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डालमिया गिरफ़्तार, ज़मानत पर छूटे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया को हेराफेरी के मामले में बुधवार को गिरफ़्तारी के फ़ौरन बाद ज़मानत पर रिहा कर दिया गया. समाचार एजेंसी पीटीआई ने डालमिया के वकील सतीश मानेशिंदे के हवाले से ख़बर दी है कि डालमिया को 25 हज़ार के निजी मुचलके पर ज़मानत मिली है. उनके दूसरे वकील राजेंद्र शिरोडकर ने समाचार चैनलों से कहा है कि दो साल पहले उच्च न्यायालय से मिली अग्रिम ज़मानत के आधार पर ही पुलिस ने उन्हें तत्काल रिहा किया. मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने अदालत में इस मामले का आरोपपत्र दाख़िल करने से पहले डालमिया को तलब किया था. सोमवार को मुंबई पुलिस ने डालमिया पर क्रिकेट बोर्ड में अपने कार्यकाल के दौरान हेराफेरी का आरोप लगाया था. उन पर आरोप है कि वर्ष 1996 के विश्व कप के दौरान उन्होंने टूर्नामेंट के एक ख़ाते से काफ़ी पैसे अपने निजी कार्यों पर ख़र्च कर दिया. मुंबई के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (अपराध) राकेश मारिया ने समाचार एजेंसियों से कहा था कि पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा बुधवार को एक स्थानीय अदालत में डालमिया के अलावा उनके सहयोगी गौतम दत्ता और केएम चौधरी के ख़िलाफ़ आरोपपत्र दाख़िल करेगी. बीसीसीआई ने मार्च, 2006 में डालमिया पर यह आरोप तब लगाया था जब केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने बीसीसीआई की गवर्निंग बॉडी का अध्यक्ष पद संभाला था. डालमिया कहते रहे हैं ये आरोप उनके 'प्रतिद्वंद्वियों के गेम प्लान' का हिस्सा हैं, जबकि वर्तमान अध्यक्ष शरद पवार कह रहे हैं कि यह कार्रवाई बदले की भावना से नहीं की गई है. |
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