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ऑस्ट्रेलिया से बुरी तरह पिटा भारत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ऑस्ट्रेलिया ने वडोदरा वनडे में भारत को नौ विकेट से हराकर सात मैचों की सिरीज़ में 3-1 से बढ़त हासिल कर ली है. भारतीय टीम ने सिर्फ़ 148 रन बनाए थे. ऑस्ट्रेलिया ने जीत के लिए आवश्यक रन सिर्फ़ 25.5 ओवर में एक विकेट के नुक़सान पर ही हासिल कर लिया. एडम गिलक्रिस्ट ने 79 रन बनाए और नाबाद रहे. जबकि कप्तान रिकी पोंटिंग 39 रन पर नाबाद रहे. भारतीय कप्तान ने प्रयोग के तौर पर एक छोर पर स्पिन गेंदबाज़ी से शुरूआत कराई. लेकिन उसका कोई ख़ास असर नहीं देखने को मिला. हालाँकि रन धीमी गति से बन रही थी लेकिन विकेट नहीं गिर रहे थे. आख़िरकार मैथ्यू हेडन तेज़ गेंदबाज़ आरपी सिंह की गेंद पर आउट हुए. हेडन ने 29 रन बनाए. इससे पहले भारत ने मात्र 148 रन ही बनाए थे. भारत की पूरी पारी 40वें ओवर में ही इस मामूली स्कोर पर सिमट गई थी. 29 ओवरों में भारत ने सिर्फ़ 107 रन बनाए थे और उसके नौ खिलाड़ी आउट हो चुके थे. आख़िरी विकेट की साझेदारी में ज़हीर ख़ान और आरपीसिंह ने मिलकर 41 रन जोड़े. ऑस्ट्रेलिया का ओर से मिचेल जॉनसन ने शानदार गेंदबाज़ी की और 10 ओवरों में 26 रन देकर पाँच विकेट लिए. विकेट कीपर गिलक्रिस्ट ने और भी शानदार प्रदर्शन करते हुए छह विकेट लपके. भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का निर्णय लिया था. ऑस्ट्रेलिया के साथ सात वन डे मैचों की सीरिज़ में ऑस्ट्रेलिया 2-1 से आगे है जबकि एक मैच बारिश के कारण बेनतीजा रहा था. भारत की ख़राब शुरुआत भारत ने पहले ही ओवर में दो विकेट खो दिए थे इसके बाद चौथे ओवर में तीसरा और सातवें ओवर में चौथा विकेट गिर चुका था. जब चौथा विकेट गिरा तब टीम का स्कोर था 33 रन और पाँचवा विकेट 43 रनों के स्कोर पर गिरा.
भारत को पहले ही ओवर में दो झटके लगे. सौरभ रन आउट हुए तो द्रविड़ एलबीडब्लू. जो पाँच रन भारत के खाते में तब तक थे वे अतिरिक्त रनों के थे. ब्रेट ली की चौथी गेंद पर सौरव रन लेना चाहते थे और वे आधी दूरी पार भी कर चुके थे लेकिन सचिन ने कुछ क़दम बढ़ाने के बाद उन्हें लौटने का इशारा किया लेकिन वे क्रीज़ तक पहुँच ही नहीं सके और हॉग के थ्रो पर गिलक्रिस्ट ने स्टंप उड़ाने में कोई ग़लती नहीं की. इसके बाद आए द्रविड़ पहली ही गेंद में एलबीडब्लू आउट हो गए. सचिन के साथ युवराज सिंह दबाव में आगे खेलना शुरु किया. लेकिन चौथे ओवर में जॉनसन की गेंद पर एक ख़राब शॉट लगाते हुए युवराज सिंह विकेटकीपर गिलक्रिस्ट को कैच थमा बैठे. इसके बाद रॉबिन उथप्पा सचिन के साथ पारी कों संभालने आए. दोनों के बीच अभी 21 रनों की पार्टनरशिप ही हुई थी कि उथप्पा एलबीडब्लू आउट हो गए. सातवें ओवर की पहली गेंद पर जॉनसन ने भारत का चौथा विकेट झटक लिया. इसके बाद मैदान पर आए कप्तान धोनी से उम्मीदें थीं लेकिन दसवें ओवर की तीसरी गेंद पर जॉनसन की गेंद पर वे भी गिलक्रिस्ट को कैच थमा बैठे. वे टीम के लिए चार रन ही जुटा सके. साझेदारी धोनी के आउट होने के बाद इरफ़ान पठान मैदान में आए. पठान ने सचिन के साथ मिलकर भारतीय पारी को संभालने की कोशिश की और धीमी गति से रन बनाते हुए टीम का स्कोर 92 रनों तक पहुँचाया. लेकिन 26वें ओवर में ब्रेट ली की गेंद पर सचिन को एक बार फिर गिलक्रिस्ट ने लपक लिया. सचिन ने 47 रन बनाए.
इसके अगले ही ओवर में हरभजन सिंह को हॉग की गेंद पर ब्रैकेन ने कैच आउट कर दिया. क्रिज़ पर टिके अपने हीरो पठान पर वडोदरा के दर्शकों की नज़र थी लेकिन जॉनसन की गेंद ने फिर कमाल दिखाया और पठान के बल्ले से लगती हुई गेंद एक बार फिर गिलक्रिस्ट के हाथों में चली गई. तब तक पठान 26 रन जोड़ सके थे. पठान और सचिन ने मिलकर टीम के लिए 49 रन जोड़े. अभी भारतीय टीम आठवें विकेट के झटके से उबरी नहीं थी कि 29वें ओवर में जॉनसन की गेंद ने मुरली कार्तिक को शिकार बनाया. गिलक्रिस्ट ने एक बार फिर विकेट के पीछें कैच लपका. भारतीय पारी को संभालने वाली और अच्छी कही जा सकने वाली साझेदारी अंतिम जोड़ी ज़हीर ख़ान और आरपी सिंह ने निभाई. दोनों ने 10 ओवर तक पिच पर रहे और टीम के लिए 41 रन जोड़े. ज़हीर ख़ान ने 28 महत्वपूर्ण रन बनाए जिसमें दो छक्के शामिल थे. आरपी सिंह ने 12 नाबाद रन बनाए. यह मैच मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का 400 वाँ एकदिवसीय मैच था. इसके साथ ही वे इतने एकदिवसीय मैच खेलने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी हो गए हैं. इससे पहले श्रीलंका के सनत जयसूर्या एकमात्र ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने 400 वनडे मैच खेले हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें संन्यास की बात मेरे दिमाग में नहीं:सचिन07 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया भारतीय क्रिकेट कप्तान के बारे में फ़ैसला18 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया भारतीय क्रिकेट सुरक्षित हाथों में है: सचिन25 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया 'वरिष्ठ खिलाड़ियों की जगह पक्की नहीं'06 अक्तूबर, 2007 | खेल की दुनिया चंडीगढ़ में भारत पर चौतरफ़ा दबाव07 अक्तूबर, 2007 | खेल की दुनिया 'सीनियर खिलाड़ियों की टीम को ज़रूरत'08 अक्तूबर, 2007 | खेल की दुनिया रोमांचक मैच में भारत आठ रन से जीता08 अक्तूबर, 2007 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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