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अपने आप से जूझ रहे हैं युवराज | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भले ही भारतीय टीम ने क्रिकेट के मैदान पर कई बार अपना दमख़म दिखाया हो लेकिन इस समय टीम जिस बात को लेकर सबसे ज़्यादा चिंतित है- वो है उप कप्तान युवराज सिंह का ख़राब फ़ॉर्म. युवराज सिंह ख़ुद भी अपने प्रदर्शन से काफ़ी निराश हैं और इसमें सुधार के लिए वे कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाह रहे. नेट्स में घंटों अभ्यास, सीनियर्स की सलाह और मन शांत रखने के लिए बॉलीवुड फ़िल्म- युवराज हर कोशिश कर रहे हैं. और तो और उनकी माँ शबनम पिछले आठ दिनों से ऑस्ट्रेलिया में हैं. यानी उन्हें भावनात्मक सहयोग भी मिल रहा है. लेकिन सवाल वही है- कब भारतीय टीम का युवराज मैदान पर अपना जौहर दिखाएगा. पिछली पाँच टेस्ट पारियों में युवराज का स्कोर रहा- 2, 0, 5, 12 और 0. जबकि एक दिवसीय मैचों में उनका स्कोर रहा- 2, 3 और छह. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर युवराज सिंह ने टेस्ट या वनडे में 100 गेंदों का भी सामना नहीं किया है. युवराज की इस मुश्किल में अब उन्हें टिप देने सामने आए हैं ख़ुद मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर. सचिन ने युवराज को बल्ले पर ग्रिप बदलने की सलाह दी है ताकि बल्ले पर उनका ज़्यादा नियंत्रण हो सके और गेंद हवा में नहीं उछले. सचिन का मानना है कि युवराज हर गेंद को बाउंसर समझ की भूल कर रहे हैं. विरोधी गेंदबाज़ भी उन्हें शॉर्ट पिच गेंद करके परेशानी में डाल रहे हैं. इस कारण युवराज सिंह हमेशा बैक फ़ुट पर आ जाते हैं. उन्हें फ़्रंट फ़ुट पर आने में देर हो रही है और इस कारण उन्हें अपने शॉट्स पर नियंत्रण भी नहीं हो रहा है. पुराने दिन तेंदुलकर ने युवराज को ट्वेन्टी 20 विश्व कप की वो पारी याद दिलाई जिसमें उन्होंने एक ओवर में छह छक्के मारे थे. इनमें से पाँच छक्के उन्होंने फ्रंट फ़ुट पर आकर मारे थे. और तो और युवराज की वो पारी दक्षिण अफ़्रीका की तेज़ पिच पर थी ना कि घरेलू मैदान पर.
तेंदुलकर ने युवराज को नेट्स पर ज़्यादा गेंदबाज़ी करने की भी सलाह दी है ताकि उन्हें ऑस्ट्रेलिया की विकेटों का अंदाज़ा मिल सके. भारत का अगला मैच एडीलेड में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ है. सिरीज़ में चुनौती को देखते हुए अब भारत के बाक़ी सभी मैच काफ़ी अहम हैं और इसमें युवराज का प्रदर्शन भी मायने रखेगा. अभी तक तो साथी खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन की ओर से युवराज पर सवाल नहीं उठाए गए हैं. लेकिन अगर ऐसा ही चलता रहा तो युवराज का बचाव करना मुश्किल होगा. क्योंकि राहुल द्रविड़ को इससे कम नाकामी पर ही टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया और गांगुली को हटाने के पीछे फ़ील्डिंग का तर्क दिया गया. इसलिए रविवार 17 फरवरी को होने वाला मैच भारत के लिए ही नहीं युवराज सिंह के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण है. |
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