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सोमवार, 10 मार्च, 2008 को 09:37 GMT तक के समाचार
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हॉकी टीम ओलंपिक से बाहर
भारतीय टीम के खिलाड़ी
ओलंपिक इतिहास में पहली बार भारत को क्वालीफ़ाइंग दौर से गुजरना पड़ा था
ओलंपिक हॉकी क्वालीफ़ाइंग मुक़ाबले में ब्रिटेन से हारने के बाद भारतीय टीम के प्रमुख कोच कारवाल्हो ने इस्तीफ़ा देने की घोषणा की है.

भारतीय हॉकी फ़ेडरेशन के उपाध्यक्ष नरेंद्र बत्रा ने भी इस्तीफ़ा दे दिया है.

उधर समाचार एजेंसियों के अनुसार भारतीय हॉकी फ़ेडरेशन के अध्यक्ष केपीएस गिल ने अपने इस्तीफ़े की माँग को ख़ारिज किया है. हालांकि कई पूर्व खिलाड़ियों ने उनकी और फ़ेडरेशन की आलोचना की है.

प्रमुख कोच जे कारवाल्हो ने भारतीय टीम की हार के लिए टीम के औसत से भी कम प्रदर्शन और कुछ गंभीर चूकों को ज़िम्मेदार ठहराया है.

भारतीय टीम ब्रिटेन की टीम से 0-2 से हारी और पिछले 80 साल में पहली बार हुआ कि भारतीय टीम ओलंपिक क्वालीफ़ायर से ही बाहर हो गई. भारत अब बीजिंग ओलंपिक में नहीं खेल पाएगा.

'क्षमता का 50 प्रतिशत दिया'

 हमने अपनी क्षमता का महज़ 50 प्रतिशत ही दिया. खेल के पहले ही मिनट में हमने बचाव में एक मूर्खतापूर्ण ग़लती की जिसकी वजह से हमें गोल झेलना पड़ा. इसी तरह दूसरी ग़लती के कारण हमें दूसरा गोल भुगतना पड़ा
मुख्य कोच कारवाल्हो

मैच के बाद कारवाल्हो ने कहा, "हमने अपनी क्षमता का महज़ 50 प्रतिशत ही दिया. खेल के पहले ही मिनट में हमने बचाव में एक मूर्खतापूर्ण ग़लती की जिसकी वजह से हमें गोल झेलना पड़ा. इसी तरह दूसरी ग़लती के कारण हमें दूसरा गोल भुगतना पड़ा."

उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं था कि ब्रिटेन की टीम ने उम्दा खेल का प्रदर्शन किया, बल्कि भारत ने ख़राब खेल के कारण ब्रिटेन को जीत दिलाई.

उन्होंने कहा, "हमने मौक़े का फ़ायदा नहीं उठाया. हमारी पेनल्टी कॉर्नर ड्रिल भी ख़राब थी. यदि हमने इसे एक गोल में भी बदल लिया होता तो इससे टीम का हौसला बढ़ता."

भारतीय टीम की हार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व ओलंपिक खिलाड़ी परगट सिंह ने मीडिया को बताया, "यह एक ऐसा नतीजा है जिसकी किसी ने कभी उम्मीद नहीं की थी. भारतीय हॉकी टीम की स्थिति तब ही सुधरेगी जब उसे हॉकी जानने वाले चलाएँगे."

फ़ेडरेशन का तरीका ग़लत

 यह एक ऐसा नतीज़ा है जिसकी किसी ने कभी उम्मीद नहीं की थी. भारतीय हॉकी टीम की स्थिति तब ही सुधरेगी जब उसे हॉकी जानने वाले चलाएँगे
पूर्व कोच परगट सिंह

हॉकी टीम के पूर्व कोच राजेंद्र सिंह ने हॉकी फ़ेडरेशन पर अपना निशाना साधते हुए कहा, "इस हार की ज़िम्मेदारी फ़ेडरेशन की है. फ़ेडरेशन के सचिव का काम करने का तरीका ग़लत है."

हॉकी के पूर्व ओलंपिक खिलाड़ी जगबीर सिंह ने कहा, "ऐसा क्यों हैं कि लोगों को राष्ट्रीय टीम की याद तभी आती है जब टीम बुरी तरह हारती है. हॉकी के खेल के स्तर में सुधार के लिए ज़मीनी स्तर पर निवेश करने की ज़रूरत है."

पूर्व हॉकी खिलाड़ी जलालुद्दीन ने सवाल उठाया कि भारतीय टीम की इस शर्मनाक हार पर भारतीय हॉकी फ़ेडरेशन के प्रमुख केपीएस गिल की कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई.

उधर हॉकी फ़ेडरेशन के प्रमुख केपीएस गिल ने अपने इस्तीफ़े की माँग को ख़ारिज किया है.

मीडिया में आ रही रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कहा, "हम इन चीज़ों पर अपनी प्रतिक्रिया बाद में देंगे. हमारे पास कोई कॉफ़ी मशीन नहीं है जिससे तुरंत-फुरंत नतीजे सामने आ जाएँ. हमने चीज़ों को व्यवस्थित किया और जिसका नतीज़ा आने में कुछ वक्त लगेगा."

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