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आईपीएल और क्रिकेट बोर्डों का टकराव | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने जब ज़ी समूह के इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) को चुनौती देने के लिए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की घोषणा की थी, तो इसका अंदाज़ा नहीं था कि कई देशों के क्रिकेट बोर्ड इसे किस रूप में लेंगे. सबसे बड़ी चिंता ये थी कि जिन खिलाड़ियों को आईपीएल के लिए साइन किया गया है, वे अपने देश के लिए अंतरराष्ट्रीय मैचों में कैसे खेल पाएँगे या फिर ये कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) आईपीएल के लिए कार्यक्रमों में कोई फेरबदल करेगा या नहीं. इस बार तो आईसीसी ने ऐसा नहीं किया है लेकिन इस प्रतियोगिता की सफलता पर शायद ये निर्भर करे कि अगले साल आईसीसी इसमें कोई छूट देने को राज़ी हो जाए. इंग्लैंड में काउंटी चैम्पियनशिप से सीधे टकराव के कारण इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने अपने खिलाड़ियों को आईपीएल में जाने से मना कर दिया. क्योंकि काउंटी के साथ-साथ उसी समय इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड का भी मुक़ाबला होना है. डिमित्री मैस्करान्हैस को छोड़कर इंग्लैंड का कोई भी खिलाड़ी आईपीएल में नहीं गया है. हालाँकि ईसीबी पर इसके लिए दबाव बन रहा है. लेकिन अभी तक ईसीबी ने अपने रुख़ में कोई नरमी नहीं दिखाई है. बातचीत ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड से भी बीसीसीआई ने आईपीएल को लेकर कई बार बातचीत की. ऑस्ट्रेलियाई बोर्ड को भी अपने अंतरराष्ट्रीय मैचों की चिंता थी. साथ ही उसे प्रायोजकों को लेकर भी चिंता थी कि कहीं उसके प्रायोजक और आईपीएल के प्रायोजकों के बीच टकराव ना हों. ऑस्ट्रेलियाई बोर्ड को ये भी चिंता थी कि आईपीएल के कारण कहीं उसके खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मैचों से ना दूर भागें. लेकिन आख़िरकार बीसीसीआई और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में समझौता हो गया और आईपीएल के लिए ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी उपलब्ध हो सके. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में दूसरी तरह की स्थिति थी. बोर्ड ने जिन खिलाड़ियों को अनुबंध नहीं दिए थे, उन्होंने पहले ही ज़ी समूह के इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) से नाता जोड़ लिया था. चूँकि ये पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अनुबंध से नहीं जुड़े थे, बोर्ड ने उन खिलाड़ियों पर कोई आपत्ति नहीं की. बाद में आईपीएल में उसने खिलाड़ियों को जाने को मंज़ूरी दे दी. इसी तरह वेस्टइंडीज़ क्रिकेट बोर्ड और न्यूज़ीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने भी खिलाड़ियों के आईपीएल में जाने को लेकर आपत्ति तो जताई लेकिन उनकी आपत्ति आईपीएल के असर को लेकर थी ना कि किसी टकराव के कारण. |
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