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दूसरा दिन श्रीलंकाई बल्लेबाज़ों के नाम | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कोलंबो में चल रहे भारत-श्रीलंका टेस्ट मैच का दूसरा दिन श्रीलंकाई बल्लेबाज़ों के नाम रहा. तीन शतकों की बदौलत श्रीलंका ने दूसरे दिन चार विकेट के नुकसान पर 422 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. वर्णपुरा और जयवर्धने ने पहले दिन के स्कोर-दो विकेट के नुकसान पर 85 रन से आगे खेलना शुरु किया. वर्णपुरा ने अपने ख़तरनाक इरादे तो पहले दिन ही अर्धशतक बनाकर ज़ाहिर कर दिए थे. गुरुवार को उन्होंने ताबड़तोड़ तरीके से खेलना शुरु किया और देखते ही देखते शतक जड़ दिया. दूसरे छोर पर उनका पूरा साथ निभा रहे थे जयवर्धने. आईसीसी के नए नियमों के तहत भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली बार अंपायर के फ़ैसले को चुनौती दी. हरभजन सिंह की गेंद पर मलिंडा वर्णपुरा को एलबीडब्ल्यू आउट नहीं दिए जाने के बाद अनिल कुंबले ने नए नियमों के तहत ये चुनौती दी. हालांकि अंपायर के निर्णय को चुनौती देने का कोई फ़ायदा भारतीय टीम को नहीं मिला क्योंकि थर्ड अंपायर रूडी कोर्त्ज़ेन ने अंपायर के फ़ैसले को सही ठहराया और वर्णपुरा को आउट नहीं माना. वर्णपुरा आख़िरकर 61वें ओवर में 115 रन बनाकर हरभजन सिंह का ही शिकार बने. उन्होंने कुल 14 चौके लगाए. अपने पाँच टेस्ट मैचों के करियर में ये उनका दूसरा शतक था. जयवर्धने का कमाल
वर्णपुरा गए तो भारतीय टीम को लगा कि छुटकारा मिला लेकिन उनकी जगह आए समरवीरा ने भी आते ही रन जुटाना शुरु कर दिया. इस बीच जयवर्धने का रन जोड़ो अभियान जारी था और भारतीय गेंदबाज़ों के पास उनका कोई तोड़ नज़र नहीं आ रहा था. वैसे जयर्धने को दो जीवनदान भी मिले. 55 और फिर 93 के स्कोर पर दिनेश कार्तिक ने उनके कैच छोड़े.
ईशांत शर्मा की गेंद पर आउट होने से पहले जयवर्धने ने 10 चौकों और एक छक्के की मदद से 136 रन बनाए. कोलंबो के इस मैदान पर ये जयवर्धने का नौवां शतक था. इससे पहले केवन डॉन ब्रैडमैन ने ही एक ही मैदान (मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड) पर नौ शतक बनाए हैं. श्रीलंका की ओर से जैसे दो शतक काफ़ी नहीं थे तो समरवीरा ने भी दिन का खेल ख़त्म होने से पहले अपना शतक पूरा कर ही लिया. खेल पूरा होने से पहले वे नाबाद 111 रन बनाकर खेल रहे थे. साथ में थे दिलशान. भारतीय गेंदबाज़ों को दूसरे दिन कुछ ख़ास सफलता नहीं मिला पाई. भारत केवल दो ही विकेट चटका पाया और श्रीलंका ने रनों का अंबार भी लगा दिया. हरभजन और ईशांत शर्मा को एक-एक विकेट मिले. | इससे जुड़ी ख़बरें मेंडिस ही एकमात्र ख़तरा नहीं हैं: द्रविड़21 जुलाई, 2008 | खेल की दुनिया ट्वेन्टी-20 क्रिकेट का जिन्न19 जुलाई, 2008 | खेल की दुनिया 'इंग्लैंड दौरे में मैच स्थल नहीं बदलेंगे'16 जुलाई, 2008 | खेल की दुनिया 'मुरलीधरन पेश करेंगे असली चुनौती'17 जुलाई, 2008 | खेल की दुनिया टेस्ट रैंकिंग में भारत एक पायदान नीचे09 जुलाई, 2008 | खेल की दुनिया धोनी को छुट्टी, युवी की छुट्टी08 जुलाई, 2008 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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