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इक्कीस साल बाद भारत ने सिरीज़ जीती | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और इंग्लैंड के बीच ओवल में खेला गया तीसरा और आख़िरी टेस्ट तो ड्रॉ हो गया लेकिन 21 साल बाद भारत ने टेस्ट सिरीज़ में इंग्लैंड को इंग्लैंड की धरती पर हराने में सफलता पाई. तीसरे टेस्ट में जीत हासिल करने के लिए इंग्लैंड को 500 रनों का लक्ष्य मिला था लेकिन इंग्लैंड की टीम मैच के आख़िरी दिन छह विकेट के नुक़सान पर 369 रन ही बना पाई. अनिल कुंबले को बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन के कारण मैन ऑफ़ द मैच चुना गया. जबकि मैन ऑफ़ द सिरीज़ चुने गए भारत के ज़हीर ख़ान और इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन. तीन टेस्ट मैचों की सिरीज़ भारत ने 1-0 से जीती. लॉर्ड्स में खेला गया पहला टेस्ट मैच ड्रॉ रहा था हालाँकि उस मैच में इंग्लैंड की टीम जीत के क़रीब थी. लेकिन नॉटिंघम में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में भारत ने शानदार वापसी की और इंग्लैंड को हराकर सिरीज़ में शानदार वापसी की. ओवल में खेला गया तीसरा और आख़िरी टेस्ट मैच ड्रॉ ख़त्म हुआ. तीसरे टेस्ट मैच में जीत हासिल करने के लिए भारत ने इंग्लैंड के सामने 500 रनों का लक्ष्य रखा था. लेकिन टेस्ट के आख़िरी दिन इंग्लैंड की टीम ये लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई. दूसरी ओर इस टेस्ट की पहली पारी में 664 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करने वाली भारतीय टीम जीत हासिल नहीं कर पाई. हालाँकि दूसरी पारी में उसने इंग्लैंड के छह विकेट गिरा दिए थे. 'फ़ॉलोऑन नहीं' इस टेस्ट मैच में पहली पारी के आधार पर 319 रनों की बढ़त हासिल करने के बावजूद भारत ने इंग्लैंड को फ़ॉलोऑन नहीं कराया. इस फ़ैसले पर भी सवाल उठ रहे हैं.
क्योंकि दूसरी पारी में जल्दी-जल्दी तीन विकेट गँवाने के कारण भारतीय टीम पर दबाव बढ़ गया. हालाँकि उनके पास 319 रनों की बढ़त हासिल थी. भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी में छह विकेट पर 180 रन बनाकर पारी समाप्त घोषित कर दी. पहली पारी में 345 रन बनाने वाले इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 500 रनों का लक्ष्य था. इंग्लैंड ने संभल कर खेलना शुरू किया. शुरू से ही वे टेस्ट ड्रॉ कराने के लिए खेलते रहे. टेस्ट के पाँचवें दिन सुबह दो विकेट जल्दी-जल्दी गिराकर भारत ने दबाव तो बनाया लेकिन उसके बाद कप्तान माइकल वॉन और केविन पीटरसन ने इंग्लैंड की पारी को संभाल लिया.
वॉन के 42 रन बनाकर आउट होने के बाद पीटरसन ने मोर्चा संभाला. उन्होंने अपने टेस्ट जीवन का 10वाँ शतक भी बनाया लेकिन उनकी भूमिका भी मैच बचाने की रही. जीत के लिए इंग्लैंड ने कोशिश नहीं की. इयन बेल ने 67 और पॉल कॉलिंगवुड ने 40 रन बनाए. एलेस्टर कुक ने भी 43 रनों का योगदान दिया. जबकि एंड्रयू स्ट्रॉस ने 32 रन बनाए. इस टेस्ट में भारत की ओर से अनिल कुंबले ने बल्ले और गेंद दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन किया. कुंबले ने इस टेस्ट मैच में अपना पहला शतक लगाया और कुल पाँच विकेट भी लिए. | इससे जुड़ी ख़बरें इंग्लैंड को पहला झटका, स्ट्रॉस आउट10 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया लालू उतरे आईसीएल के लिए 'बैटिंग' करने09 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया शिविर छोड़ने पर शोएब पर जुर्माना09 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया ओवल में भारत मज़बूत स्थिति में09 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया 'किसी और से जुड़े तो नहीं मिलेंगे फ़ायदे'08 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया धोनी ट्वेंटी-20 विश्वकप में भारत के कप्तान07 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया श्रीसंत पर प्रतिबंध लगे: एथर्टन06 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया ओवल टेस्ट: इंग्लैंड टीम में बदलाव नहीं05 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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