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भारत पर भारी रही ऑस्ट्रेलियाई टीम | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बुधवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में एक तनावपूर्ण और रोमांचक मैच के साथ ही भारत-ऑस्ट्रेलिया की एकदिवसीय मैचों की सिरीज़ ख़त्म हो गई है. जहाँ तक सिरीज़ का सवाल है तो ऑस्ट्रेलिया ने उसे पहले ही जीत लिया था और इस लिहाज़ से आख़िरी मैच का नतीजा सिरीज़ के नतीजे पर असर नहीं डालने वाला था. सात मैचों के सिरीज़ पर ऑस्ट्रेलिया ने 4-2 से जीत दर्ज करते हुए जता दिया कि भारतीय टीम ने ट्वेंटी-20 विश्वचैंपियनशिप भले ही जीत ली हो, असली विश्वविजेता वही हैं. सिरीज़ का पहला मैच बारिश में धुल गया था और इसके चलते सिरीज़ वास्तव में छह मैचों की ही रह गई थी. ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर एंड्र्यू साइमंड्स को मैन ऑफ़ द सिरीज़ चुना गया. विजेता की तरह भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए छह एक दिवसीय मैचों को देखें तो साफ़ झलकता है कि ऑस्ट्रेलिया अभी भी विजेता की तरह खेलती है.
ऑस्ट्रेलिया ने कुल चार मैच जीते. नागपुर में हुए छठें मैच में हुए 18 रनों की जीत को छोड़ दें तो बाक़ी तीनों मैचों में ऑस्ट्रेलिया ने आसानी से जीत हासिल की. बल्कि वड़ोदरा में तो उसने नौ विकेट से भारत को हराया. वहीं भारत ने अपनी दोनों जीत रोमांचक मैचों में हासिल की. यानी संघर्ष करते हुए. चंडीगढ़ वाला मैच आठ रनों से जीते तो मुंबई वाला आख़िरी मैच दो विकेटों से. भारतीय दर्शकों को अपनी टीम के प्रदर्शनों से निराशा ज़रूर हुई लेकिन उन्होंने अच्छा क्रिकेट देखा. इस पूरी सिरीज़ के दौरान यह कयास लगाए जाते रहे कि सचिन, सौरव और द्रविड़ की उपयोगिता टीम में है या नहीं. रिकी पोंटिंग और महेंद्र सिंह धोनी के बीच मीडिया के ज़रिए चलने वाले वाकयुद्ध ने भी सिरीज़ को रोचक बनाए रखा. हालांकि दर्शकों को अब पाकिस्तान के साथ होने वाली सिरीज़ का बेसब्री से इंतज़ार होगा. आख़िरी मैच बुधवार को मुंबई वानखेड़े स्टेडियम में हुए वनडे सिरीज़ के आख़िरी मैच में तनाव और रोमांच के बीच भारत ने ऑस्ट्रेलिया को दो विकेट से हरा दिया.
एक ओर भारत के सामने जीत के लिए 51 रन बनाने की चुनौती थी और दूसरी ओर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों का सामना करने के लिए भारत के दो गेंदबाज़ बल्ला संभाले खड़े हुए थे. हर गेंद के साथ तनाव बढ़ता जा रहा था और साथ में रोमांच भी. किसी भी समय मैच किसी भी पक्ष में पलट सकता था. लेकिन ज़हीर ख़ान और मुरली कार्तिक ने मिलकर भारत को जीत दिलाने में सफलता पाई. ज़हीर ख़ान ने 31 रन बनाए और मुरली कार्तिक ने 21 रन बनाए. इससे पहले मुरली कार्तिक ने दस ओवरों में 27 रन देकर छह विकेट लिए थे. ऑस्ट्रेलिया ने भारत के सामने 194 रनों का लक्ष्य रखा था जिसे भारत ने आठ विकेट खोकर 45वें ओवर में हासिल कर लिया. आउट होने वाले आखिरी बल्लेबाज़ रहे हरभजन सिंह. उन्हें 19 रन के निजी योग पर जॉनसन ने पोंटिंग के हाथों कैच कराया. इससे पहले सातवें बल्लेबाज़ के रूप में आउट होने वाले उथप्पा ने दो छक्कों और चार चौकों की मदद से टीम के सर्वाधिक 47 रन बनाए. उन्हें 32 वें ओवर में माइकल क्लार्क ने एलबीडब्लू आउट किया. उथप्पा और हरभजन के बीच 65 रन की बढ़िया साझेदारी हुई थी. इरफ़ान पठान छठें विकेट के रूप में 19वें ओवर में होप्स की गेंद पर क्लार्क ने हाथों आउट हुए थे. उस वक्त टीम का स्कोर 64 रन था. पांचवें विकेट के रूप में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 18वें ओवर में पांच रन के निजी स्कोर पर आउट हो गए थे. युवराज ने 15 रन बनाए थे. उन्हें एन ब्रेकन की गेंद पर गिलक्रिस्ट ने विकेटों के पीछे लपका. वह आउट होने वाले चौथे बल्लेबाज़ थे. उस समय टीम का स्कोर 14वें ओवर में 49 रन था. इससे पहले तीसरे विकेट के रूप में सचिन तेंदुलकर आउट हुए थे. उन्हें 11 वें ओवर में ब्रेटली ने क्लीन बोल्ड किया था. सचिन ने चार चौकों की मदद से 36 गेंदों पर 21 रन बनाए थे. पारी की शुरआत में ही सौरव गांगुली दूसरे ओवर में और दिनेश कार्तिक चौथे ओवर में बिना खाता खोले जानसन की गेंद पर गिलक्रिस्ट के हाथों कैच हो गए थे. आस्ट्रेलियाई पारी भारत ने मुरली कार्तिक की बेहतरीन गेंदबाजी (27/6) की बदौलत ऑस्ट्रेलिया को 42वें ओवर में 193 रन पर समेट दिया था. कार्तिक की स्पिन का जादू मेहमान टीम के बल्लेबाज़ों के सिर चढ़कर बोला. कार्तिक ने ब्रैड हॉज, एंड्रयू साइमंड्स, ब्रैड हैडिन, जेम्स होप्स, ब्रैड हॉग, और ब्रेट ली के विकेट झटके. उन्होंने 10 ओवरों में अपने कोटे के तीन ओवर मेडन फेंकते हुए 27 रन देकर छह विकेट झटके थे. कार्तिक ने 32वें ओवर में तीन विकेट लिए. पहली गेंद पर उन्होंने ब्रैड हैडिन के एलबीडब्ल्यू आउट किया. चौथी गेंद पर ब्रैड हॉग को रॉबिन उथप्पा ने लपका और इसकी अगली ही गेंद पर ब्रेट ली गली में आरपी सिंह के हाथों कैच हुए.
इससे पूर्व, मेहमान टीम की शुरुआत बेहद ख़राब हुई और अनफिट मैथ्यू हेडन की जगह पारी की शुरुआत के लिए उतरे माइकल क्लार्क पहली ही गेंद पर आउट हो गए. क्लार्क को ज़हीर ख़ान ने एलबीडब्ल्यू आउट किया. इसके बाद एडम गिलक्रिस्ट और पोंटिंग के बीच अच्छी साझेदारी हुई और दोनो ने दूसरे विकेट के लिए 60 रन जोड़े. गिलक्रिस्ट को इरफ़ान पठान ने थर्ड मैन पर हरभजन सिंह के हाथों कैच कराया. गिलक्रिस्ट ने 26 गेंदों पर चार चौकों की मदद ने 19 रन बनाए. उनका विकेट 60 के योग पर गिरा. ऑस्ट्रेलिया को पाँचवां झटका रिकी पोंटिंग के रूप में लगा था. पोंटिंग ने शानदार बल्लेबाज़ी की और हरभजन सिंह की गेंद पर चौका जड़कर अपना अर्धशतक पूरा किया. इस दौरान उन्होंने नौ चौके लगाए. पोटिंग का एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में यह 63वाँ अर्धशतक है. भारत की ओर से कार्तिक ने छह, आरपी सिंह ने दो और ज़हीर खान और पठान ने एक-एक विकेट लिया. ऑस्ट्रेलिया का दसवां विकेट ब्रेकन के रूप में गिरा. ब्रेकन को तीन रन के निजी योग पर आरपी सिंह की गेंद पर हरभजन ने लपका. | इससे जुड़ी ख़बरें तनाव और रोमांच के बीच भारत जीता17 अक्तूबर, 2007 | खेल की दुनिया वनडे सिरीज़ ऑस्ट्रेलिया की झोली में14 अक्तूबर, 2007 | खेल की दुनिया 'साइमंड्स के ख़िलाफ़ नस्लवादी टिप्पणी'12 अक्तूबर, 2007 | खेल की दुनिया ऑस्ट्रेलिया से बुरी तरह पिटा भारत11 अक्तूबर, 2007 | खेल की दुनिया भारत हारा, ऑस्ट्रेलिया 2-0 से आगे05 अक्तूबर, 2007 | खेल की दुनिया ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 84 रन से हराया02 अक्तूबर, 2007 | खेल की दुनिया बंगलौर वनडे मैच बारिश की भेंट चढ़ा29 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया टक्कर दो विश्व चैंपियनों के बीच29 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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