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भारत के लिए 'करो या मरो' का मुक़ाबला | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंग्लैंड के ख़िलाफ़ सात वनडे मैचों की सिरीज़ में 1-3 से पिछड़ रहे भारत के पास लीड्स में रविवार को होने वाले पाँचवें वनडे में वापसी का आख़िरी मौका है. मेजबान टीम जहाँ इस मुक़ाबले को जीतकर सिरीज़ का फ़ैसला करने के मज़बूत इरादे के साथ मैदान में उतरेगी, वहीं बल्लेबाज़ों के निराशाजनक प्रदर्शन और ख़राब फ़ील्डिंग के कारण तीन वनडे में शिकस्त झेल चुकी भारतीय टीम पर सिरीज़ में बराबरी हासिल करने का ज़बरदस्त दबाव है. वैसे भी इंग्लैंड को घरेलू जमीन पर वनडे सिरीज़ जीते तीन साल से भी अधिक लंबा वक्त हो गया है और वह अपने प्रशंसकों को जीत का नायाब तोहफ़ा देने में कोई कोर-कसर नहीं रखना चाहेगी. यह भी संयोग ही है कि इंग्लैंड ने पिछली बार घर में वनडे सिरीज़ सितंबर 2004 में जीती थी और तब भी उनका मुक़ाबला भारतीय टीम से था. पलड़ा भारी इंग्लैंड की सबसे बड़ी ताक़त टीम में खेल रहे युवा खिलाड़ी हैं और सिर्फ़ कप्तान पॉल कॉलिंगवुड ही 30 साल से अधिक उम्र के हैं. ओल्ड ट्रैफ़र्ड में भी जीत का सेहरा टीम के दो सबसे युवा खिलाड़ियों क्रिस ब्रॉड और रवि बोपारा के सिर बंधा था. दोनो ने आठवें विकेट के लिए 99 रन की अविजित साझेदारी कर टीम को जीत दिलाकर ही दम लिया था. कॉलिंगवुड कहते हैं, "तीन मैच जीतना अच्छी उपलब्धि है, लेकिन अभी लंबा फासला तय करना है. सिरीज़ जीतने के लिए हमें एक ही मैच की दरकार है, लेकिन हम अंतिम तीन मुक़ाबले जीतना चाहते हैं." परेशानी भारत की परेशानी उसके बल्लेबाज़ों का अनियमित प्रदर्शन है. ख़ासकर टेस्ट मैचों में बतौर ओपनर अच्छा प्रदर्शन कर चुके विकेटकीपर बल्लेबाज़ दिनेश कार्तिक का बल्ला वनडे सिरीज़ में अब तक रूठा हुआ है. बायें हाथ के तेज़ गेंदबाज़ ज़हीर ख़ान की फिटनेस भी कप्तान राहुल द्रविड़ की चिंता का कारण बनी हुई है. ओल्ड ट्रैफ़र्ड में ज़हीर अपना टखना चोटिल करा बैठे थे. हालाँकि उनके एकादश के बारे में अंतिम फ़ैसला टॉस से ठीक पहले ही हो सकेगा. ज़हीर अभ्यास सत्र में तो आए, लेकिन उन्होंने नेट पर गेंदबाज़ी नहीं की. सौरभ गांगुली को भी हल्का बुख़ार है और उन्होंने भी अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया. लेकिन कप्तान द्रविड़ का कहना है कि गांगुली मैच के लिए फिट हो जाएँगे. द्रविड़ ने 'करो या मरो' के इस मुक़ाबले के लिए अपने खिलाड़ियों से खेल का स्तर उठाने के लिए कहा है. कप्तान ने मैच की पूर्व संध्या पर आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "हमने टीम की बैठक में अपने ऊर्जा स्तर और प्रदर्शन के बारे में चर्चा की है. पिछले मैच में जब इंग्लैंड लक्ष्य से 25-30 रन दूर था तो हम इस स्तर को कायम नहीं रख सके थे." भारतीय टीम राहुल द्रविड़ (कप्तान), महेंद्र सिंह धोनी (उप कप्तान), सचिन तेंदुलकर, सौरभ गांगुली, युवराज सिंह, रमेश पवार, दिनेश कार्तिक, आरपी सिंह, ज़हीर ख़ान, अजित अगरकर, मुनफ़ पटेल और पीयूष चावला इंग्लैंड की टीम पॉल कॉलिंगवुड (कप्तान), एलेस्टर कुक, मैट प्रॉयर, केविन पीटरसन, इयन बेल, एंड्रयू फ़्लिंटफ़, रवि बोपारा, ओवैस शाह, क्रिस ट्रैमलेट, स्टुअर्ट ब्रॉड, जेम्स एंडरसन, और मोंटी पनेसर | इससे जुड़ी ख़बरें इंग्लैंड ने चौथे वनडे में भारत को हराया30 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया 'विकेटों के बीच दौड़ सुधारनी होगी'23 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया क्रिकेट बोर्ड ने हटाया कपिलदेव को21 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया पहले वनडे में बुरी तरह हारा भारत21 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया रज़्ज़ाक़ का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास20 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया दो नैना और एक कहानी....20 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया 'स्टार खिलाड़ी' आईसीएल में चमकेंगे20 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया भज्जी को भविष्य सँवरने की उम्मीद19 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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