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मरियन जोंस ने ओलंपिक पदक लौटाए | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका की ओलंपिक चैंम्पियन एथलीट मरियन जोंस ने शक्तिवर्धक दवाओं के सेवन की बात स्वीकार करते हुए अपने ओलंपिक पदक लौटा दिए हैं. साथ ही उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए दो वर्ष के प्रतिबंध को भी स्वीकार कर लिया है. मरियन जोंस ने अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार करते हुए पिछले सप्ताह शुक्रवार को खेलों से संन्यास ले लिया है. पिछले दिनों जाँच के दौरान जोंस ने अपना प्रदर्शन सुधारने के लिए शक्तिवर्धक दवाएँ लेने की बात स्वीकार की थी और अपनी इस ग़लती को भी माना था कि उन्होंने अमरीकी जाँचकर्ताओं को पूछताछ के दौरान झूठी जानकारी दी. जोंस पर 2004 में हुए सिडनी ओलंपिक से पहले शक्तिवर्धक दवाएँ लेने का आरोप लगा था. इस ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने तीन स्वर्ण समेत पाँच पदक अपने नाम किए. अमरीकी अदालत में दिए बयान में अब मरियन जोंस ने माना है कि उन्होंने सितंबर 2000 से जुलाई 2001 के बीच शक्तिवर्धक दवाओं का सेवन किया था. जोंस का कहना है कि उन्होंने खाने में एक तरह के तेल 'फ्लैक्सीड ऑयल' का सेवन किया था. डोपिंग मामलों में इसे शक्तिवर्धक दवा 'द क्लीयर' कहा जाता है. जोन्स पर लगे इस आरोप के साबित होने के बाद अब उनको जेल भी जाना पड़ सकता है और इस बारे में अदालत उन्हें सज़ा सुना सकती है. | इससे जुड़ी ख़बरें जोंस ने एथलेटिक्स को अलविदा कहा06 अक्तूबर, 2007 | खेल की दुनिया भारत ने डोपिंग के ख़िलाफ़ संधि स्वीकारी02 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया नहीं छूट रहा डोपिंग का दाग़15 जुलाई, 2007 | खेल की दुनिया विकलांग एथलीट पिस्टोरियस का जलवा25 अप्रैल, 2007 | खेल की दुनिया टायसन ने 100 मीटर की दौड़ जीती26 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया अंजू नहीं बचा पाईं कांस्य पदक11 अगस्त, 2005 | खेल की दुनिया गैट्लिन के हिस्से में एक और ख़िताब 08 अगस्त, 2005 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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