|
श्रीसंत पर प्रतिबंध लगे: एथर्टन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल एथर्टन का कहना है कि दूसरे टेस्ट के दौरान केविन पीटरसन पर 'बीमर' फेंकने के लिए भारतीय तेज़ गेंदबाज़ श्रीसंत पर एक मैच के लिए प्रतिबंध लगा देना चाहिए. ब्रिटेन के अख़बार संडे टेलीग्राफ़ में लिखे कॉलम में एथर्टन ने कहा कि क्रिकेट में ‘बीमर’ के लिए कोई जगह नहीं है और खेल भावना को बनाए रखने के लिए श्रीसंत को ओवल में नौ अगस्त से होने वाले तीसरे टेस्ट मैच में नहीं खिलाना चाहिए. श्रीसंत ने ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में पीटरसन पर 'बीमर' फेंकने के अलावा पॉल कोलिंगवुड को एक ऐसी गेंद डाली थी जिसे फेंकते समय उनका अगला पांव क्रीज से लगभग दो फुट आगे निकल आया था. उल्लेखनीय है कि बीमर ऐसी गेंद है जो बिना टप्पा खाए सीधे बल्लेबाज़ के शरीर की ओर आती है और कई बार बल्लेबाज़ ऐसी गेंदों से चोट खा जाते हैं. इसके अलावा श्रीसंत इंग्लैंड के कप्तान माइकल वॉन से जान बूझकर जा टकराए थे जिसके लिए उन्हें मैच फीस का आधा हिस्सा बतौर जुर्माना देना पड़ा था. एर्थटन ने 'बीमर' फेंकने को गंभीर अपराध बताते हुए भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ से अपील की है कि वो तीसरे टेस्ट से श्रीसंत को बाहर रखकर एक मिसाल पेश करें. एथर्टन ने कहा, '' मैच रेफ़री रंजन मदुगले इस मसले पर चुप रहे इसलिए द्रविड़ को उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए.'' एथर्टन ने कहा कि केवल श्रीसंत ही जानते है कि उन्होंने बीमर जानबूझकर फेंका था या नहीं लेकिन उनकी गेंदबाज़ी पूरी तरह से खेल भावना के विपरीत थी. हालांकि श्रीसंत ने इसके तुरंत बाद पीटरसन से माफ़ी मांगी थी लेकिन एथर्टन इससे संतुष्ट नहीं हैं. उनका कहना था, '' मुझे लगता है कि माफ़ी का कोई मतलब नहीं है. उससे बहुत बड़ा नुक़सान हो सकता था. इसके अलावा मांफ़ी मांगने का अर्थ यह नहीं है कि व्यक्ति अपनी हरकत के प्रति गंभीर है.'' | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीसंत को देना होगा जुर्माना30 जुलाई, 2007 | खेल की दुनिया अपनी छाप छोड़ने को तैयार श्रीसंत19 जुलाई, 2007 | खेल की दुनिया संघर्ष से क्या घबराना: श्रीसंत15 मार्च, 2007 | खेल की दुनिया श्रीसंत पर आईसीसी ने जुर्माना लगाया 18 दिसंबर, 2006 | खेल की दुनिया खिलाड़ियों ने जेलीबीन नहीं फेंकी: वॉन01 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया ओवल टेस्ट: इंग्लैंड टीम में बदलाव नहीं05 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||