|
'बादशाहों' की भिड़ंत दिल्ली डेयरडेविल्स से | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आईपीएल के पहले सेमीफ़ाइनल में आज डेल्ही डेयरडेविल्स का मुक़ाबला राजस्थान रॉयल्स से है. शेन वॉर्न का कहना है कि उनकी टीम का फ़ॉर्म बेहतर है. डेयरडेविल्स का सेमीफ़ाइनल में पहुंचना मुश्किल नज़र आ रहा था लेकिन अंकों के खेल में बाजी उसके हाथ लगी और ऐसा संभव हुआ राजस्थान रॉयल्स की मुंबई पर जीत से. अब डेयर डेविल्स के कप्तान वीरेंद्र सहवाग चाहेंगे कि राजस्थान की टीम को धूल चटाकर उस मंजिल की तरफ क़दम बढ़ा दें जिसे हासिल करने का सपना कुछ दिन पहले अधर में लटकता नजर आ रहा था. इससे पहले दोनों टीमें दो बार आपस में भिड़ चुकी हैं जिसमें पहले मैच में डेयरडेविल्स ने नौ विकेट से जीत दर्ज की थी जबकि दूसरे मैच में राजस्थान ने शेन वॉटसन की 74 रनों की शानदार पारी की बदौलत तीन विकेट से बाजी अपने नाम की थी. वॉर्न की चेतावनी अपने प्रतिद्वंद्वी पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाते हुए राजस्थान रॉयल्स के कप्तान शेन वॉर्न ने कहा है कि ट्वेंटी-ट्वेंटी में कोई भी टीम जीत सकती है लेकिन इस मुक़ाबले में उनकी टीम का फ़ॉर्म बेहतर है.
ऑस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर ने कहा कि दिल्ली के पास केवल दो-तीन मैच जिताऊ खिलाड़ी ही हैं. उन्होंने कहा, “इसके उलट हमारे पास ग्रेम स्मिथ, स्वप्निल असनोदकर, यूसुफ़ पठान, शेन वाटसन, रवींद्र जडेजा, सोहैल तनवीर और मुनाफ़ पटेल जैसे मैच जिताऊ खिलाड़ी हैं.” ज़्यादा नामी-गिरामी खिलाड़ियों के नहीं होने के बावजूद आईपीएल की बड़ी-बड़ी टीमों को मात देने वाली राजस्थान की टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है. जिन पर होगी नज़र अनेक विश्वस्तरीय खिलाड़ियों से सजी दिल्ली डेयरडेविल्स की सफलता की पटकथा मुख्य रूप से गौतम गंभीर ने अपनी शानदार बल्लेबाज़ी से लिखी है. राजस्थान रॉयल्स की ओर से ग्रेम स्मिथ ज़बर्दस्त फ़ॉर्म में हैं और वॉर्न के हमवतन शेन वाटसन बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रूख़ पलट सकते हैं.
आईपीएल की खोज माने जा रहे आक्रामक बल्लेबाज यूसुफ़ पठान ने भी नाज़ुक मौकों पर अपनी टीम की नैया पार कराने में मदद की है. युवा बल्लेबाज़ रवींद्र जडेजा और कामरान अकमल भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. दूसरी ओर दिल्ली की बल्लेबाजी मुख्य रूप से गौतम गंभीर और वीरेंदर सहवाग के इर्द-गिर्द घूमती है. इन दोनों के अलावा शिखर धवन ही ऐसे खिलाड़ी बन कर उभरे हैं जो दबाव में भी घबराते नहीं. सहवाग की सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि ऊपरी बल्लेबाज़ी क्रम सस्ते में पैवेलियन लौटने के बाद मध्यक्रम में कोई भी डट कर खेलने वाला खिलाड़ी नहीं है. टीम के अन्य खिलाड़ी शोएब मलिक, एबी डीविलियर्स, तिलकरत्ने दिलशान और दिनेश कार्तिक अपनी क्षमता के अनुरुप प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं. |
इससे जुड़ी ख़बरें दो अहम सिरीज़ में सचिन नहीं29 मई, 2008 | खेल की दुनिया पंजाब ने राजस्थान को 41 रनों से हराया28 मई, 2008 | खेल की दुनिया मुंबई का अभियान जीत के साथ ख़त्म28 मई, 2008 | खेल की दुनिया चेन्नई ने सेमीफ़ाइनल में जगह बनाई27 मई, 2008 | खेल की दुनिया दादा ने नाइट राइडर्स को जीत दिलाई25 मई, 2008 | खेल की दुनिया कार्तिक के अर्धशतक ने दिल्ली को जिताया24 मई, 2008 | खेल की दुनिया किंग्स इलेवन ने डेक्कन को हराया23 मई, 2008 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||