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थोड़ा निराश और थोड़ा ख़ुश हूँ: कुंबले | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ऑस्ट्रेलिया में चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ में अंतिम मैच ड्रॉ रहा और भारतीय टीम को शृंखला में 2-1 से पराजय हाथ लगी है. एडिलेड टेस्ट के ख़त्म होने के बाद खेल पत्रकार सुनंदन लेले ने भारतीय टीम के कप्तान अनिल कुंबले से विशेष बातचीत की. टेस्ट सिरीज़ ख़त्म हो गई है, भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा है, कप्तान के रूप में आप क्या महसूस कर रहे हैं? थोड़ी निराशा है लेकिन हमारी टीम यहाँ आकर जिस तरह से खेली है उसकी थोड़ी खुशी भी है. पहले मैच के लिए हम लोग इतने तैयार नहीं थे, हमें यहाँ के वातावरण में ढलने के लिए बहुत समय नहीं मिला था. उसके बाद हमने जो क्रिकेट खेला है मुझे उस पर नाज़ है. परिणाम भले ही 2-1 रहा हो लेकिन सिडनी में भी मुक़ाबला कड़ा था, अगर हम पाँच-सात मिनट और खेल लेते तो सिरीज़ का नतीजा ड्रॉ होता. अगर अब मुड़कर देखें तो मैं कह सकता हूँ कि हमारे टीम ने बेहतरीन क्रिकेट का प्रदर्शन किया. लोगों को टीम से इस तरह के प्रदर्शन की उम्मीद नहीं थी, क्या इस सिरीज़ के बाद आपको लगता है कि भारतीय टीम एक बेहतर टीम के रूप में उभरकर सामने आई है? हाँ, बिल्कुल, ख़ास तौर से जब आप ऑस्ट्रेलिया के साथ खेलते हैं तो आपको अपना बेहतरीन खेल दिखाना होता है ताकि आप उन्हें हरा सकें. हमारी टीम ने जैसे क्रिकेट का प्रदर्शन किया है, कप्तान के तौर पर मुझे ऐसे ही खेल की उम्मीद थी. लोगों की उम्मीद शायद ऐसी रही हो कि हम 4-0 से सिरीज़ हार जाएँगे, अगर बारिश ने बचा दिया तो शायद 3-0 होगा लेकिन ऐसा नहीं है, मुझे अपनी टीम से पूरी उम्मीद थी. सीनियर खिलाड़ियों के बारे में लोग अक्सर कहते हैं कि उनकी उम्र हो गई है, अब उन्हें रिटायर हो जाना चाहिए मगर इस बार तो उन्होंने ही कमाल कर दिखाया है, क्या कहेंगे आप? सारे सीनियर खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया बल्कि जूनियर खिलाड़ी जो पहली बार ऑस्ट्रेलिया का दौरा कर रहे हैं उन्होंने भी बढ़िया खेल दिखाया है. सब खिलाड़ियों ने मिलकर अच्छा प्रदर्शन किया, अनुभव काफ़ी अहम होता है जब आप ऑस्ट्रेलिया का दौरा करते हैं. वर्ष 2004 में हम यहाँ से सिरीज़ ड्रॉ करके लौटे थे और उसी आत्मविश्वास के साथ वापस आए थे. इंशात शर्मा इस सिरीज़ में जिस तरह उभरे हैं क्या आप उसे एक कामयाबी और उपलब्धि मानते हैं? 19 साल का एक लड़का भारत से आकर अपने पहले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर इतना अच्छा प्रदर्शन करता है तो यह देश के लिए और भविष्य के लिए सौभाग्य की बात है. क्या आपको लगता है कि यहाँ से टीम आगे ही जाएगी, भविष्य के मैचों को लेकर आश्वस्त हैं? हाँ, बिल्कुल. रिकी पॉन्टिंग ने कहा कि हमारी टीम नंबर टू टीम है. हम जैसा खेल रहे हैं, इस पूरे साल हम कई टेस्ट मैच खेलने वाले हैं, हमारे खिलाड़ी जितने अच्छे और जो हमारे घायल खिलाड़ी हैं वे ठीक होकर टीम में लौट आएँ तो हम एक साल में नंबर वन टीम बन सकते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें कुंबले की अस्वस्थता बड़ा झटका: द्रविड़22 मई, 2007 | खेल की दुनिया वर्ल्ड कप के बाद रिटायर होंगे कुंबले?25 फ़रवरी, 2007 | खेल की दुनिया रैंकिंग में कुंबले पाँचवें स्थान पर पहुँचे22 दिसंबर, 2006 | खेल की दुनिया कई दिग्गजों ने लिया संन्यास29 अप्रैल, 2007 | खेल की दुनिया भारत की सबसे बड़ी टेस्ट जीत27 मई, 2007 | खेल की दुनिया विश्व कप क्रिकेट के कुछ रिकॉर्ड04 मार्च, 2007 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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