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भारत में फ़ॉर्मूला वन रेसिंग का रास्ता साफ़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय ओलंपिक संघ का कहना है कि वर्ष 2009 से दिल्ली में फ़ॉर्मूला वन रेसिंग का आयोजन किया जाएगा, बशर्ते आयोजन स्थल को मंज़ूरी मिल जाए. भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी ने गुरुवार को बताया कि फ़ॉर्मूला वन के प्रमुख बर्नी एकलस्टन ने पत्र भेज कर वर्ष 2009 में फॉर्मूला वन ग्राँ प्री दिल्ली में कराने की अनुमति दी है. कलमाडी ने कहा कि समझौता अभी पहले चरण में है और रेसिंग स्थल को फ़ॉर्मूला वन की मंज़ूरी मिलने के बाद ही ग्राँ प्री का आयोजन होगा. ग़ौरतलब है कि दिल्ली में अभी फ़ॉर्मूला वन रेसिंग कराने के लिए ट्रैक उपलब्ध नहीं है. उनका कहना था, "इस संबंध में बर्नी एकलस्टन की चिट्ठी हमें मिल गई है. आईओए रेस का प्रोमोटोर होगा और पहली रेस वर्ष 2009 में आयोजित की जाएगी." कलमाडी ने कहा कि 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के लिए धन जुटाने के लिए आईओए ने फ़ॉर्मूला वन रेस आयोजित करान का फ़ैसला किया है. उनका कहना था कि आईओए की कार्यकारिणी ने इस फ़ैसले को अपनी मंज़ूरी दे दी है. एक सीज़न में फ़ॉर्मूला वन ग्राँ प्री का आयोजन कई देशों में होता है लेकिन भारत में पहली बार इस तरह की रेस आयोजित होगी. हालाँकि अभी तक भारत में फ़ॉर्मूला वन रेसिंग के लायक ट्रैक तैयार नहीं है. आंध्र प्रदेश में इस तरह का ट्रैक बनाने की कोशिश हो रही है. इस बारे में कलमाडी का कहना था, "हम दिल्ली के आस-पास रेसिंग कराने की योजना बना रहे हैं और ट्रैक तैयार करने के लिए ज़मीन देख रहे हैं." 2005 सीज़न में जॉर्डन की टीम की ओर से नारायण कार्तिकेयन ने जब फ़ॉर्मूला वन की पटरी पर कार दौड़ाई थी, तभी एकलेस्टोन ने कहा था कि भारत में मोटर स्पोर्ट्स का भविष्य उज्ज्वल है. दरअसल एफ-वन ट्रैक पर कार्तिकेयन के आने के बाद भारत में इस खेल की लोकप्रियता बढ़ी है. |
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