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फ़ाइनल में पहुँची भारतीय हॉकी टीम | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मेज़बान मलेशिया को 2-1 से हराकर भारतीय टीम ने अज़लान शाह हॉकी प्रतियोगिता के फ़ाइनल में जगह बना ली है. फ़ाइनल में भारत का मुक़ाबला अर्जेंटीना से होगा. बारह साल बाद भारतीय टीम इस प्रतियोगिता के फ़ाइनल में पहुँची है. भारत को फ़ाइनल में पहुँचने के लिए अपने आख़िरी लीग मैच में मलेशिया को हराना ज़रूरी था. क्योंकि अगर मैच ड्रॉ होता तो अंक के आधार पर भारत और पाकिस्तान की टीम बराबर होती और गोल अंतर के आधार पर पाकिस्तान की टीम फ़ाइनल में पहुँच जाती. लेकिन भारतीय टीम ने ऐसा होने नहीं दिया. भारतीय टीम ने जीत दर्ज की और फ़ाइनल में जगह बनाई. इस जीत के साथ भारतीय टीम ने छह मैचों में 12 अंक हासिल किए. फ़ाइनल में पहुँचने के लिए भारत और पाकिस्तान में कड़ी टक्कर थी. क्योंकि अर्जेंटीना ने पहले ही फ़ाइनल में जगह बना ली थी. भारत ने गुरुवार को एक अहम मैच में पाकिस्तान को 2-1 से हराया था. पाकिस्तान पर जीत के साथ ही भारत के फ़ाइनल में पहुँचने की उम्मीद बनी हुई थी. भारत, पाकिस्तान और अर्जेंटीना के अलावा इस प्रतियोगिता में मलेशिया, न्यूज़ीलैंड, बेल्जियम और कनाडा की टीमें भी हिस्सा ले रही थी. मैच भारत की ओर से पहला गोल शिवेंद्र सिंह ने नौवें मिनट में किया. दूसरा गोल 10वें मिनट में ही हो गया. भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला. पहला पेनल्टी कॉर्नर गोल में तब्दील नहीं हो सका. लेकिन उसी पर दूसरा पेनल्टी कॉर्नर मिल गया और फिर उसी पर पेनल्टी शॉट मिल गया. संदीप सिंह ने दूसरा गोल दागा. मैच के आख़िरी क्षण में मलेशिया की ओर से मोहम्मद अमीन रहीम ने गोल किया. भारतीय टीम के कोच एके बंसल ने बीबीसी से कहा, "पूरे मैच में ज़्यादातर समय हमारी टीम हावी रही. दूसरे हाफ़ में मलेशिया ने काफ़ी दबाव बनाया लेकिन वे एक ही गोल कर सके वो भी पेनल्टी कार्नर से." अर्जंटीना से फ़ाइनल के बारे में उन्होंने कहा, "अर्जेंटीना की टीम बहुत मज़बूत है और उन्होंने अभी तक एक मैच में भी हार का सामना नहीं किया है. हमारी टीम भी पूल मैच में अर्जेंटीना से हार चुकी है. लेकिन तब टीम की मनोबल दूसरा था." उन्होंने कहा, "अब लगातार चार जीत के बाद हमारी टीम के हौसले भी काफ़ी बुलंद हैं और मुझे लगता है कि फ़ाइनल में बराबरी का मुक़ाबला होगा." भारतीय हॉकी फ़ेडरेशन को भंग कर बनी तदर्थ समिति के अध्यक्ष असलम शेर खाँ से बीबीसी ने जब पूछा कि ऐसा क्या हो गया है कि टीम एक के बाद एक जीत रही है, तो उन्होंने कहा, "मैं समझता हूँ कि पहले जो मानसिकता थी उससे अब टीम निकली है और अब खिलाड़ियों को लग रहा है कि टीम को जिताना उन्हीं की ज़िम्मेदारी है और इसका नतीजा आ रहा है." उन्होंने इस जीत और फ़ाइनल में पहुँचने का मतलब पूछने पर कहा, "इस जीत से भारत में लोगों को बड़ी राहत मिली होगी क्योंकि जो लोग ये सवाल पूछ रहे थे कि भारत में हॉकी की रिकवरी कैसे होगी उन्हें जवाब मिल गया होगा." | इससे जुड़ी ख़बरें भारत ने पाकिस्तान को धूल चटाई15 मई, 2008 | खेल की दुनिया गिल गए, हॉकी फ़ेडरेशन भंग28 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया पहले खेलमंत्री तो जवान बनाइए जनाब..26 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया हॉकी-फ़ुटबॉल प्राथमिकता सूची में23 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया ज्योतिकुमारन का विवाद संसद में22 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया एक गिल को दूसरे गिल से गिला22 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया विश्व कप की मेज़बानी जाने का ख़तरा31 मार्च, 2008 | खेल की दुनिया भारतीय हॉकी का वनवास14 मार्च, 2008 | खेल की दुनिया इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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