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प्रतिबंध को चुनौती देंगे शोएब | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर ने कहा है कि यदि ज़रुरी हुआ तो वे अपने ऊपर लगाए गए प्रतिबंध को चुनौती देने के लिए अदालत जाएँगे. मंगलवार को 32 वर्षीय शोएब अख़्तर पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने रावलपिंडी में एक सुनवाई के बाद गेंदबाज़ शोएब अख़्तर पर पाँच साल का प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला किया था. उन पर सार्वजनिक रुप से पीसीबी की निंदा करने और कई अनुशासनों का उल्लंघन करने का आरोप था. इस सज़ा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बुधवार को शोएब अख़्तर ने कहा, "यदि बोर्ड मेरी अपील नामंज़ूर कर देता है तो मैं न्याय के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाऊँगा." उन्होंने कहा, "मुझे व्यक्तिगत रुप से उत्पीड़ित किया जा रहा है. मैंने किसी का ख़ून नहीं किया तो फिर इतनी सख़्त सज़ा क्यों?" उनका कहना था, "दुनिया में किसी भी क्रिकेट खिलाड़ी पर इस तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है." उन्होंने कहा कि यदि वे अनुशासन का उल्लंघन कर रहे थे तो उन्हें इस बारे में सूचित किया जाना चाहिए था. पाकिस्तान टीम के पूर्व कप्तान इमरान ख़ान ने शोएब अख़्तर का पक्ष लेते हुए कहा है कि बोर्ड ने उनके साथ बहुत सख़्त बर्ताव किया है. उधर पाकिस्तान के खेल मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने भी पीसीबी से अपील की है कि वह अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे. पैसे का लालच शोएब अख़्तर ने कहा है कि उन्हें ख़राब खेलने के लिए पैसा देने का लालच दिया गया था लेकिन उन्होंने इसे कभी स्वीकार नहीं किया. उन्होंने कहा, "मुझे जोहानसबर्ग और भारत में ऐसा करने को कहा गया लेकिन मैंने इसे कभी स्वीकार नहीं किया क्योंकि मैं अपने देश को दगा नहीं दे सकता था." शोएब अख़्तर ने कहा कि पिछले साल जब भारत से पाकिस्तान टेस्ट और वनडे सिरीज़ हार गया था तो उन्हें बलि का बकरा बनाया गया था. उन्होंने अपने अनुबंध के मसले पर भी पीसीबी पर आरोप लगाए. विवादित करियर
शोएब अख़्तर को नई अनुबंध नीति के तहत सूची से ही निकाल दिया गया था जबकि कनेरिया को बी श्रेणी से सी श्रेणी में भेज दिया गया था. शोएब पर लगे पाँच साल के प्रतिबंध के तहत पाकिस्तान के घरेलू मैच तो आते हैं लेकिन भारतीय प्रीमियर लीग इस पाबंदी के दायरे से बाहर है. 32 वर्षीय शोएब अख़्तर का करियर हमेशी ही विवादों से घिरा रहा है. एक क्रिकेट दौर के दौरान गेंद से छेड़छाड़ और नियमों के उल्लंघन के लिए उन पर प्रतिबंध भी लगाया गया था. अक्तूबर 2006 में हुए एक परीक्षण में उन पर प्रतिबंधित दवा लेने का आरोप लगा और उनके खेलने पर रोक लगा गई थी लेकिन बाद में एक अपील में इस रोक को हटा लिया गया. फिर टवेन्टी-20 विश्व कप से पहले शोएब और उनके साथी मोहम्मद आसिफ़ के बीच झड़प हुई थी. इसके बाद शोएब पर 13 अंतरराष्ट्रीय मैचों का प्रतिबंध लगाया गया. शोएब ने 46 टेस्ट मैचों में 178 विकेटें और 138 वनडे मैचों में 219 विकेट लिए हैं. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा है कि शोएब को अपील करने का अधिकार है. दानिश कनेरिया के बारे में उनका कहना था कि चूँकि ये उनकी पहली अनुशासनिक ग़लती है तो उन्हें फटकार लगाकर छोड़ दिया गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें शोएब पर पाँच साल का प्रतिबंध लगा01 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया 'भारत को भारत में हराना चाहता हूँ'31 अक्तूबर, 2007 | खेल की दुनिया शोएब की पाकिस्तान टीम में वापसी27 अक्तूबर, 2007 | खेल की दुनिया शोएब पर पाबंदी, साथ में जुर्माना भी11 अक्तूबर, 2007 | खेल की दुनिया शोएब अख्तर को चुप रहने की हिदायत10 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया पाकिस्तानी क्रिकेटर आपस में भिड़े07 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया शिविर छोड़ने पर शोएब पर जुर्माना09 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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