने जो किया वैसा नहीं करना चाहिए था.मैं माफी मांगता हूं सभी बच्चों से और लोगों से जो मैच देख रहे थे. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने व्यवहार पर अफसोस नहीं है क्योंकि अफसोस करने का अर्थ होगा कि मैतरात्सी ने जो कहा वो सही है और उन्हें ऐसा कहने का अधिकार है. इस घटना के बाद इस बात को लेकर कई अफवाहें थीं कि मैतरात्सी ने ज़िदान से क्या कहा होगा. कई दावे किए गए. किसी के अनुसार मैतरात्सी ने ज़िदान को " आतंकवादी" कहा था तो कई लोगों का मानना था कि उनकी मां के बारे में टिप्पणी की गई थी. |
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