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स्वभाव से भी 'गंभीर' हैं गौतम | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
टीम इंडिया के चमकते सितारे बन चुके गौतम गंभीर नाम के मुताबिक़ स्वभाव से भी गंभीर हैं और बचपन से ही क्रिकेट बैट के दीवाने रहे हैं. हाल में हुए ट्वेंटी-20 विश्वकप में 26 वर्षीय गौतम की बल्लेबाज़ी भारतीय टीम की जान बनी, और विश्वविजेता आस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ खेले गए मैच में उन्हें मैन ऑफ़ मैच का ख़िताब भी मिला था. गौतम एक नाती से ज्यादा अपनी नानी के बेटे हैं. पेश है उनकी नानी माँ के साथ सूफ़िया शानी की ख़ास बातचीत. कैसा लग रहा है आपको गौतम को इस मुका़म पर देखकर? बहुत खुशी होती है और मेरी खुशी तब और दुगनी हो जाती है जब दूसरे लोग भी उसकी खुशी में शामिल होते है. कितना बदलाव देखती हैं आप नन्हे गौतम में और गौतम गंभीर में? मुझे तो कोई बदलाव नज़र नहीं आता उसमें मैं शुक्रगुज़ार हूँ ऊपर वाले की कि उसने गौतम को घमंड और नखरों से दूर रखा हैं. हो सकता है मेरे इस नज़रिए में ममता नज़र आए. लेकिन दूसरे और परिवार के लोगों का भी यही कहना है कि गौतम अब भी ज़मीन पर है.
गौतम खेल में ही 'गंभीर' है या पढ़ाई में भी 'गंभीर' रहे हैं ? क्रिकेट क्लब में भेजने से पहले मेरी शर्त ही यही थी गौतम से, कि तुम पढाई पर पूरा ध्यान दोगे. और गौतम कई क्लासों में फ़र्स्ट डिविज़न आया. गौतम की सबसे अच्छी बात क्या लगती है आपको? उसका भोलापन--वह दिल में कुछ रखता नहीं है. बल्कि ख़ास बात यह है कि वह कभी झूठ नहीं बोलता. नन्हें गौतम की कोई शरारत याद है आपको ? बचपन में उसकी एक ही शरारत थी कि वह सब बच्चों के बैट छीन लिया करता था. और जब वह अपने खेलने के लिए बैट मांगता था तो उसे कपड़े धोने वाली थापी दे दी जाती थी. गौतम हक़ीकत में "गंभीर" है या सिर्फ़ नाम के ही गंभीर हैं ? नहीं वह वास्तव में गंभीर है. न वह बचपन में ज्यादा शरारत करता था न अब ज्यादा बात करता है. बल्कि शर्मीले टाइप का है. क्रिकेट के अलावा और क्या शौक़ है गौतम के? क्रिकेट के बाद उसे संगीत से बहुत लगाव है. जब फ़ुर्सत में होता है तब या तो पुराने गाने सुनता है या जगजीत सिंह की ग़ज़लें. आपको क्या कहकर बुलाते हैं गौतम? वह मुझे नानी मम्मी कहता है और हम सब उसे गौती कहते है. नानी और कहानी का गहरा रिश्ता है आपसे किस तरह की कहनी सुनने की डिमांड करते थे नन्हे गौतम? गौती को चिड़िया की या राजा रानी की कहानी पंसद नहीं थी. बल्कि वह शिवाजी या भगतसिंह की कहानी सुनना पंसद करता था. आज भी वह देशभक्ति के गानों का इतना दीवाना है कि कितनी ही जल्दी हो अगर देशभक्ति का गीत आ रहा हो तो रुक कर सुनता ज़रूर है.
गौतम का दिया हुआ सबसे प्यारा तोहफ़ा आपको क्या लगता है? मेरे लिए तो वही अनमोल तोहफ़ा है. वैसे मुझे उसने बहुत सुंदर घड़ी दी है जो वह हमेशा मेरी कलाई में बंधा देखना चाहता है. हर दादी और नानी की तमन्ना होती है कि नाती-पोते का सेहरा देखे....आपकी यह तमन्ना कब पूरी कर रहे हैं गौतम? वैसे तो गौतम नाती कम बेटा ज्यादा है. तो इन दोनों ही रिश्तों से मेरी दिली इच्छा है उसे दूल्हा बना देखने की. लेकिन गौतम का कहना है कि अभी तो मेरे करियर की शुरुआत है.... मुझे अभी काफी खेलना है. गौतम को नानी के हाथ की बनी कौन सी चीज़ सबसे ज़्यादा पसंद है? वैसे तो वह हर चीज़ बड़े चाव से खाता है...लेकिन मेरे हाथ के बने राजमा-चावल और कढ़ी-चावल उसे बेहद पसंद हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें ट्वेंटी-20 टीम में सचिन, सौरभ नहीं07 जुलाई, 2007 | खेल की दुनिया 'कामयाबी इतनी बड़ी, अब हुआ अहसास'26 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया हरभजन टेस्ट टीम में वापस, गंभीर बाहर14 नवंबर, 2007 | खेल की दुनिया चंडीगढ़ वनडे में गंभीर का खेलना संदिग्ध07 अक्तूबर, 2007 | खेल की दुनिया 'बल्ले से जवाब दे सकता हूँ'25 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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